तीस की उम्र के बाद वजन बढ़ने के कारण और इससे निपटने के उपाय

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 28, 2013
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Quick Bites

  • हार्मोन और तनाव के कारण भी बढ़ सकता है वजन।
  • अनियमित जीवनशैली भी है अधिक वजन की वजह।
  • इस उम्र के बाद धीमा हो जाता है मेटाबॉलिज्‍म स्‍तर।
  • पौष्टिक आहार व संतुलित दिनचर्या का पालन जरूरी।

उम्र में एक ऐसा पड़ाव आता है जब जिंदगी व्‍यस्‍तताओं के चलते सेहत हमारे लिए प्राथमिकता नहीं रह जाती। उम्र के इस तीसरे दशक में वजन बढ़ना हमारे लिए आम समस्‍या बन जाती है। जानिए क्‍यों होती है यह समस्‍या और आखिर कैसे इससे निपटा जा सकता है।

causes of weigth loss after 30उम्र का तीसरा दशक किसी व्‍यक्ति के जीवन का अहम हिस्‍सा होता है। इसी दौरान वह अपनी जिंदगी की नयी शुरुआत करता है। पारिवारिक और व्‍यावसायिक जिम्‍मेदारियां भी बढ़ती हैं। लेकिन, इन सबके साथ ही इस दौरान उसे एक और बदलाव से गुजरना पड़ता है और वह है वजन का बढ़ना। अक्‍सर तीस की उम्र के बाद व्‍यक्ति का वजन बढ़ने लगता है इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। लेकिन, फिर भी कुछ तरीकों को अपनाकर इस पर नियंत्रण रखा जा सकता है।

 

जिम्‍मेदारियों का बोझ

तीस की उम्र के बाद महिलाओं और पुरुषों दोनों में वजन बढ़ने की समस्‍या देखी जाती है। जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है आप काम और पारिवारिक जिम्‍मेदारियों में काफी व्‍यस्‍त हो जाते हैं। इसके चलते स्‍वस्‍थ भोजन और व्‍यायाम के लिए आप पर्याप्‍त समय ही नहीं निकाल पाते। इसके साथ ही मेटाबालिज्‍म भी धीमा हो जाता है। इसका अर्थ यह है कि इस दौरान आप ट्वेंटीज के मुकाबले कम कैलोरी बर्न करते हैं।

 

क्‍या करें

  • अपने लिए जरूरी कामों की एक लिस्‍ट बनाएं।
  • बेकार के कामों पर समय खर्च करना बंद करें।
  • स्‍वयं को सामाजिक गति‍विधियों में व्‍यस्‍त रखें।
  • दोस्‍तों, परिचितों और अपने बच्‍चों के साथ समय बिताएं।
  • सुबह थोड़ा जल्‍दी उठें और व्‍यायाम करें इससे आप स्‍वयं को फिट रख पाएंगे।

 

हार्मोन भी हैं कारण

महिलाओं के लिए गर्भावस्‍था के बाद हॉर्मोन में बदलाव और रजोनिवृत्ति के कारण भी वजन बढ़ने की समस्‍या का सामना करना पड़ता है। इसके चलते अक्‍सर इस उम्र में आकर उनका वजन काफी बढ़ जाता है। इसके अलावा महिलाएं अक्‍सर इस उम्र में अपने परिवार में अधिक व्‍यस्‍त हो जाती हैं और ऐसे में वे अपनी सेहत के प्रति पूरा ध्‍यान नहीं दे पातीं।

क्‍या करें

  • पूरी नींद लें।
  • ओमेगा 6 युक्‍त आहार का सेवन कम करें।
  • सोयाबीन ऑयल, वनस्पति तेल, मूंगफली के तेल का आदि का प्रयोग कम करें।
  • नारियल तेल और ऑलिव ऑयल का सेवन आपके लिए फायदेमंद।  
  • कॉफी और चाय का सेवन कम कर दें।
  • प्रोटीन युक्‍त भोजन का सेवन करें।

 

तनाव है बड़ी वजह

कई लोगों के लिए उम्र का तीसरा दशक अपने करियर पर ध्‍यान केंद्रित करने का समय होता है। इसी दौरान वे शादी करते हैं और अपने परिवार की शुरुआत भी करते हैं। कह सकते हैं कि यह दौर किसी व्‍यक्ति के जीवन में कई बदलाव लेकर आता है। कई बार इतने सारे बदलाव एक साथ होने पर व्‍यक्ति तनावग्रस्‍त हो जाता है। शोधकर्ताओं ने तनाव और वजन बढ़ने में संबंध स्‍वीकार किया है। जब व्‍यक्ति तनाव में होता है तो उसमें कोरटिसोल हॉर्मोन का स्राव होता है। कुछ अध्‍ययनों के मुताबिक कोरटिसोल वजन बढ़ाने के लिए उत्तरदायी होता है। कुछ लोग तनाव को दूर करने के लिए अधिक भोजन करने लगते हैं।

