भूलों को राह दिखाएंगे जूते

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 19, 2012
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आपको या आपके परिवार में किसी को भूलने की बीमारी है। उन्‍हें यह भी याद नहीं रहता कि आखिर वह कहां हैं। तो, अब इसका इलाज आपके जूतों में संभव होगा। अल्‍जाइमर्स के मरीजों के लिए खासतौर पर बनाए गए जूते उनकी मदद करेंगे। वैज्ञानिकों ने अल्जाइमर्स के मरीजों की समस्‍याओं को ध्‍यान में रखते हुए जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) लैस जूते डिजाइन किए हैं। इन जूतों में विशेष उपकरणों लगे हुए है। जिनकी मदद से मरीज के घरवाले और दोस्‍त दूर से भी उनपर नजर रख सकते हैं। इससे अब अल्‍जाइमर्स के मरीजों को भी काफी राहत मिलेगी।

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इन जूतों में भी कारों में लगने वाले छोटे जीपीएस की तरह की मशीन लगी हुई हैं। इसकी मशीन की मदद से इसे पहनने वाले की स्थिति का सही पता लगाया जा सकता है। इस जीपीएस प्रणाली के लिए एक खास इलाका भी तय किया जा सकता है। ऐसे में अगर मरीज कभी उस तय इलाके से बाहर जाता है, तो उसके घरवालों ईमेल या फिर एसएमएस के जरिये तुरंत अलर्ट मिल जाएगा।
 
मरीज के जूतों की लोकेशन खोजने के लिए आपको अपने स्मार्ट फोन या कंप्यूटर पर एक एप्प डाउनलोड करना होगा। सामान्य जूतों की तरह ही दिखने वाले इन जूतों की एड़ी में जीपीएस लगा है। इस उपकरण को देखा या महसूस नहीं किया जा सकता। एड़ी में लगे इस उपकरण में एक बैटरी भी लगी हुयी है। साथ ही एक सिमकार्ड भी है जो लोकेशन बताने में मदद करता है। साथ ही इसमें एक आईसी भी लगी है जिसकी मदद से यह मशीन काम करती है। जूते की एड़ी के पिछले हिस्से में एंटिना और यूएसबी पोर्ट होता है, जिसकी मदद से उसे चार्ज किया जा सकता है। इसकी बैटरी पूरी तरह से चार्ज होने में करीब दो घंटे का समय लगाती हैं। इन जूतों को प्रत्येक दो दिन में चार्ज करना होता है।

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बताया जाता है कि इन जूतों की ब्रिटेन में कीमत 250 पाउंड हैं। इन जूतों को लॉस एंजिलिस के जीटीएक्स कॉर्प और एंट्रेक्स शूज ने मिलकर बनाया है। जीटीएक्स कॉर्प ने जीपीएस का निर्माण किया है। ‘एट्रेक्स नैवीस्टार जीपीएस शूज’ के नाम से बने इन जूतों की मार्केटिंग एक अमेरिकी कंपनी कर रही है। वाशिंगटन डीसी के जॉर्ज मैसन विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ हेल्थ एण्ड ह्यूमन सर्विसेज के प्रोफेसर एंड्रयू कार्ल ने कहा कि इन जूतों से कई लोगों का जीवन बचाया जा सकता है और बुजुर्गों के साथ होने वाली घटनाओं से उनको बचाया जा सकता है।

 

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