एचआईवी वायरस से ज्यादा खतरनाक है सिगरेट का धुंआ

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 21, 2016
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • सिगरेट का धुंआ एचआईवी वायरस से ज्यादा खतरनाक।
  • ध्रुमपान से एड्स मरीजों की कम हो जाती है छह साल की जिंदगी।
  • ध्रुमपान को ना कह कर सकते है जीने की क्षमता में सुधार।

वो लोग जो एचआईवी पॉजिटिव हैं, उनके लिए सिगरेट का धुंआ एचआईवी वायरस से भी अधिक खतरनाक है। एचआईवी वायरस की तुलना में सिगरेट एचआईवी पॉजिटिव लोगों को अधिक नुकसान पहुंचाता है और उनमें जीने की क्षमता को कम करता है। खतरनाक सिगरेट के धुंए पर यह शोध हाल ही में "जर्नल ऑफ इन्फेक्शियस डीज़िज" में प्रकाशित हुई है।


इस शोध की सदस्य कृष्णा पी. रेड्डी ( मैसाचुसेट्स जनरल अस्पताल और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की एमडी हैं।)  कहती हैं कि, एक इंसान जो एचआईवी से पीड़ित है और एचआईवी मेडीसिन लेने के साथ ही स्मोक भी करता है, वह एचआईवी के बजाय स्मोकिंग संबंधी बीमारी से पहले मरता है। अध्ययन से पता चलता है कि धूम्रपान बंद कर देने से एचआईवी पॉजिटिव इंसान अपने जीने की क्षमता में काफी हद तक सुधार कर सकते हैं।

अन्य बीमारी होने का खतरा ज्यादा

इसी को विस्तार से बताते हुए कृष्णा कहती हैं कि, "अब एचआईवी-स्पेसफिक मेडीसिन्स भी वायरस से लड़ने में अधिक कारगर हैं। इन दवाईयों के अलावा एचआीवी पॉजिटिव कपल्स जो अन्य उपाय भी अपनाते हैं वो भी उनकी जीवन स्तर में सुधार करने में मदद करते हैं। जबकि एचआईवी पॉजीटिव इंसान जब स्मोक करता है तो उसमें दिल की बीमारी, कैंसर, गंभीर तरह के फेफड़ों की बीमारी और अन्य संक्रमण होने का खतरा, स्वस्थ इंसान की तुलना में अधिक बढ़ जाता है।

 

ध्रुमपान से कम हो जाती है छह साल की जिंदगी

40 साल की उम्र से अधिक के वे पुरुष और महिला जो एचआईवी ट्रीटमेंट लेते हैं और ध्रुमपान भी करते हैं, उनमें ध्रुमपान ना करने वाले एचआईवी पॉजिटिव लोगों की तुलना में जिंदगी के 6.7 और 6.3 साल कम हो जाते हैं। अगर इसी उम्र के समूह के लोग ध्रुमपान करना छोड़ देते हैं तो उनके जिंदगी में 5.7 और 4.6 साल की बढ़ोतरी हो जाती है। यहां तक की 60 साल का एचआईवी पीड़ित मरीज (पुरुष और महिला दोनों) ध्रुमपान बंद कर अपनी जिंदगी में दो साल की बढ़ोतरी कर सकते हैं।


निष्कर्ष - अगर 10 - 25 फीसदी एचआईवी-इंफेक्टेड स्मोकर्स अपनी इस आदत को छोड़ते हैं तो जीवन प्रत्याशा में लगभग एक चौथाई मिलियन वर्ष की बढ़ोतरी हो जाएगी।

 

Read more articles on HIV in hindi.

Write a Review
Is it Helpful Article?YES1325 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर