गठिया पीड़ि‍त बच्‍चों का होगा बेहतर इलाज

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 15, 2013
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गठिया पीड़ि‍त बच्‍चा

गठिया से पीड़ित बच्चों के लिए अच्छी खबर है कि ऑस्ट्रेलियाई अनुसंधानकर्ताओं ने उन्हें अधिक लक्षित और बेहतर उपचार देने का वादा किया है।

 

यूनिवर्सिटी ऑफ एडिलेड एंड विमेंस एंड चिल्ड्रंस हॉस्पिटल में विश्व के पहले अनुसंधान के तहत गठिया से पीड़ित 115 बच्चों का अध्ययन किया गया। इसके शुरूआती परिणामों में पता चला है कि इन मरीजो में के खून में मौजूद प्रोस्टानॉयड नामक विशेष अणुओं के स्तरों से गठिया के बारे में अधिक सटीकता से भविष्यवाणी की जा सकती है और ये अणु अधिक सटीक इलाज मुहैया कराने में मदद कर सकते हैं।

 

अनुसंधान की प्रमुख डा़ क्रिस्टीना बोरोस ने कहा कि बच्चों में गठिया किशोरों में होने वाले मधुमेह जितना ही आम है। प्रत्येक 500 में से एक बच्चा इससे पीड़ित है। हालांकि इसके कई उपचार उपलब्ध हैं लेकिन गठिया से पीड़ित प्रत्येक बच्चा मानक उपचार पद्धतियों पर एक जैसी प्रतिक्रिया नहीं देता।

 

बोरोस ने कहा कि कई बच्चों के लिए गठिया शारीरिक रूप से कमजोर करने वाली और भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण स्थिति हो सकती है। कुछ बच्चों के जोड़ों में सूजन के कारण सरल काम भी नहीं कर पाते।

 

बोरोस ने कहा कि यह बीमारी बच्चों को किसी भी उम्र में हो सकती है। कुछ बच्चों में छह से नौ महीनों की उम्र में ही इसका पता चल जाता है। इसके इलाज में जितनी देरी की जाएगी, इससे स्थायी रूप से जोड़ों को नुकसान होने की आशंका उतनी ही अधिक हो जाएगी।

 

अनुसंधानकर्ता प्रोस्टानॉयड के रक्त स्तरों और बच्चों में इस बीमारी की गतिविधियों के बीच पहले से ही संबंध स्थापित कर चुके हैं। बोरोस ने कहा कि अब हम अपने अनुसंधान का विस्तार कर रहे हैं और हम गठिया से पीड़ितो का अधिक बड़े समूह में अध्ययन करेंगे। हम इस बात का पता लगा रहे हैं कि प्रोस्टानॉयड किस तरह गठिया की गतिविधियों के बारे में पहले से बता सकता है और दवाइयों के उपयोग से प्रोस्टानॉयड स्तर पर क्या प्रभाव पड़ता है।



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