एब्‍डामिनल एक्‍सरसाइज से आप आसानी से बढ़ा सकते हैं कोर स्‍ट्रेंथ

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 01, 2013
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Quick Bites

  • मूल शक्तियां रीढ़, कमर, कंधे, धड़ सहित मौजूद है पूरे शरीर में।
  • मूल शक्तियां शरीर की गतिविधियों को नियंत्रित कर ऊर्जा प्रदान करती हैं।
  • एब्‍डामिनल क्रंचेज, ब्रिज ब्‍यायाम, सिंगल लेग एब्‍डामिन प्रेस आजमायें।
  • ड्रैगन फ्लैक, क्विक कोर वर्कआउट, प्लैंक, वी-सिट्स भी उपयोगी है।

फिटनेस के लिए लोग कई तरह के फंडे आजमाते हैं, लेकिन बिना स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग किये कोई भी अपनी मूल शक्ति नहीं बढ़ा सकता है। जबकि शरीर की मूल शक्तियों को बढ़ाने के लिए कंचेज और सिट-अप्‍स ही जरूरी नहीं हैं। लोगों को यह भी लगता है कि सिक्‍स एब्‍स पैक और बाइसेप्‍स बनाने से ही शरीर मजबूत हो जाता है, जबकि सच यह नहीं है। शरीर की मूल शक्तियां केवल पेट या मसल्‍स में नहीं होती हैं।

Core Strength Exercisesविशेषज्ञों के अनुसार मूल शक्तियां रीढ़ की हड्डी, कमर, कंधे, धड़ सहित पूरे शरीर में मौजूद हैं। इसलिए मूल शक्ति को मजबूत बनाने का मतलब है शरीर के सभी हिस्‍सों को मजबूत बनाया जाये। हमारी कोर की मांसपेशियों हमें दोनों पैरों पर खड़ा करने की शक्ति प्रदान करती हैं। ये मांसपेशियां शरीर की गतिविधियों को नियंत्रित करती हैं, ऊर्जा का स्‍थानांतरण एक स्‍थान से दूसरे स्‍थान में करती हैं। मूल शक्तियों के कारण ही शरीर किसी भी दिशा में आसानी से मूवमेंट कर सकता है।

मूल शक्ति बढ़ाने वाले व्‍यायाम

 

एब्‍डामिनल क्रंचेज

यह क्‍लासिकल कोर स्‍ट्रेंथ एक्‍सरसाइज है। इसके लिए सबसे पहले अपनी पीठ पर ले‍ट जाइए और अपने घुटनों और कूल्‍हों को लगभग 90 डिग्री तक ऊपर की तरफ उठाइए, पैरों को टेबल या दीवार के सहारे रख दीजिए। अपने दोनों हाथों गर्दन के पीछे रखने की बजाय सीने पर मोड़कर रखिए, इससे आपके गर्दन पर खिंचाव नहीं आयेगा। इसके बाद अपने सिर और कंधों को उठाइए, ऊपर आने के बाद तीन बार लंबी सांसे लीजिए। इस स्थि‍ति को 20-30 बार दोहराइए।


ब्रिज व्‍यायाम

मांसपेशियों के संयोजन में सुधार लाने के लिए ब्रिज यानी पुल का सहारा लीजिए। इसके लिए पीठ के बल लेटिये, अपनी पीठ को सामान्‍य स्थिति में रखिए, पैरों को मोड़कर रखिए। अपने दोनों हाथों को दोनों तरफ कमर के बराबर में रखिए। अब पैरों और कंधों पर जोर देकर कूल्‍हों को ऊपर की तरफ उठाइए। उसी स्थिति में रुककर तीन बार लंबी सांसें लीजिए, इस स्थिति को भी 15-20 बार दोहराइए।


सिंगल लेग एब्‍डामिन प्रेस

इस व्‍यायाम को करने के लिए पीठ के बल लेटिये, दोनों पैरों को मोड़कर रखिए। अपने कूल्‍हों को ऊपर की तरफ बिलकुल मत उठाइए। अपने दाहिने पैर को मोड़कर ऊपर की तरफ उठाइए, इस दौरान आपके पैरों को 90 डिग्री में मोडि़ये। अपने दाहिने हाथ को घुटने पर रखिए, पैरों को ऊपर उठाने के बाद अपने हाथों से उनको पीछे की तरफ ढकेलिए, अपने हाथ को सीधा रखिए। इस क्रिया को बायें हाथों और बायें पैर से भी कीजिए।


डबल लेग एब्‍डामिनल प्रेस

इसे करने के लिए पीठ के बल लेटिये, अपने सिर को सीधा रखिए। दोनों पैरों को घुटने से मोड़कर 90 डिग्री में ऊपर की तरफ उठाइए। अपनों दोनों हाथों को घुटनों पर पर रखिए, पैरों को पेट की तरफ ले जाइए और तीन बार गहरी सांस लीजिए। अब पैरों को हाथों से पीछे धकेलिए। इस क्रिया को 20-30 बार दोहराइए।

 

सेगमेंटल रोटेशन

इसे कमानी रोटेशन भी कहते हैं। इससे आपके पेट की मांपेशियां मजबूत होती हैं। इसके लिए सबसे पहले पीठ के बल लेटिये, उसके बाद अपने दोनों हाथों को सीधा जमीन पर फैला ली‍जिए। अपने घुटनों को मोड़कर रखिए, उसके बाद अपने घुटनों को दाहिने और बायें तरफ जमीन तक लाइए। जब आप दाई तरफ हों तो 2-3 सेकेंड का ब्रेक लीजिए, उसके बाद बांयीं तरफ जाकर 2-3 सेकेंड का ब्रेक लीजिए। इस क्रिया को 15-20 बार दोहराइए।



इसके अलावा भी शरीर की मूल शक्ति बढ़ाने के लिए कई व्‍यायाम हैं - ड्रैगन फ्लैक, क्विक कोर वर्कआउट, प्लैंक एक्‍सरसाइज, वी-सिट्स, पुश-अप, ऑब्लिक ट्विस्‍ट, लंग विथ ट्विस्‍ट आदि। इनके जरिए शरीर की मूल शक्ति को बढ़ाया जा सकता है। लेकिन इन व्‍यायाम को करने से पहले एक बार फिटनेस ट्रेनर की सलाह अवश्‍य लीजिए।

 

 

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