महिलाओं में ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 18, 2014
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Quick Bites

  • तनावपूर्ण या भावनात्मक घटनाओं के कारण होता है ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम।
  • सीने में तेज दर्द और सांस की तकलीफ होते हैं इसके प्रमुख लक्षण।
  • इसकी 90 % मरीज 50 से 70 वर्ष के बीच की महिलाएं होती हैं।
  • एस्ट्रोजन नामक हारमोन के स्तर में आने वाली गिरावट भी है कारण।

"ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम" एक ऐसी अवस्था है जिसका संबंध तनावपूर्ण या भावनात्मक घटनाओं से होता है। ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम को मेडिकल भाषा में ताकोत्सुबो कॉर्डिम्योपैथी के नाम से भी जाना जाता है। यह महिला और पुरुष किसी को भी हो सकता है। चलिए इस लेख में जानते हैं कि महिलाओं में ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम क्या होता है।



दिल के टूटने की बात को लोग अक्सर तनावपूर्ण या भावनात्मक घटनाओं से जोड़कर देखते हैं, और सोचते हैं कि भला दिल कोई सचमुच में थोडे ही टूटता है। मगर जनाब सच तो यह है कि चिकित्सा विज्ञान भी मानता है कि दिल टूटता है। चिकित्सकीय भाषा में इसे ताकोत्सुबो कार्डियोपैथी कहते हैं। वहीं बोलचाल की भाषा में इसे ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम कहा जाता है।

 

 

Broken Heart Syndrome in Women

 

 

क्या है ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम

मेडिकल भाषा में समझा जाए तो ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम अर्थात ताकोत्सुबो कॉर्डिम्योपैथी, दिल की मुख्य पंप कक्ष के बाएं वेंट्रिकल की एक कमजोर है, जो आमतौर पर किसी गंभीर भावनात्मक या शारीरिक तनाव या झटके जैसे, अचानक कोई गंभीर बीमारी, प्यार में ठेस लगने, गंभीर दुर्घटना से हुई क्षती या किसी प्राकृतिक आपदा जैसे भूकंप आदि के परिणाम स्वरूप होता है। इसी लिए इस स्थिति को स्ट्रेस-इंडक्टिड कार्डियोमायोपैथी या ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम कहा जात है। सामान्यतः इसके मुख्य लक्षण सीने में दर्द और सांस की तकलीफ होते हैं। ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम में लोगों को अचानक सीने में दर्द हो सकता है। जिस कारण उन्हें लगता है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा है।

 

ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम के लक्षण

ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम के लक्षण, ह्रदयाघात के समान होते हैं जैसे सीने में दर्द, उखड़ी सांस, गर्दन और बांयी बाजू में तीव्र दर्द, सांस फूलना तथा वोमेटिंग सेंसेशन होना आदि। इस सिंड्रोम के लक्षण वसंत और गर्मियों के महीनों में ज्यादा होते हैं। इस कारण रोगी के परिजन तो असमंजस में पड ही जाते हैं, साथ ही कभी-कभी डॉक्टरों के लिए भी तुरंत यह जानना मुश्किल होता है कि रोगी को हार्ट अटैक हुआ है या यह ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम है। ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम के लक्षण पीड़ादायक होते हैं और एक हफ्ते के भीतर गंभीर रूप ले सकते हैं। हालांकि इन लक्षणों का पता जल्द लगने के बाद यदि तेज उपचार किया जाए तो इन्हें पूरी तरह से दूर किया जा सकता है। ये हैं ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम के कुछ मुख्य लक्षण -

 

  • सीने में दर्द
  • सांस की तकलीफ
  • दिल की अनियमित धड़कन
  • कमजोरी

 

 

Broken Heart Syndrome in Women

 

 

लंबे समय तक या लगातार सीने में दर्द दिल का दौरा पड़ने का संकेत हो सकता है, इसलिए इस संकेत को गंभीरता से लें और तत्काल चिकित्सकीय मदद के लिए संपर्क करें।


हृदयाघात की तुलना में ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम कहीं कम खतरनाक होती है। पुरुषों की तुलना में ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम महिलाओं को कहीं अधिक प्रभावित करता है। दिलचस्प बात यह है कि इस सिंड्रोम की शिकार 90 प्रतिशत मरीज 50 से 70 वर्ष के बीच की महिलाएं होती हैं। डॉक्टर मानते हैं कि महिलाओं में रजोनिवृत्ति के बाद एस्ट्रोजन नामक हारमोन के स्तर में आयी गिरावट के कारण के समय कोई विस्मयकारी घटना घटने पर उनका ऑटोनोमस नर्वस सिस्टम अधिक सक्रिय हो जाता है। जिस कारण शरीर में बहुत अधिक मात्रा में स्ट्रेस हारमोन का स्राव होता है और हृदय की मांसपेशियों पर विपरीत प्रभाव पडता है।

 

 

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