अच्छे पैैरेंट्स को कभी नहीं करनी चाहिए ये 5 गलतियां

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 02, 2018
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Quick Bites

  • गलतियां करना पैैरेंटिंग का ही एक हिस्सा है।
  • रिश्वत सभी प्रॉब्लम का एक आसान सा सॉल्युशन है।
  • आप जितना उन पर अटेंशन देंगे, वे उतनी ही अपनी आदत बिगाड़ लेंगे।

कोई भी पैैरेंट्स परफेक्ट नहीं होते हैं। गलतियां करना पैैरेंटिंग का ही एक हिस्सा है। वास्तव में पैैरेंट बनने का कुछ अनुभव तभी मिलता हैं जब हम गलतियां करते हैं। इसके उपाय यही हैं कि नई गलतियां करने से पहले पुरानी गलतियों से कुछ सीख ले ली जाए, लेकिन अब सवाल ये उठता है कि जब कोई उपाय काम करना बंद कर दें तो पैैरेंटिंग बिहेवियर में किस तरह के बदलाव किये जायें। यहां हम आपको बता रहे हैं कि वे कौन सी बुरी आदतें हैं जो पैैरेंट्स को छोड़ देनी चाहिए।

रिश्वत 

वैसे तो रिश्वत सभी प्रॉब्लम का एक आसान सा सॉल्युशन है, लेकिन इसके कारण एक बड़ी प्रॉब्लम भी क्रियेट हो सकती है। रिश्वत से आप अपनी कमजोरी को अपने बच्चे के सामने रख देते हैं। इससे एक बड़ा नुकसान ये है कि एक बार बच्चोंं को ब्राईब की आदत लग जाती है तो वे और भी ज्यादा डिमांडिंग हो जाते हैं, ऐसी स्थिति में पैैरेंट्स के लिए उनकी इस आदत को एक बार में छुड़वाना मुश्किल हो जाता है। आप जितना उन पर अटेंशन देंगे, वे उतनी ही अपनी आदत बिगाड़ लेंगे। ब्राईब्स की जगह आप उनसे प्यार से पेश आ सकते हैं।

आलोचना

बच्चों की थोड़ी आलोचना जरूरी भी होती है। कुछ पैैरेंट्स जहां जरूरी नहीं होता है वहां भी उनकी आलोचना करने लगते हैं। इससे पॉजीटिव रिजल्ट आने की अपेक्षा वे गलत बिहेवियर अपना लेते हैं। पैैरेंट्स की ये टेंडेंसी होती है कि वे अपनी ही छवि बच्चों में देखना चाहते हैं और वहीं से प्रॉब्लम की शुरुआत होती है।

चिल्लाना

बच्चों पर चिल्लाकर बात करने से वे डर जाते हैं और डरकर वे अपना बिहेवियर भी चेंज कर लेते हैं। गुस्सा आने की स्थिति में आप थोड़ी देर के लिए बच्चे से दूर हो जाएं, एक लंबी सांस लें और सोचें कि ये उनका बचपना है। ऐसे में आपको शांत होने का मौका मिल जाएगा और आप बाद में अच्छे से उन्हें समझा पायेंगे।

चिड़चिड़ापन

जब काफी बार बताने पर भी बच्चा आपकी बात को नहीं मानता है तो ऐसे में पैैरेंट्स का चिड़चिड़ा होना लाजिमी है, लेकिन खुद पर कंट्रेल करना भी उतना ही जरूरी है। ऐसे में बिना सोचे-समझे पैैरेंट्स कुछ भी कर बैठते हैं। छोटी छोटी बातों पर इरिटेट होना बंद कर दें।

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