जानें कैसी हो बच्‍चों की जीवनशैली और खापान

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 21, 2015
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Quick Bites

  • बच्चों पर जीवनशैली और खानपान का गंभीर असर पड़ता है।
  • जानें बच्‍चों की जीवनशैली और खापान कैसा होना चाहिये।
  • बच्‍चों को ताज़ा व उच्‍च प्रोटीन वावा पौष्टिक भोजन मिले।
  • बच्‍चों को पढ़ाई के साथ आउटडोर एक्टिविटी में लगायें।

चाचा नेहरू कहते थे कि बच्चे देश का भविष्य होते हैं। ये बात सौ आने सच भी है, किसी भी देश की प्रगति में देश के युवाओं की अभिन्न भूमिका होती है और देश के युवाओं को बेहतर और सक्षम तभी बनाया जा सकता है जब उन्हें बचपन में सही पोषण, शिक्षा और मार्गदर्शन मिले। आज हम बच्‍चों की जीवनशैली और खापान जैसे अहम मुद्दों पर ही बात करेंगे और जानने की कोशिश करेंगे कि बच्‍चों की जीवनशैली और खापान कैसा होना चाहिये। जिससे उनके बेहतर स्वास्थ्य और भविष्य को सुनिश्चित किया जा सके।

 

 

बच्‍चों की जीवनशैली

बच्‍चों के संपूर्ण विकास पर उनकी जीवनशैली और खानपान का गंभीर असर पड़ता है, खासतौर पर 15 साल की उम्र तक। इसलिए बच्‍चों में शुरूआत से ही अच्‍छी आदतें डालने की जरूरत होती है जैसे उनकी सोने और उठने की आदतें, खाने की आदतें और एक्टिव जीवनशैली आदि। बच्चों को सुबह जल्‍दी उठायें। कोशिश करें कि बच्‍चे स्‍कूल जाने से एक घंटे पहले ही उठ जायें और उठने के बाद वे व्‍यायाम या फिर कोई योगासन जो उनकी उम्र के हिसाब से सही हो  उसे 15 से 20 मिनट तक करें। इससे बच्‍चे पूरे दिन एक्टिव रहेंगे और उनके बीमार पड़ने की संभावना कम होगी और कंस्‍ट्रेशन का स्‍तर भी बढ़ेगा। लेकिन इसेक लिये जरूरी है कि वे रात को समय से भोजन कर सो जाएं।

Eating Habits Of Children in Hindi

बच्‍चों का खानपान  

साथ ही बच्‍चों को जंकफूड से बचना चाहिए, और बाजार के खाने जैसे - चिप्‍स, मैदा से बने आहार व सोफ्ट ड्रिंक आदि से बचायें। सुनिष्चित करें कि बच्‍चों को ताज़ा व उच्‍च प्रोटीन वावा पौष्टिक भोजन मिले। बच्‍चों को विटामिन जरूर दें, इससे संक्रमण से उनका बचाव होगा और वे जल्दी बढ़ेंगे। फलों और सब्जियों में यह अधिक पाया जाता है। साथ ही बच्‍चों को पढ़ाई के साथ आउटडोर एक्टिविटी में लगायें। इसके लिये आपको भी उनके साथ बढ़ चढ़ कर ऐसी एक्टिविटी में उनका साथ देना होगा। इससे उनमें विटामिन डी और कैल्सियम की कमी नहीं होंगी। खासतौर पर लड़कियों की डायट में हीमोग्‍लोबिन और आयरनयुक्‍त सब्जियों को जरूर शामिल करें ताकि बड़े होने पर उनमें हीमोग्‍लोबिन की कमी न होने पाए।
 
एक बात समझनी बेहद जरूरी है और वह यह कि आप बच्चे से कोई भी चीज़ ज़बरदस्ती नहीं करा सकते हैं। यदि आप उसमें अच्छी आदतें डालना चाहते हैं तो पहले आपके उसके साने अपना बेहतर उदाहरण पेश करना होगा और बच्चे में अच्छी आदतों को अपनाने के लिये अत्साह पैदा करना होगा। तो आइये  ये सकारात्मक बदलाव कर अपने और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य और अच्छे स्वास्थ्य को सुनिश्चित करें।

इस लेख से संबंधित किसी प्रकार के सवाल या सुझाव के लिए आप यहां पोस्‍ट/कमेंट कर सकते हैं।


Image Source- Getty Images

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