स्ट्रैस मैनेजमेंट के लिए बेहतरीन टिप्स

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 18, 2014
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Quick Bites

  • सही प्रकार से काम न करना है तनाव का बढ़ा कारण।
  • आसपास की चाजों का नियंत्रण करना सीखना जरूरी।
  • नियमित व्‍यायाम और योग की मदद से होता है लाभ।
  • पूरी नींद लेना तनाव दूर करने के लिए बहुत जरूरी है।

पिछले कुछ दशकों से व्यस्थ जीवन शैली के कारम ‘तनाव’ एक विकराल समस्या के रूप में सामने आया है। इन्फर्मेशन टेक्नोलॉजी की इस नयी सदी में व्यस्थता के कई नए कारण पैदा हुए हैं, दिस कारण तनाव का स्तर भी बढ़ा है। तनाव को दूर करने के लिए इसका प्रबंधन बेहद जरूरी है। इस लेख में जानें स्ट्रैस मैनेजमेंट के बेहतरीन टिप्स।

Stress Management


योजनाबद्ध तरीके से करें काम

तनाव का बड़ा कारण सही प्रकार से काम नहीं करना होता है। इस बात का खयाल रखें कि आप अपनी ऊर्जा कैसे खर्च कर रहे हैं। समय का सही प्रबंधन कर काम को योजनाबद्ध तरीके से किया जा सकता है और इससे आप तनाव को भी कम कर सकते हैं। काम का दबाव कम होने से तनाव प्रबंधन में आसानी होगी।

 

आसपास का रखें ध्‍यान

अपने आसपास के वातावरण को अपने नियंत्रण में रखने की कोशिश करें। किसी भी माहौल को खुद पर हावी न होने दें। चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहें। इस बात का पता लगायें कि आपके आसपास ऐसा क्‍या है, जो आपको तनावग्रस्‍त बना रहा है। उससे निपटने के लिए नीति बनायें। इससे या तो आपको तनाव को कम करने में मदद मिलेगी और आप खुद के बारे में बेहतर महसूस करेंगे।

 

खुद से प्‍यार करें

अपने आप को प्‍यार करना सीखें। अपनी कमियों को सुधारने की कोशिश करें, ना कि उन्‍हें दिल से लगाकर बैठ जाएं। याद रखें, आप अपनी तरह के एकमात्र इनसान हैं। आपमें तमाम खूबियां हैं। अपनी उन खूबियों को पहचानिये और हर काम में अपना सर्वश्रेष्‍ठ देने का प्रयास करें। अगर अपेक्षित परिणाम न भी मिलें, तो भी किसी बात को दिल से न लगाएं। लगातार मेहनत करते रहें।

 

रोजमर्रा के काम से लें ब्रेक

रोजाना एक जैसा काम करते रहने से बोरियत होनी लाजमी है। और यही बोरियत एक दिन तनाव का रूप भी ले लेती है। जरूरी है कि आप अपने जीवन को एक ही ढर्रे पर न चलायें। काम के बीच से खुद को छुट्टी भी दें। अगर आप कोई अच्‍छा काम करते हैं, तो आपको चाहिए कि स्‍वयं को ईनाम दें। कहीं घूमने जाएं, शॉपिंग करें और दोस्‍तों के साथ वक्‍त बितायें। ऐसा करने से आपको मानसिक राहत और शांति मिलेगी, जो भविष्‍य में आपके लिए फायदेमंद साबित होगी।

 

व्‍यायाम दिलाये आराम

व्‍यायाम करते रहें। आपकी सेहत और उत्‍पादन क्षमता शरीर की ऑक्‍सीजन और भोजन को कोशिकाओं तक पहुंचाने की क्षमता पर निर्भर करती है। इसलिए अपने दिल और फेफड़ों की बेहतर सेहत के लिए नियमित व्‍यायाम करें। सप्‍ताह में कम से कम तीन बार 15 से 20 मिनट का व्‍यायाम जरूर करें। इसमें पैदल चलना, जॉंगिंग, साइक्लिंग, तैराकी और एरोबिक्‍स आदि व्‍यायाम शामिल किये जा सकते हैं।

 

शांत रहें

जब कभी भी तनाव का अहसास हो, तो गहरी सांस लें और मस्तिष्‍क में सकारात्‍मक विचार लायें। ऐसा करके आप तनाव को थोड़ा कम कर सकते हैं। इसके साथ ही आप ध्‍यान और योग का सहारा भी ले सकते हैं। प्रोग्रेसिव रिलेक्‍सेशन, व्‍यायाम, संगती सुनना और दोस्‍तों तथा परिजनों से बात करना भी तनाव को दूर करने में मदद कर सकता है।

 

आराम करते रहें

पूरी नींद लें, तनाव दूर करने के लिए यह बहुत जरूरी है। रात को सात से आठ घंटे की नींद आपको सुबह ताजा उठाती है और आप दिन भर खुद को बेहतर महसूस करते हैं। आपके मस्तिष्‍क की भी सीमायें हैं, उन्‍हें पहचानें और उस पर अत्‍यधिक दबाव न डालें। मस्तिष्‍क को आराम की जरूरत होती है और यह आराम मिलना चाहिए। आराम के दौरान ही वह सूचनाओं और जानकारियों को एकत्रित और फिल्‍टर करता है। हर घंटे में दस मिनट के ब्रेक को नियम बना लें। इस दौरान अपनी आंखों और मन को शांत रखें।

 

अपने बारे में जागरुक रहें

तनाव के लक्षण जैसे अनिद्रा, सिरदर्द, चिंता, पेट खराब रहना, एकाग्रता में कमी, सर्दी/फ्लू और अत्‍यधिक थकान आदि को पहचानें। ये लक्षण नजर आते ही फौरन तनाव को दूर करने के प्रयास शुरू कर दें। याद रखें यदि इन समस्‍याओं पर समय रहते ध्‍यान न दिया जाए, तो ये आगे चलकर और गंभीर बीमारियों जैसे अल्‍सर, उच्‍च रक्‍तचाप और हृदय रोग तक का कारण बन सकते हैं।

 

उचित पोषण

संतुलित आहार लें। उच्‍च कैलोरी युक्‍त भोजन से दूर रहें। ऐसा आहार जिसमें वसा और शर्करा की मात्रा काफी अधिक हो, वह आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है। तनाव को दूर करने के लिए दवाओं और अल्‍कोहल का सेवन न करें। कैफीन युक्‍त पदार्थ जैसे चाय और कॉफी आपकी नींद और थकान तो दूर करती हैं, लेकिन साथ ही ये कुछ लोगों की एकाग्रता में कमी का कारण भी बनती हैं। याद रखें 20 मिनट की सैर किसी भी अन्‍य दवा के मुकाबले अधिक शांतिदायक साबित होती है।



यह बात तो साबित हो चुकी है कि खुश लोग लंबा जीते हैं, उन्‍हें शारीरिक समस्‍यायें कम होती हैं और उनकी कार्यक्षमता भी अधिक होती है। छोटे-छोट पलों का आनंद उठाना सीखें। जीवन के हल्‍के पलों को जीना सीखें। उनका आनंद उठायें। याद रखें आप जैसा कोई नहीं और आपका अधिकार है कि आपको सर्वश्रेष्‍ठ मिले।

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