इम्‍यून डिसऑर्डर की वजह से शरीर के इन अंगों पर पड़ता है बुरा असर

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 27, 2018
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Quick Bites

  • शरीर में जब भी कोई हानिकारक तत्व प्रवेश करता है
  • किसी संक्रमण या अन्य बिमारी की शुरुआत होती है
  • तो शरीर की प्रति रक्षा प्रणाली एंटीबॉडीज का निर्माण करती हैं

ऑटो इम्यून डिसऑर्डर (स्व-प्रतिरक्षित विकार) एक ऐसी समस्या है, जिसमें व्यक्ति के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता रोगों और बाहरी हानिकारक तत्वों से लड़ने के बजाय उल्टा शरीर पर ही आक्रमण करना शुरू कर देती है। शरीर में जब भी कोई हानिकारक तत्व प्रवेश करता है, या किसी संक्रमण या अन्य बिमारी की शुरुआत होती है, तो शरीर की प्रति रक्षा प्रणाली एंटीबॉडीज का निर्माण करती हैं, यही एंटीबॉडीज इन सभी हानिकारक तत्वों से लड़ कर उन्हें खत्म कर देती हैं। वहीँ यदि यह एंटीबॉडीज हानिकारक तत्वों और शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं में फर्क करना भूल जाती हैं, तो यह हानिकारक तत्वों पर आक्रमण करने के बजाय कोशिकाओं को ही नष्ट करना शुरू कर देती हैं। यह एंटोबीडीज शरीर के जिस हिस्से की कोशिकाओं पर आक्रमण करती है, लक्षण भी उसी के अनुसार नज़र आते हैं। चलिए देखते हैं, यह शरीर के किन-किन अंगों को प्रभावित कर सकती हैं और उससे क्या लक्षण नजर आते हैं।

मांशपेशियों, जोड़ों में दर्द

  • मांशपेशियों का कमज़ोर हो जाना उनमें दर्द रहना।
  • जोड़ों में दर्द और अकड़न रहना।
  • मुंह, नाक और फेंफड़ो में होने वाली समस्याएं

एलर्जी

  • लगातार एलर्जी जैसे सर्दी-जुकाम रहना, या साइनस की समस्या।
  • अस्थमा की समस्या हो जाना।
  • मुँह में लार की कमी और सूखापन।

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मस्तिष्क को करता है प्रभावित

  • चिंता की एक निरंतर भावना, घबराहट, या अस्वस्थता
  • किसी चीज़ पर ध्यान न लगा पाना, कुछ भी याद न रहना, जल्दबाजी रहना, अत्यधिक चंचलता।
  • लगातार सिरदर्द रहना। 

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गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल

  • पेट पर सूजन या अफारा- पेट में निरंतर गैस की समस्या, पेट फूलना इत्यादि।
  • नियमित कब्ज़ की समस्या रहना और मल त्याग में परेशानी होना।
  • पेट और पेट के आस-पास के हिस्से में मरोड़, ऐंठन और दर्द रहना।

सोरायसिस की समस्‍या

सोरायसिस विकार जिसमें चेहरे और नाक रक्त वाहिकाओं में उभार नज़र आने लगता है। चेहरे और नाक पर असामान्य लाली बनी रहती है। इनके अलावा, थाइरोइड, शारीरिक कमज़ोरी, बीमारों जैसा और असहज महसूस करना भी प्रतिरक्षा विकार के लक्षणों में शामिल हो सकता है। यहाँ तक कि बिना ख़ास वजह के वजन कम होना या बढ़ना भी प्रतिरक्षा विकार के कारण हो सकता है।

त्वचा संबंधी समस्‍या

  • चेहरे पर लाल रंग की फुंसियां रहना।
  • छालों, वाली लाल और सूजी हुई त्वचा जिस पर कभी-कभी छोटे-छोटे दाने भी उभर आते हैं।
  • खुजली- रूखी त्वचा, खुजली, सूजन और छाले जिनमें खुजली होती है और रक्त भी निकल आता है।

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