चार विटामिन जो बचाएंगे मधुमेह से

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 23, 2013
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मधुमेह की समस्या तब शुरु होती है जब व्यक्ति के रक्त में शुगर की मात्रा सामान्य से ज्यादा हो जाती है। हर साल लाखों लोग इस बीमारी की चपेट में आते हैं। अगर सही समय पर इस पर ध्यान ना दिया जाए या इसे नियंत्रित करने की कोशिश ना की जाए,  तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

 

char vitamin jo bachainege madhumeh seडायबिटीज से व्यक्ति के शरीर के अन्य हिस्सों पर असर पड़ता है। आंखों की रोशनी, हृदय रोग, किडनी फेल होना आदि जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कई शोधों व अध्ययन के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया है कि कुछ निश्चित विटामिन को अपने आहार में शामिल करने से आप मधुमेह को नियंत्रण में रख सकते हैं।

 

[इसे भी पढ़ें: मधुमेह से लड़ने के प्रकृतिक तरीके]

 

विटामिन 'डी'

ऑस्ट्रेलिया में किए गए एक शोध में विटामिन-डी की कमी के कारण मधुमेह होने के खतरे के प्रति आगाह किया गया है। इसमें बताया गया है कि सूरज की रोशनी, जो विटामिन-डी का सबसे बड़ा स्रोत है, की कमी से लाखों लोग टाइप-2 डायबिटीज की चपेट में आ सकते हैं। स्टडी के दौरान पाया गया कि ऐसे लोग जिन व्‍यक्तियों में पर्याप्‍त विटामिन-डी मौजूद हैं, उनके डायबिटीज की चपेट आने की आशंका कम होती है। खून में विटामिन-डी के अतिरिक्त 25 नैनोमोल्स होने से डायबिटीज की चपेट में आने का खतरा 24 फीसदी तक घट जाता है। ऐसे लोग जिनके शरीर में विटामिन-डी के नैनोमोल्स की संख्या प्रति लीटर 50 से कम होती है, उनमें विटामिन-डी की कमी मानी जाती है।  ऐसे लोग जिन्हें डायबिटीज का खतरा है, उन्हें विटामिन-डी लेना चाहिए।

विटामिन 'ई'

डायबिटीज में रोगियों को विटामिन-ई का सेवन करना चाहिए क्योंकि यह शरीर में इंसुलिन की उत्पादन क्षमता को बढ़ाता है। इंसुलिन रक्त से शुगर की मात्रा को दूर रखता है। विटामिन-ई का सेवन डायबिटीज के खतरे से बचाता है। आमतौर पर मधुमेह रोगियों में हृदय रोग का खतरा होता है, लेकिन विटामिन-ई के सेवन से आप इससे बच सकते हैं। गेंहू, साग, चना, जौ, खजूर, चावल के मांढ, क्रीम, मक्‍खन, स्‍प्राउट और फल विटामिन-ई के समृद्ध स्रोत हैं।

 

[इसे भी पढ़ें: अनेक बीमारियों की जड़ है डायबिटीज]

विटामिन 'सी'

विटामिन-ई की तरह विटामिन-सी भी शरीर में इंसुलिन की उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। विटामिन-सी रक्त में मिले शुगर को अलग करने में सहायक होता है, साथ ही इंसुलिन की मात्रा को शरीर की प्रत्येक कोशिकाओं में पहुंचाने का काम करता है। इस प्रकिया से ब्लड शुगर का स्तर कम हो जाता है। आंवला, संतरा, कीवी के सेवन से विटामिन-सी प्राप्‍त किया जा सकता है।


विटामिन 'के'

अगर आप अपने खाने में विटामिन-के ले रहे हैं तो आपको डायबिटीज होने का खतरा कम हो सकता है। विटामिन-के वसा में घुलनशील होता है। यह शरीर में रक्त का जमाव होने से रोकता है। विटामिन-के लेने से शरीर में इन्सुलिन बनाने की प्रक्रिया में मदद मिलती है, जो रक्त में ग्लूकोज के स्तर को ठीक रखता है। इसलिए आपके आहार में विटामिन के की मात्रा संतुलित होना भी जरूरी है, इसलिए विशेषकर हरी पत्तेदार सब्जियां ले जैसे पालक व ब्रोकली। 

 

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