क्‍या करें

  • अच्‍छी किताब पढ़ें या फिर फिल्‍म देखें।
  • बच्‍चों के साथ खेलकर समय बिताएं।
  • पार्टनर के साथ रूमानी पल बिताएं।
  • संगीत से भी दूर होता है तनाव।
  • बाहर घूमने जाएं।
  • योग और ध्‍यान के जरिये भी तनाव से मुक्ति पायी जा सकती है।

                                            

धीमा हो जाता है मेटाबॉलिज्‍म

वो वक्‍त और था जब आप कुछ भी खाकर अपने पुराने कपड़ों में फिट आ जाया करते थे। उस समय आपका मेटाबॉलिज्‍म अच्‍छा हुआ करता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। वक्‍त बदल चुका है। उम्र के साथ-साथ आपके मेटाबॉलिज्‍म की गति धीमी हो जाती है। इसका अर्थ यह होता है कि अब आपको कम कैलोरी की जरूरत होती है। लेकिन, व्‍यक्ति इस बात को स्‍वीकार नहीं कर पाता।

 

क्‍या करें

  • ऐसे भोजन से दूर रहें जिसमें वसा और चीनी की मात्रा अधिक हो और पोषक तत्‍व न हों।
  • उच्‍च फाइबर युक्‍त आहार से आपका पेट जल्‍दी भर जाएगा।
  • ग्रिल फिश और चिकन आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
  • एंटी-ऑक्‍सीडेंट युक्‍त आहार उम्र के असर की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
  • साबुत अनाज, सोया, पालक और टमाटर आदि एंटी-ऑक्‍सीडेंट से भरपूर होते हैं।
  • दोपहर बाद कैफीन के सेवन से बचें।
  • रात को कम से कम सात घंटे की नींद जरूर लें।

 

अनियमित जीवनशैली

व्‍यायाम करना अब आपके जीवन का हिस्‍सा नहीं रहा। इस‍के लिए आप वक्‍त को बहाना बना सकते हैं। लेकिन याद रखिए सेहत का कोई विकल्‍प नहीं। यह वो शै है जो दुनिया के किसी बाजार में नहीं मिलती। इसके लिए आपको स्‍वयं मेहनत करनी पड़ती है। अगर आप भारी एक्‍सरसाइज नहीं कर सकते तो आप कार्डियो एक्‍सरसाइज भी कर सकते हैं। तीस की उम्र पार कर चुके लोगों के लिए कार्डियो एक्‍सरसाइज काफी फायदेमंद होती है। इससे उनका मेटाबॉलिज्‍म बढ़ता है।

क्‍या करें

  • कार्डियो एक्‍सरसाइज 24 घंटे बाद तक मेटाबॉलिज्‍म को रखती है दुरुस्‍त।
  • साइकिल चलाना, किक बॉक्सिंग और तेज चाल जैसे व्‍यायाम होते हैं फायदेमंद ।
  • सप्‍ताह में चार-पांच बार कार्डियो एक्‍सरसाइज करने से चालीस मिनट के वर्कआउट जितना फायदा मिलता है।

 

वेट ट्रेनिंग

तीस की उम्र के बाद हर साल व्‍यक्ति की औसतन आधा पाउंड (करीब 225 ग्राम) मांसपेशियां नष्‍ट होने लगती हैं। और साथ ही प्रति वर्ष उसका करीब एक पाउंड (करीब 450 ग्राम) वजन बढ़ जाता है। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। इसे वेट ट्रेनिंग के जरिये नियंत्रित किया जा सकता है। कई लोग मानते हैं कि ऐसा करने की उनकी अब उम्र नहीं रही। लेकिन, यह सच नहीं है। वेट ट्रेनिंग 30 की उम्र के बाद भी की जा सकती है। वेट ट्रेनिंग करने से मांसपेशियों के मरने की गति धीमी हो जाती है। इस तरह का व्‍यायाम करने से न केवल आप स्‍वयं को फिट बनाए रख सकते हैं साथ ही अपनी मांसपेशियों की ताकत भी बढ़ा सकते हैं।

क्‍या करें

  • सप्‍ताह में दो-तीन बार करनी चा‍हिए वेट ट्रेनिंग।
  • सभी प्रमुख मांसपेशियों का व्‍यायाम करने से मिलता है फायदा।
  • इससे आप खुद को 'जवां' बनाए रख सकते हैं।
  • वैकल्पिक दिनों में करें व्‍यायाम।
  • इससे मांसपेशियों को मिलता है रिकवर करने का पर्याप्‍त समय।

 

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