मानसिक जंजाल से बाहर निकलने के 5 तरीके

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 27, 2015
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Quick Bites

  • असमंजस की स्थिति से निकलना मुश्किल नहीं है।
  • चीजों को अधिक सोचें नहीं बल्कि उसपर फोकस करें।
  • पुरानी बातों को भूलकर आगे बढ़ना ही जिंदगी है।
  • अंदर से डर को निकालें और खुदपर भरोसा रखें।

हमारा जीवनचक्र निरंतर चलता रहता है। जब नया सवेरा होता है तब खुशियों के साथ चुनौतियों को भी लेकर आता है। कई बार हम दूसरों के द्वारा और अपने द्वार बुने हुए जाल में पूरी तरह से फंस जाते हैं। दुविधा की इस स्थिति में हम सही और गलत के बीच फर्क नहीं कर पाते और कई बार तो इसके कारण तनाव और अवसाद की चपेट में आ जाते हैं। लेकिन यह भी नहीं है कि इस स्थिति से बाहर नहीं आ सकते। मानसिक जंजाल से बाहर निकलने में ये तरीके आपके काम आ सकते हैं।
Overcome Indecision in Hindi

सोचिये नहीं ध्‍यान दीजिए

हम जब किसी भी चीज के बारे में अधिक सोचते हैं तो उलझन की स्थिति आ जाती है, ऐसे में हम अपने लक्ष्‍य पर ध्‍यान केंद्रित नहीं कर पाते हैं। इसलिए आप जो काम कर रहे हैं उसके बारे में अधिक सोचने से बचें और उसपर अधिक फोकस कीजिए। इससे आपकी उस काम के प्रति चिंता कम होगी और आप एक निश्चित निर्णय पर पहुंच पायेंगे।

पुरानी बातों को भूल जायें

भले ही आपको आपका पास्‍ट अधिक सता रहा हो और आप उसके कारण दूसरे निर्णय लेने में संकोच कर रहें हों ऐसे में आगे बढ़ने के लिए पुरानी बातों को भूलने की कोशिश कीजिए। जब तक आप पुरानी बातों को भूलेंगे नहीं तब तक आप आगे नहीं बढ़ पायेंगे। इसलिए जो हुआ उसे भूलकर आगे बढि़ये और दूसरी चीजों पर ध्‍यान दीजिए।

डरना जरूरी नहीं

किसी भी रास्‍ते की डगर फूलों वाली नहीं होती है उस रास्‍ते में कांटे भी होते हैं। ऐसा ही आपके जीवन के हर कदम पर होता है। ऐसे में अगर आप घर से बाहर निकलना छोड़ देंगे तो सबसे पिछड़ जायेंगे। इसलिए डर के बारे में अधिक न सोचें और सकारात्‍मक रवैया अपनाकर आगे बढ़ें। फिर देखिये कैसे आप असमंजस की स्थिति से बाहर आ जाते हैं।

भावनाओं के साथ तालमेल बनायें

ऐसे लोग अधिक दुविधाग्रस्‍त होते हैं जो किसी चीज के बारे में अधिक विश्‍लेषण नहीं करते। इसलिए जरूरी है कि आप जो भी निर्णय लें उसमें अपनी भावनाओं और दूसरी इच्‍छाओं का भी ध्‍यान रखें। इसके लिए दूसरी चीजों को समझें और फिर निर्णय लीजिए।
Indecision in Hindi

खुद पर भरोसा रखें

अनिर्णय की स्थिति तब आती है जब आपका अपने आप पर भरोसा नहीं होता है। ऐसे में खुदपर भरोसा करने की जरूरत है। अपने ऊपर भरोसा रखकर आप जब भी आगे बढ़ते हैं असमंजस की स्थिति उतनी कम होती जाती है और आप आगे बढ़ते जाते हैं। इसलिए सबसे पहले अपने आप पर भरोसा कीजिए फिर देखिये कैसे चीजें आपके अनुकूल होने लगेंगी।

हम खुद से असमंजस की स्थिति में आते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं अनिर्णय की स्थिति से बाहर नहीं आ सकते। सकारात्‍मक सोच के साथ आप सबकुछ अपने लिए आसान बना सकते हैं।

 

Image Source - Getty Images

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