जानें किस तरह मधुमेह को नियंत्रित करने में मददगार है एलोवेरा सप्लीमेंट

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 27, 2016
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Quick Bites

  • औषधीय गुणों से भरपूर होता है एलोविरा जेल।
  • इसमें होते है एंटी-बैक्टेरिया और एंटी-फंगल गुण।
  • टाइप 2 डायबिटीज में करे एलोविरा का सेवन।
  • रक्त में शर्करा की मात्रा को करता है कंट्रोल।

एलोवेरा एक औषधीय पौधे के रूप में पूरे विश्व में विख्यात है। इसे अनेक नामों से जाना पहचाना जाता है, ये शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इसे - ग्वारपाठा, क्वारगंदल, घृतकुमारी, कुमारी, घी-ग्वारएलोवेरा आदि नामों से भी जाना जाता है। एलोवेरा में 18 धातु, 15 एमीनो एसिड और 12 विटामिन पाये जाते है. प्राकृतिक रूप से यह ठंडी तासीर वाला पौधा है. हमारे शरीर को 21 अमीनो एसिड की जरूरत होती है जिनमें से 15 अमीनो एसिड केवल एलोवेरा में मिलते हैं। सौंदर्य को निखारने के अलावा एलोवेरा के सेवन से मधुमेह के रोगियो को भी आराम मिलता है। इस लेख में विस्‍तार जानें मधुमेह के लिए यह कितना फायदेमंद है।


 

  • इसके सेवन से मधुमेह रोगियों की रक्त शर्करा के स्तर में सुधार होता है साथ ही यह उच्च लिपिडेमिक रोगियों के रक्त मे लिपिड का स्तर घटाता है। एलोविरा के गुण इंसुलिन पाथ वे को प्रभावित करते हैं, इससे सेल ग्लूकोज की मात्रा को अपने अंदर सम्माहित कर लेते हैं और रक्त में शुगर की मात्रा कम हो जाती है।
  • एलोवेरा में एंटी-बैक्टेरिया और एंटी-फंगल गुण होने के कारण यह खून में शर्करा का स्तर चमत्कारी रूप में बनाये रखता है।  जिससे टाइप 2 डायबिटीज कंट्रोल में रहता है।
  • कई शोधों में यह भी साबित हुआ है कि अगर किसी व्यक्ति को मधुमेह की बीमारी है, तो वह 2 चम्मच एलो वेरा के रस का रोजाना सेवन करने से ही काफी स्वस्थ रह सकता है। भले ही आप खुद मधुमेह की समस्या का शिकार ना हों, पर अगर आपके परिवार में ऐसा कोई है, जिसे शरीर में चीनी के स्तर के ज़रुरत से ज़्यादा होने की समस्या है तो आज से ही एलोवेरा के रस का सेवन शुरू कर दें।
  • एलोवेरा के सफेद भाग को अलग करने के बाद उसे मिक्सी में डालें और दो मिनट के लिए मिक्सी को चला दें इससे एलोवेरा की पत्तियों का जेल जूस में बदल जाएगा अब इसे गिलास में निकालें और इसमें उचित मात्रा में पानी और नमक मिला लें यदि आप चाहें, तो इसमें फलों का जूस भी मिला सकते हैं ओरेज (संतरा ) जूस इसके स्वाद को टेस्टी बना देता है इससे एलोवेरा जूस स्वादिष्ट हो जाएगा और आपको पीने में दिक्कत नहीं होगी आइस क्यूब डालकर भी ले सकते है।
  • गिलोय, गुडमार, कुटकी, बिल्ब पत्र, जामुन की गुठली, हरड़, चिरायता, काली जिरी, तेज पत्र,बहेडा नीं पात्रा और अन्या जड़ी बूटियाँ को एक निश्चित अनुपात मे लेकर पाउडर बनाया जाता है जो की मधुमेह मे बहूत फायदेकारक साबित होता है। यदि खून मे शुगर की मात्रा ज़्यादा बढ़ी हुई नही है तो उपरोक्त उपा  ए से आराम अवश्य मिलता है। किंतु यदि खून मे शुगर लेवल ज़्यादा हो तो चिकित्सक की राय अवश्य लेनी चाहिए।


एलोवेरा का इस्तेमाल बच्चों से बड़ों तक कोई भी कर सकता है। इसे आप अपने घर में गमलों में या खुली जगह पर बड़ी आसानी से लगा सकते है।  इसके सेवन से हमारे शरीर की अंदरूनी सफाई होती है।


Image Source-Getty

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