ब्रेस्‍ट कैंसर की स्‍टेजेज़

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 30, 2012
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breast cancer ki stages

ब्रेस्‍ट कैंसर कुछ खतरनाक बीमारियों में से एक है। इसका खतरा खासतौर पर 40 साल की उम्र के बाद होता है लेकिन आजकल इसके पहले भी लड़कियों में यह समस्या हो रही है। आकड़ों की मानें तो भारत में फिलहाल 22 महिलाओं में से एक महिला ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित है। इसका मुख्य कारण है ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरुकता की कमी। लोगों को इसके लक्षणों के बारे में पता नहीं होता है जिसकी वजह से वे इसकी जांच नहीं करवाते और ब्रेस्ट कैंसर बढ़ता जाता है। अगर ब्रेस्ट कैंसर का पता शुरुआती अवस्था में चल जाए तो इसका इलाज करना काफी आसान होता है लेकिन एडवांस स्टेज में पहुंचने पर यह काफी खतरनाक हो सकता है।

[इसे भी पढ़े- स्तन कैंसर के साथ जीवन]

स्तन कैंसर की स्टेज

 

आईए जानें स्तन कैंसर की अवस्थाओं के बारे में।

 

जीरो स्टेज

 
ब्रेस्ट कैंसर में शुरुआती अवस्था को जीरो स्टेज कहते हैं। इसमें कैंसर से प्रभावित कोशिकाएं स्तन ऊतकों के आस पास रहती हैं और दूध बनाने वाली नलिकाओं तक नहीं पहुंचती हैं। स्तन कैंसर की इस अवस्था को दो भागों में बांटा गया है।

 

पहला स्टेज

  • स्तन कैंसर की पहली स्टेज में ट्यूमर का साइज दो सेमी से ज्यादा नहीं होता है।
  • यह मूंगफली के दाने जितना ही बड़ा होता है।
  • कैंसर सेल्स लिंफ नोड्स व ब्रेस्ट के बाहर तक नहीं फैलती हैं।

[इसे भी पढ़े- स्तन कैंसर के जोखिम कारक]

 

दूसरा स्टेज

दूसरी स्टेज को दो अवस्थाओं में बांटा गया है।

 

II A

  • इसमें स्तन में कोई ट्यूमर नहीं पाया जाता है। लेकिन एक्जलरी लिंफ नोड्स में कैंसर की कोशिकाएं पाई जाती हैं।
  • इसमें ट्यूमर का आकार 2 सेमी या उससे कम होता है और यह एक्जलरी तक फैल जाता है।
  • ट्यूमर का आकार 2 सेमी से बड़ा होता है लेकिन 5 सेमी से ज्यादा नहीं होता है। यह एक्जलरी लिंफ नोड्स तक नहीं फैलता है।   

 

IIB

  • इसमें ट्यूमर का आकार दो सेमी से ज्यादा  होता है लेकिन 5 सेमी से ज्यादा नहीं। इसमें ट्यूमर एक्जलरी लिंफ नोड्स में फैलता है।
  • यह ट्यूमर पांच सेमी से बड़ा होता है लेकिन यह एक्जलरी लिंफ नोड्स तक नहीं फैलता है।

 

तीसरा स्टेज

 

तीसरे स्टेज को तीन भागों में बांटा गया है।

[इसे भी पढ़े- ब्रेस्ट कैंसर के प्रकार]

 

IIIए

 

इस अवस्था में स्तनों में कोई ट्यूमर नहीं पाया जाता है लेकिन एक्जलरी लिंफ नोड्स में कैंसर पाया जाता है। यह एक प्रकार के गुच्छे के रुप में होता है और यह स्तनों की हड्डियों के पास लिंफ नोड्स में फैल सकता है।

 

IIIबी

 

किसी भी आकार का ट्यूमर चेस्ट वाल या स्तनों की त्‍वचा तक फैल जाता है। इसके अलावा यह एक्जलरी लिंफ नोड्स तक भी पहुंच सकता है। इस अवस्था में ब्रेस्ट कैंसर के कुछ लक्षण देखे जाते हैं।

  • स्तनों की त्वचा पर लालिमा होना।
  • स्तनों का गर्म होना व सूजन होना
  • कैंसर की कोशिकाएं लिंफ नोड्स तक फैल जाती है और त्वचा तक भी पहुंच सकती है।

[इसे भी पढ़े- स्‍तन कैंसर से बचाव ]

 

IIIसी

 

इस अवस्था में स्तनों में कैंसर के कोई लक्षण नहीं होते हैं। अगर कोई ट्यूमर होता है चाहे वो किसी आकार का हो चेस्ट वाल व स्तनों की त्वचा तक पहुंच सकता है। इसमें कैंसर लिंफ नोड्स के ऊपर या कॉलरबोन के नीचे तक फैल सकता है।

 

चौथा स्टेज

ब्रेस्ट कैंसर की चौथी अवस्था काफी खतरनाक होती है। इसमें कैंसर की कोशिकाएं स्तनों से शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंच सकती है जैसे फेफडों, डिस्टेंट लिंफ नोड्स, त्वचा, हड्डियों, लीवर व दिमाग।

 

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