बालों के झड़ने की रोकथाम के लिए योग

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 13, 2012
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बाल झड़ना एक आम समस्या है। लेकिन इस समस्या को हल्के में नहीं लेना चाहिए। इस समस्या से निजात पाने के लिए आप क्या कुछ नहीं अपनाते हैं लेकिन क्या कभी आपने बाल झड़ने की समस्या से छुटकारा पाने के लिए योग का सहारा लिया है। योगा से आपका शरीर तो स्वस्थ रहता ही है साथ ही आपके बालों को भी इससे फायदा होता है।

व्रजासन

समतल स्थान पर दर्री या कंबल बिछाकर पैर मोड़कर बैठ जाएं। इसके बाद पैरों की एड़ी-पंजे को दूर कर फर्श से टेक दिए जाते हैं, किंतु दोनों घुटने मिले हुए होना चाहिए। इस आसन से आपकी पाचन शक्ति ठीक रहती है और बालों की झड़ने की समस्या में पाचन शक्ति का अहम रोल होता है।

पवन मुक्तासन

पवन मुक्तासन से शरीर की दूषित वायु बाहर निकल जाती है। यह आसन पीठ के बल लेटकर किया जाता है। पहले शवासन की स्थिति में लेट जाएं। फिर दोनों पैरों को एक-दूसरे से मिला लें। अब हाथों को कमर से मिलाएं। फिर घुटनों को मोड़कर पंजों को जमीन से टिकाएं। इसके बाद धीरे-धीरे दोनों घुटनों को छाती पर रखें। अपने दोनों हाथों से घुटनों को पकड़ें।


उष्ट्रासन


इस आसन को करने के लिए जमीन पर दरी बिछाकर घुटनों के बल खड़े हो जाएं इसके बाद दोनों घुटनो को मिलाकर तथा एड़ी व पंजों को मिलाकर रखें। अब सांस अंदर खींचते हुए धीरे-धीरे शरीर को पीछे की ओर झुकाकर दोनो हाथों से दोनो एड़ियों को पकड़ने की कोशिश करें। इस स्थिति में ठोड़ी ऊपर की ओर करके रखें व गर्दन को सीधा रखें और दोनो हाथों को भी बिल्कुल सीधा रखें। सामान्य रूप से सांस लेते हुए इस स्थिति में 30 सैकेंड से 1 मिनट तक रहें और फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ जाएं।

शीर्षासन

शीर्षासन करने के लिए पहले वज्रासन की अवस्था में बैठ जाएं। अब आगे की ओर झुककर दोनों हाथों की कोहनियों को जमीन पर टिका दें। दोनों हाथों की अंगुलियों को आपस में मिलाएं। अब सिर को दोनों हथेलियों के मध्य धीरे-धीरे रखें। सिर को जमीन पर टिकाने के बाद धीरे-धीरे शरीर का पूरा वजन सिर छोड़ते हुए शरीर को ऊपर की ओर उठाना शुरू करें। शरीर का भार सिर पर लें। शरीर को सीधा कर लें। शीर्षासन से शरीर में खून का बहाव नियमित बना रहता है तथा दिमाग में रक्त प्रवाह बढ़ता है साथ ही टेंशन भी दूर होता है।

अनुलोम-विलोम

दरी या चटाई बिछाकर बैठ जाएं और बाएं पैर को मोड़कर दाईं जांघ पर और दाएं पैर को मोड़कर बाई जांघ पर रखें। हैं। अब दाहिने हाथ के अंगूठे से नासिका के दाएं छिद्र को बंद कर लें और नासिका के बाएं छिद्र से 4 तक की गिनती में सांस को भरे और फिर बायीं नासिका को अंगूठे के बगल वाली दो अंगुलियों से बंद कर दें। उसके बाद दाहिनी नासिका से अंगूठे को हटा दें और दायीं नासिका से सांस को बाहर निकालें।

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इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

टिप्पणियाँ
  • pramod vishwakarma18 Feb 2017

    yog karke dekhte hain kya mere balon ko jharne me sudhar hota hai ki nahi.thanks alot.

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