बहुमत लोग शाकाहारी न हुए तो 2050 तक होगा भयंकर जलसंकट

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 27, 2016
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एक यूएस रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया की सबसे बड़ी फ़ूड कपंनी नेस्ले ने एक गोपनीय रिपोर्ट में अमरीकी सरकार को सावधान करते हुए कहा है कि अगर आने वाले 30 सालों में जनसंख्या का बहुमत शाकाहारी न हुआ तो धरती पर जल संकट विकट रूप ले सकता है।  


खोजी पत्रकार नाथन हालवर्सन ने लीक हुए अमेरिकी केबल का हवाला देते हुए बताया कि नेस्ले की ये रिपोर्ट बेहद चौंकाने वाली है। नेस्ले के अनुसार 2050 में विश्व की जनसंख्या तकरीबन 9.60 खरब तक पहुंच जाएगी। तो अगर ये बढ़ती हुई जनसंख्या अपने आहार में शाकाहारी भोजन शामिल नहीं करती है, तो ऐसी स्थ्ति में दुनिया में तब पेयजल समाप्त होने की आशंका है।

 

Water Scarcity in Hindi

 

नेस्ले ने रिपोर्ट में तर्क देते हुए कहा की एक कैलोरी अन्न की तुलना में एक कैलोरी मीट के उत्पादन में दस गुना ज्यादा जल का प्रयोग होता है। इस तरह मीट के उत्पादन में पानी का इस्तेमाल दस गुना ज्यादा हो रहा है। रिपोर्ट में बताया गया कि एक पाउंड मीट के उत्पादन में 1800 गैलन पानी की जरूरत होती है। अगर मीट की तुलना में अन्न उत्पादन को विष में 70 प्रतिशत नहीं बढ़ाया गया तो पेयजल की गम्भीर समस्या 2025 से ही शुरू हो जायेगी।


रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि पश्चिम अमेरिका और उत्तर भारत, दुनिया के नक्शे में दो ऐसी जगहें हैं, जहां पानी का इस्तेमाल लोगों ने ज़रुरत से ज्यादा किया है।  


नेस्ले के मुताबिक, औसत अमरीकी नागरिक की रोजाना डाइट 3600 कैलोरी है जिसमें मांस युक्त भोजन अधिक होता है। इस डाइट में शाकाहारी भोजन का अनुपात बढ़ाने की सलाह भी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक यदि डाइट में बदलाव नहीं किया गया तो सन 2050 में विश्व में मीट का उत्पादन 4650 लाख टन करना होगा।



Image Source - Getty

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