केले के छिलके से करें सोरायसिस का इलाज

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 17, 2016
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Quick Bites

  • सोरायसिस एक दर्दनाक त्‍वचा रोग है।
  • एंटीऑक्‍सीडेंट से भरपूर है केले का छिलका।
  • सोरायसिस के केले के छिलके का उपयोग करें।
  • तारकोल प्राकृतिक कोयले से प्राप्‍त होता है।

सोरायसिस एक दर्दनाक बीमारी है। यह न सिर्फ व्‍यक्ति की त्‍वचा को, बल्कि आत्‍मसम्‍मान और आत्‍मविश्‍वास को भी प्रभावित करती है। इसमें रफ पैच पूरे शरीर पर फैल जाते हैं, जिसके कारण पीड़ि‍त को बुरा महसूस होता हैं। भगवान न करें कि आपके जान-पहचान में किसी को यह रोग हो, लेकिन अगर हो जाये तो इसके इलाज के लिए आप क्‍या कर सकते हैं? क्‍या महंगा उपचार ही इसका एकमात्र विकल्‍प है? या इस बीमारी से निजात पाने का कोई घरेलू नुस्‍खे भी है? आइए आपके इन सभी सवालों के जवाब इस आर्टिकल के माध्‍यम से लेते हैं।

psoriasis  in hindi

सोरायसिस क्या है?

सोरायसिस एक त्‍वचा रोग है, जो आपके शरीर के किसी भी हिस्‍से जैसे पीठ, गर्दन, पैरों और यहां तक मुंह को भी प्रभावित कर सकता है। सोरायसिस की समस्‍या होने पर त्‍वचा पर लाल रंग के परतदार पैच हो जाते हैं और प्रभावित त्‍वचा पर खुजली होने लगती है।   

सोरायसिस के इलाज के केले के छिलका ही क्‍यों ?

सामान्‍य तौर पर, केले के छिलके में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट और मिनरल त्‍वचा को कोमल बनाने के साथ बाहरी नुकसान जैसे सूरज की गर्मी से रक्षा करते हैं। केले के छिलके में एस्‍टरीकृत फैटी एसिड होता है, जो एक्जिमा और सोरायसिस का इलाज करता है।

सोरायसिस उपचार के लिए केले के छिलके का उपयोग कैसे करें:

त्‍वचा रोगों से छुटकारा पाने के लिए केले के छिलके का कई तरीकों से इस्‍तेमाल किया जा सकता है। आइए सोरायसिस के इलाज के लिए केले के छिलके के उपयोग के ऐसे ही कुछ तरीकों के बारे में जानते हैं।

1. केले और तारकोल का पेस्ट

इस दिलचस्‍प पेस्‍ट को बाहरी तौर पर लगाने से आपको सोरायसिस से राहत मिल सकती है। इस पेस्‍ट को बनाने के लिए, कुछ केले के छिलके लेकर इन्‍हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट दें। फिर इसे ब्‍लेंडर में कुछ मिनट के लिए पीस लें। फिर इस छिलके के पेस्‍ट में तारकोल मिला दें। आपका औषधीय पेस्‍ट तैयार है। अब आप इसे प्रभावित त्‍वचा पर लगा कर, धीरे से रगड़ें और 30 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। तारकोल प्राकृतिक कोयले से मिलता है। यह सिर्फ सोरायसिस के लिए ही नहीं बल्कि त्‍वचा की अन्‍य समस्‍याओं के इलाज के लिए भी उपयोगी होता है। जर्नल ऑफ डर्माटलॉजिकल ट्रीटमेंट में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, तारकोल और केले के छिलके सोरायसिस के इलाज के लिए बेहतर तरीके से काम करते है।

2. सिर्फ केले का छिलके

केले का छोटा सा टुकड़ा लेकर और छिलके के पीछे के हिस्‍से को प्रभावित त्‍वचा पर रगड़ें। इसे तब तक रगड़ें जब तक आपकी त्‍वचा भूरे रंग की न हो जाये। फिर इसे 30 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। वैकल्पिक रूप से, आप इसे पूरी रात ऐसे भी छोड़ सकते हैं। इसके सूखने पर, फल के छिलके में मौजूद पोषक तत्‍व और विटामिन को त्वचा अवशोषित कर लेती है। 30 मिनट या अगली सुबह, त्‍वचा को गुनगुने पानी से धो लें। इस उपाय को एक दिन में कम से कम तीन बार करें। कुछ दिनों तक इस उपाय को करने से आपको पॉजिटिव परिणाम देखने को मिलेगें।

3. छिलके का सेवन

अगर आप फसी किस्‍म के नहीं है तो छिलके का सेवन वास्‍तव में वह कर सकता है जैसे आप चाहते हैं। यह सबसे आसान तरीका है। इसके लिए आपको केले के छिलके को नियमित रूप से खाने की जरूरत है। आप फल को छिलके के साथ या सिर्फ छिलके को भी खा सकते हैं। यह आपकी खाने की इच्‍छा पर निर्भर करता है। लेकिन ध्‍यान रहें कि केला भी पोषक तत्‍वों से भरपूर होता है।

यहां दिये केले के छिलके के उपायों की मदद से आप सोरायसिस का इलाज कर सकते हैं।  

इस लेख से संबंधित किसी प्रकार के सवाल या सुझाव के लिए आप यहां पोस्‍ट/कमेंट कर सकते है।

Image Source : Getty

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