इसलिए नहीं पहनने चाहिए बिना धोए नए कपड़े

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 20, 2017
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Quick Bites

  • नए कपड़ों को बिना धोए नहीं पहनना चाहिए।
  • इन्हें आपसे पहले भी किसी ने ट्राय किया होता है।
  • इससे आपको स्किन इंफेक्शन की समस्या हो सकती है।

कपड़े जब आप खरीदकर लाते हैं तो क्या करते हैं...?
बिना धोए पहन लेते हैं...?? बच्चों को भी बिना धुलाए पहना देते हैं...???


अगर इन दोनों के जवाब हां हैं तो आप गलत कर रहे हैं। क्योंकि नए कपड़ों को बिना धोए पहनने से कई सारी स्कीन प्रोबलम हो जाती हैं। क्योंकि इन नए कपड़ों को हमसे पहले भी कई लोगों ने पहना होता है। इसके अलावा कपड़ों को कलर करने में जिन केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है उसके कुछ अंश कपड़ों में रह जाते हैं। ऐसे में जब हम इन कपड़ों को पहनते हैं तो इन केमिकल के कुछ अंश हमारी स्कीन के साथ रिएक्शन करके एलर्जी का कारण बन जाते हैं।

 

आप तक कब पहुंचते हैं नए कपड़े

  • आप से पहले इन कपड़ों को बहुतों ने ट्राय करके इस्तेमाल कर लिया होता है।
  • इसके अलावा जिस शॉप से आप कपड़े खरीद रहे हैं वहां भी वो पहुंचने से पहले कई स्थानों से गुजरकर आया होता है।
  • कपड़ों को कलर करने के बाद उन्हें धोया नहीं जाता। ऐसे में केमिकल कलर के कुछ अंश कपड़ों में रह जाते हैं।

इन कपड़ों के पहनने के परिणाम

ऐसे में इन कपड़ों को बिना धोए पहनने से बीमरियों और स्किन इंफेक्शन का खतरा पैदा हो जाता है। जिससे बचने के लिए हमेशा कपड़े धोकर पहनने चाहिए। अगर आप बिना धोए कपड़े पहनते हैं तो आपको ये नुकसान हो सकते हैं।

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हो सकती है स्किन इंफेक्शन की समस्या

आपने कभी सोचा है कि जो कपड़े आप मॉल में ट्राय कर रहे हैं उसे आपसे पहले किन-किन लोगों ने पहना होगा...?
कई बार लोग गर्मी में ठंडक पाने के लिए मॉल में घुस जाते हैं और टाइमपास के लिए कपड़े ट्राय करने लगते हैं। ऐसे में उनके पसीने, धूल और फोड़े-फुंसी के कुछ अंश कपड़ों में चिपक जाते हैं जो आपके पहनने के बाद आपके स्कीन पर आ जाते हैं। जिससे आपको स्किन इंफेक्शन का शिकार होना पड़ सकता है। खासकर तो छोटे बच्चों को बिना धुले कभी भी नए कपड़े नहीं पहनाने चाहिए। क्योंकि उनकी त्वचा काफी संवेदनशील होती है।

 

कलर्स से हो सकती है त्वचा की परेशानी

जो नैचुरल कलर होते हैं उनका कोई रंग नहीं होता। उन्हें रंग देने के लिए सुंदर रंगों में रंगा जाता है। कपड़ों की रंगाई, छपाई और डाई जैसी क्रियाओं के दौरान कपड़ों में कई सारे केमिकल्स लगाए जाते हैं। ऐसे में ये केमिकल्स के कुछ अंश कपड़ों से चिपके रहते हैं जो हमारे कपड़े पहनने के बाद हमारी स्कीन के संपर्क में आकर स्किन एलर्जी का कारण बन सकते हैं।

 

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