बच्‍चे को तमाचा मारने से बढ़ता है कैंसर का खतरा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 14, 2012
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bache ko tamacha marne se badta hai cancer ka khatra

अगर आप अपने बच्चे पर चिल्लाते हैं या फिर उस पर हाथ उठाते हैं, तो जरा ठ‍हरिए। कहीं उसे सुधारने की कवायद में आप उसे जानलेवा बीमारियों की गिरफ्त में तो नहीं सौंप रहे। एक ताजा अध्‍ययन में यह बात सामने आयी है कि जिस बच्‍चे को डांटा या पीटा जाता है उसे भविष्य में कैंसर, दिल की बीमारी या अस्थमा होने का खतरा अधिक होता है। इस अध्ययन में पाया गया है कि बच्चे को तमाचा मारने या उस पर चिल्लाने से उसका तनाव बढ़ता है।

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ब्रिटिश अखबार टेलीग्राफ में कहा गया है कि तनाव बढ़ने पर जो जैविक परिवर्तन होते हैं उससे कैंसर, दिल की बीमारी, अस्थमा या स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्या होने की आशंका होती है।

प्लाईमाउथ यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं ने सउदी अरब में 250 स्वस्थ्य वयस्कों से उनके बचपन के बारे में सवाल किए और उनके जवाबों की तुलना दिल की बीमारी वाले 150 वयस्कों से, कैंसर वाले 150 वयस्कों से और अस्थमा वाले 150 वयस्कों से की। इन लोगों से पूछा गया कि क्या उन्हें मारा गया, अगर मारा गया तो कितनी बार मारा गया और कितने बार उन पर चिल्लाया गया।

[इसे भी पढ़े- बच्‍चों की शिक्षा]

यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ साइकोलॉजी के प्रो माइकल हेलैंड ने अध्ययन दल का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा ‘जीवन के शुरूआती दौर में किसी भी तरह का तनाव या सदमा और र्दुव्यवहार दूरगामी असर डालता है और बाद में गंभीर बीमारी हो सकती है।’ (एजेंसी)

 

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