हृदय रोग से बचने के लिए लाइफस्टाइल बदलें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 26, 2013
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Quick Bites

  • तनाव है दिल की बीमारियों की बड़ी वजह
  • धूम्रपान और एल्‍कोहल से बढ़ता है हृदय रोग का खतरा
  • भारत में हर लगभग पांचवीं मौत का कारण है हृदय रोग

दिल की बीमारियों को कार्डिवस्‍कुलर डिजीज कहा जाता है। चिकित्‍सीय भाषा में दिल की बीमारियों के लिए यही शब्‍दावली इस्‍तेमाल की जाती है। रजिस्‍ट्रार जनरल ऑफ इंडिया और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के एक नए शोध के मुताबिक भारत में बड़ी संख्‍या में लोग दिल की बीमारियों के कारण गंवाते है। देश में होने वाली 19 फीसदी मौतें दिल की बीमारियों के चलते होती हैं।

Lifestyle and Heart Diseaseभागदौड़ भरी जिंदगी में दिल से संबंधित रोगों की आशंका काफी बढ़ जाती है। शारीरिक असक्रियता, बेतरतीब खानपान ओर बिगड़ी हुई जीवनशैली के चलते दिल पर काफी जोर पड़ता है। लेकिन हम अपनी जीवनशैली में बदलाव करके हम स्‍वयं को काफी हद तक स्‍वस्‍थ रख सकते हैं। बस जरूरत है अपने आहार और रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ बदलाव करने की। तो आइए जानें छोटे-छोटे बदलाव कैसे आपकी जिंदगी को बड़ी-बड़ी बीमारियों से बचा सकते हैं।

 

शारीरिक रूप से सक्रिय रहें

शारीरिक रूप से सक्रिय रहकर आप दिल की बीमारियों के संभ‍ावित खतरे को कम कर सकते हैं। इससे आपका वजन काबू में रहता है, डायबिटीज से दूर रहते हैं। इसके साथ ही कोलेस्‍ट्रोल और रक्‍तचाप भी नियंत्रित रहता है। कई शोध और अध्‍ययन यह बात साबित कर चुके हैं कि फिट लोगों को दिल की बीमारियां होने की आशंका कम होती है। हालांकि दिल के मरीजों को किसी भी प्रकार का व्‍यायाम करने से पहले अपने डॉक्‍टर से बात करनी जरूरी है।

 

आहार हो सही

आहार स्‍वस्‍थ जीवन का मूलाधार है। स्‍वस्‍थ जीवन के लिए आहार का सही होना बहुत जरूरी है। आपके दिल की सेहत कैसी रहती है, यह बात काफी कुछ आपके आहार पर निर्भर रहता है। दिल को सेहतमंद रखने के लिए आपको अपने आहार में फल, हरी पत्तेदार सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करने चाहिए। इसके साथ ही संतृप्‍त वसा से दूर रहने में आपके दिल की भलाई है। स्‍वस्‍थ आहार आपको दिल की बीमारियों के संभावित खतरे से दूर रखने में मदद करता है।

 

तनाव से रहें दूर

तनाव दिल की बीमारियों की एक बड़ी वजह होती है। जितना हो सके तनाव से दूर रहें। तनाव को दूर रखने के लिए आपको योग, ध्‍यान और व्‍यायाम आदि का सहारा लेना चाहिए। इसके साथ ही आपको ऐसे प्रयास करने चाहिए कि जिससे आपका मन और शरीर शांत रहे। कई बार निजी प्रयासों के दम पर तनाव से मुक्ति पाना आसान नहीं होता, ऐसे में आप किसी की मदद ले सकते हैं। आप चाहें तो अपने परिवारजनों अथवा दोस्‍तों की मदद से तनाव से लड़ सकते हैं। अगर इसके बाद भी तनाव कम न हो, तो आपको विशेषज्ञ परामर्श लेना चाहिए।

 

धूम्रपान से करें तौबा

धूम्रपान किसी भी प्रकार का हो आपको नुकसान पहुंचाता है। परोक्ष (पैसिव) स्‍मोकिंग को तो कई मामलों में सीधे धूम्रपान से अधिक खतरनाक माना गया है। तम्‍बाकू में मौजूद निकोटिन रक्‍तवाहिनियों को संकरा कर देता है। जिससे दिल पर अधिक जोर पड़ता है। वहीं कार्बन मोनोऑक्‍साइड रक्‍त में ऑक्‍सीजन की मात्रा घटा देती है और इससे दिल और नसों को नुकसान होता है।

 

एल्‍कोहल के सेवन से करें परहेज

एल्‍कोहल का एक बड़ा घाटा यह है कि यह आपका रक्‍तचाप बढ़ा देता है। अत्‍यधिक रक्‍तचाप दिल की बीमारी की बड़ी वजह है। कई शोध इस बात की पुष्टि कर चुके हैं कि जो लोग शराब का सेवन करते हैं उन्‍हें दिल की बीमारी होने की आशंका उन लोगों के मुकाबले अधिक होती है, जो शराब नहीं पीते।

 

रक्‍तचाप और कोलेस्‍ट्रॉल को काबू रखें

कोई भी स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञ आपको यह बता सकता है कि इन दो चीजों को नियंत्रित कर आप दिल की बीमारियों को किस हद तक दूर रख सकते हैं। आपको चाहिए कि अपना रक्‍तचाप और कोलेस्‍ट्रोल काबू में रखें। अगर आपका रक्‍तचाप सामान्‍य से अधिक है, तो आपको अपनी दिनचर्या में जरूरी बदलाव करने की जरूरत है। इसके साथ ही आपको अपने कोलेस्‍ट्रॉल की भी जांच करवाते रहना चाहिए।


अपनी दिनचर्या में जरूरी बदलाव करने के साथ-साथ आपको नियमित रूप से मेडिकल चेकअप भी करवाते रहना चाहिए। इससे किसी भी प्रकार की परेशानी होते ही समय से उसका निदान किया जा सकेगा।

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इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

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