सिर्फ बोटोक्स के इंजेक्शन ही नहीं और भी कई तरीके हैं जवां दिखने के

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 16, 2013
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Quick Bites

  • हमारी कई आदतों से शरीर में काफी संख्‍या में फ्री रेडिकल्‍स बनते हैं जो त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं।
  • धूम्रपान, वायु प्रदूषण और पराबैंगनी किरणों के कारण भी आपकी त्‍वचा को काफी नुकसान पहुंचता है।
  • पानी त्‍वचा में जरूरी पोषण व नमी बनाए रखने में मदद करता है, इससे त्वचा स्वस्थ रहती है।
  • एंटी-ऑक्‍सीडेंट्स मांसपेशियों को नुकसान पहुंचाने की गति को रोकते अथवा धीमा कर देते हैं।

चेहरे पर पड़े निशान दूर करने के लिए बोटोक्‍स का सहारा लेने का चलन है। लेकिन, अपने इर्द-गिर्द नजर दौड़ाइए ऐसे कई उपाय हैं जिन्‍हें अपनाकर आप उम्र के निशानों को दूर रख सकती हैं।


natural ways of botoxउम्र अपने गुजरने के निशान चेहरे पर छोड़ ही जाती है। और व्‍‍‍‍यक्ति लगातार इन निशानों को मिटाने की कोशिशों में लगा रहता है। बोटोक्‍स विज्ञान की एक ऐसी ही देन है जिससे झुर्रियों को गायब कर पायी जा सकती है जवां निखरी त्‍वचा लंबे समय तक। लेकिन बोटोक्‍स के इतर भी कई ऐसे कुदरती उपाय हैं, जो आपकी त्‍वचा से झुर्रियों को दूर कर सकते हैं।

पानी कायम रखे जवानी


सबसे पहले तो आप अधिक मात्रा में पानी पिएं। पानी त्‍वचा में जरूरी पोषण बनाए रखने में मदद करता है। शुष्‍क, गर्म और तेज हवाएं आपकी त्‍वचा को को नुकसान पहुंचा सकती हैं। अपनी त्‍वचा में नमी बनाए रखने के लिए आपको दिन में कम से कम आठ से दस गिलास पानी पीना चाहिए। इसके साथ ही पसीने के जरिये भी त्‍वचा से काफी पानी बाहर निकल जाता है।



हरी चाय जवां बनाए

ग्रीन टी भी झुर्रियों को दूर करने में काफी मदद करती है। ग्रीन टी में एंटी-ऑक्‍सीडेंट्स होते हैं जो त्‍वचा को जवां बना रखने में मदद करते हैं। एंटी-ऑक्‍सीडेंट्स मांसपेशियों को नुकसान पहुंचाने की गति को रोकते अथवा धीमा कर देते हैं। ऑक्‍सीकरण से फ्री रेडिकल्‍स बनते हैं, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने का काम करते हैं। आप इस बात को भली भांति समझ सकती हैं कि आपकी त्‍वचा कोशिकाओं की बनी है। और चेहरे पर झुर्रियां आने का अर्थ यही है कि उन कोशिकाओं को नुकसान पहुंच रहा है। झुर्रियां इस बात की ओर भी इंगित करती हैं कि समय के साथ इस्‍‍तेमाल के कारण इन मांसपेशियों की कोशिकाएं अब मरने लगी हैं। मोटे तौर पर मांसपेशियों के अधिक इस्‍तेमाल से उनमें मौजूद इलेक्‍ट्रॉन खत्‍म होने लगते हैं जिनसे कोशिकाएं समाप्‍त होने लगती हैं। एंटी-ऑक्‍सीडेंट इसी प्रक्रिया पर ब्रेक लगाने का काम करते हैं।


विटामिन ई के कहने ही क्‍या

झुर्रियों से बचने के लिए विटामिन-ई भी एक अच्‍छा उपाय है। विटामिन ई भी कोशिकाओं के ऑक्‍सीकरण की प्रक्रिया में रुकावट पैदा करता है। हमारी कई आदतों से शरीर में काफी संख्‍या में फ्री रेडिकल्‍स बनते हैं। ये तत्‍व ऑक्‍सीजन के साथ तेजी से रिएक्‍ट करते हैं और त्‍वचा की कोशिकाओं को अत्‍यंत गम्‍भीर क्षति पहुंचाने लगते हैं। हम जितनी अधिक मात्रा में एंटी-ऑक्‍सीडेंट्स का सेवन करेंगे, उतना ही हमारा शरीर इन फ्री रेडिकल्‍स से लड़ने में सक्षम होगा। विटामिन ई हमें मछली और ऑलिव ऑयल में तिमलता है। हालांकि कुछ लोगों को इससे सांस लेने में परेशानी, होठों, चेहरे अथवा जीभ पर सूजन जैसी दिक्‍कत हो सकती है।


जैतून के तेल का कुदरती खेल

जैतून के तेल यानी ऑलिव ऑयल भी आपको जवां बनाए रखने में मदद करता है। इसका सेवन जहां दिल और त्‍वचा को फायदा पहुंचाता है वहीं इससे मालिश करने से भी त्‍वचा को कुदरती नमी और पोषण मिलता है। इसके लिए जैतून के तेल को हल्‍का सा गुनगुना कर उसे घड़ी दक्षिणावृर्त (घड़ी की सुई की दिशा में) चेहरे पर उससे मसाज करने से झुर्रियों से छुटकारा पाया जा सकता है। याद रखें नमी आपकी त्‍वचा को हाइड्रेट रखती है।



धूम्रपान और प्रदूषण से बचें

धूम्रपान, वायु प्रदूषण और पराबैंगनी किरणों के कारण भी आपकी त्‍वचा को काफी नुकसान पहुंचता है। धूम्रपान आपको समय से पहले ही बूढ़ा बना सकता है। अगर आप लंबे समय तक भीतर और बाहर से जवां रहना चाहते हैं तो आपको धूम्रपान से दूरी बनाकर रखनी होगी। इसके साथ ही प्रदूषण के कारण भी त्‍वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है। इसलिए कोशिश करें कि आप स्‍वयं को प्रदूषण से बचाकर रखें। इसके साथ ही सूर्य की पराबैंगनी किरणें भी त्‍वचा को अपूरणीय क्षति पहुंचाती है, इसलिए जरूरी है कि धूप में बाहर निकलने से पहले अच्‍छे दर्जे का सनस्‍क्रीन लोशन लगाएं।

 

 

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