पेट नहीं दिमाग से होता है भूख का अहसास

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 14, 2013
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भूख लगने का अहसास पेट से नहीं बल्कि दिमाग से होता है, यह बात यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल के मशहूर मनोविज्ञान प्रोफेसर जेफरे ब्रून्सटॉर्म ने अपने एक अध्‍ययन में कही है।

  • पाचन क्रिया पर हमारी अल्पकालिक याद्दाश्त का गहरा असर पड़ता है।
  • कोई व्‍यक्ति भूख के समय पर जो खाना खाता है, उसके मुकाबले उसने जो देखा है वह उसे ज्‍यादा याद रहता है।
  • हाल ही में खाये गये भोजन की स्मृति का हमारी आदतों पर जबरदस्त प्रभाव होता है।  
  • समय की अनिश्चितता का असर हमारे पिछले खाने की याद्दाश्त पर पड़ने के कारण पाचन शक्ति भी प्रभावित होती है।

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