नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिलाएं होती हैं इस बीमारी की शिकार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 10, 2018
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

आजकल महिलाओं और पुरुषों की बीच काबिलियत के लिहाज से ज्यादा फर्क नहीं रह गया है। जो काम पुरुष करते हैं महिलाएं भी उस काम को करने के लिए आज के समय में पूरी तरह से सक्षम है। लेकिन यहां आपको एक बात के लिए सचेत होने की जरूरत है, वो ये है कि जो महिलाएं नाइट शिफ्ट में काम करती हैं उन्हें जल्दी एक गंभीर रोग होने की संभावना रहती है।

जी हां, हाल ही में आई एक रिसर्च में साफ हुआ है कि जो महिलाएं नाइट शिफ्ट में काम करती हैं उन्हें कैंसर होने की संभावना ज्यारा रहती है। रिसर्च के मुताबिक 'अनियमित घंटों की लगातार शिफ्ट से महिलाओं में सामान्य कैंसर होने का जोखिम बढ़ जाता है। वैज्ञानिकों ने पाया कि कुल मिलाकर लंबे समय तक नाइट शिफ्ट में काम करने से महिलाओं में, नाइट शिफ्ट में काम नहीं करनेवाली महिलाओं की तुलना में कैंसर होने की संभावना 19 फीसदी तक बढ़ जाती है।

इसके अलावा नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं में त्वचा कैंसर का खतरा 41 फीसदी, स्तन कैंसर का खतरा 32 फीसदी और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर का खतरा भी 18 फीसदी तक बढ़ जाता है। यानि कि सभी पेशों के विश्लेषण करने के बाद शोधकर्ताओं ने पाया कि लंबे समय तक नाइट शिफ्ट करने से स्तन कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। 

यह शोध चीन के चेंगदु स्थित सिचुआन विश्वविद्यालय के वेस्ट चाइना मेडिकल सेंटर में हुआ है। जिसके सह-लेखक शुईलेई मा ने कहा कि शोध से पता चलता है कि कार्यस्थल पर नाइट शिफ्ट में काम करने से महिलाओं में कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है। यह अध्ययन कैंसर एपिडेमियोलॉजी, बॉयोमार्कर एंड प्रीवेंसन पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Write Comment Read ReviewDisclaimer Feedback
Is it Helpful Article?YES573 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर