शादी से पहले काउंसलिंग के हैं ये फायदे

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 06, 2012
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Quick Bites

  • शादी के परामर्श के फायदे ही होते हैं इससे आपको नुकसान नहीं होता है।
  • शादी ऐसा टर्निंग प्वाइंट होता है जब लाइफ स्टाइल बिल्कुल बदल जाता है।
  • बहुत सी जोडि़यां शुरूआत में शादी से पहले बात करने से झिझकती हैं। 
  • आप काउंसलिंग लेकर अपने मन की चिंता, अपने भय और डर से मुक्ति पा सकते हैं। 

 

 

आज के समय में अधिक से अधिक जोड़े शादी से पहले काउंसलिंग लेना या फिर परामर्श लेने की ओर अग्रसर हो रहे हैं। हो भी क्यों ना, आखिर मैरिज काउंसलिंग है भी इतनी जरूरी। दरअसल आज के समय में रिश्तों में स्थिरता खत्म होती जा रही है और पति-पत्नी। आपस में एक-दूसरे को समझने के बजाय झगड़ने लगते हैं। नतीजन, बात तलाक तक पहुंच जाती है। ऐसे में जरूरी है कि रिश्तों में अंतरंगता और रिश्तों को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए शादी के परामर्श लिए जाएं। वैसे भी शादी के परामर्श के फायदे ही हैं इससे आपको नुकसान नहीं होगा बल्कि आपको चीजों को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।

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मैरेज काउंसलर आजकल प्रोफेशनल एक्सपर्ट भी होते हैं, जिनसे नए जोड़े और शादी करने वाली जोडि़यां मिलकर अपनी समस्यागओं और शंकाओं का समाधान पा सकती हैं। कुछ लोग मानते हैं कि मैरिज काउंसलर के पास जाना वक्त की बर्बादी है, लेकिन हाल ही में आए सर्वे के मुताबिक 75 फीसदी जोडि़यां ऐसी हैं जो शादी से पहले अपने जीवन और रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए काउंसलिंग ले रही हैं जबकि अन्य लोग इसे सिर्फ वक्त की बर्बादी मानते हैं।

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शादी के परामर्श के फायदे


खुलापन आना

बहुत सी जोडि़यां ऐसी होती हैं जो शुरूआत में शादी से पहले बात करने से झिझकती हैं और एक-दूसरे से अपनी समस्याओं को बताने से घबराती हैं। आज के समय में भागदौड़ की जिंदगी और तनाव के कारण लोग एक-दूसरे की समस्याओं को समझ नहीं पाते या फिर दूर भागते हैं। ऐसे में शादी के परामर्श के दौरान जोडि़यां आपस में एक-दूसरे से खुल जाती हैं। शादी से पहले काउंसलिंग एक ऐसी स्थिति है जब दोनों पार्टनर एक दूसरे के साथ बेहतर तरीके से संवाद कर सकते हैं।



जिम्मेदारी निभाना

एक-दूसरे पर गलतियां थोपने से रिश्तों में दरार आ जाती है। ऐसे में दोनों में से कोई भी एक-दूसरे की जिम्मेरदारी उठाने से कतराने लगता है। शादी के बाद अकसर ऐसी स्थितियां बन जाती है। ऐसे में जिम्मेदारियों को समझने और उन्हें सही तरह से निभाने के लिए मैरिज काउंसलिंग बहुत जरूरी होती है। शादी के परामर्श की मदद से दोनों साथी एक-दूसरे की जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।

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विचारों में बदलाव आना

शादी एक ऐसा टर्निंग प्वाइंट होता है जब आपका लाइफ स्टाइल बिल्कुल बदल जाता है, इसी के साथ एक चीज में और बदलाव आता है और वह है आपके विचारों में। कई बार डर और घबराहट के कारण आप आशंकाओं से भर जाते हैं। ऐसे में आपके लिए सही दृष्टिकोण होना बहुत जरूरी है। आप यदि शादी के परामर्श लेते हैं तो आपको अपना दृष्टिकोण सही बनाने में मदद मिलेगी।


चिंताओं से मुक्ति

कई लोगों में शादी के नाम से ही घबराहट होने लगती हैं। ऐसे में आपका तनाव बढ़ जाता है, आप किसी से ठीक तरीके से बात नहीं कर पाते। अपनी भावनाओं को शेयर नहीं कर पाते। ऐसे में आप काउंसलिंग लेकर अपने मन की चिंता, अपने भय और डर से मुक्ति पा सकते हैं और काउंसलर से अपने दिल की सभी बातें आराम से कह सकते हैं जिससे आपको शादी के वक्त किसी भी आने वाली समस्या से निजात मिल सकें।


इसके अलावा भी शादी के परामर्श के कई फायदे हैं आपको चीजों और समस्याओं को सुलझाने में मदद मिलती है।

 

Image Source - Getty Images.

 

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