जानें घर के सामान कैसे कर सकते हैं बीमार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 06, 2015
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Quick Bites

  • घर के सामानों से भी रहता बीमार होने का खतरा ।
  • कारपेट और एयरफ्रेशनर आदि मे होते है टॉक्सिक।
  • इससे शरीर मे इंफेक्शन और जलन की समस्या ।
  • घर मे बैक्टीरिया ना पनपने दे, अच्छे से करे सफाई।

 

घर के हर कोने को साफ करने के बाद भी उसमें कई प्रकार की बीमारियां छुपी रहती हैं। डस्टिंग करने और फिनायल से पोंछा लगाने के बावजूद घर में बैक्टीरिया पनपने की संभावना बनी रहती है।शायद यह बात आपको अजीब लगे, लेकिन घर के अंदर की आबोहवा बाहर के पर्यावरण की तुलना में 70 फीसदी तक अधिक हानिकारक हो सकती है। सही तरीके से सफाई न करना, साफ हवा का घर में न आना आदि के कारण घर में बीमारियां फैलने की संभावना होती है। आइए हम आपको बताते हैं कि घर में कहां-कहां छुपी हो सकती हैं बीमारियां।
Clean in Hindi

फर्श, फर्नीचर और दीवारें 

फर्श को साफ करने के लिए अच्छे क्लीनर का प्रयोग करें। फर्श को साफ करने के साथ-साथ दीवारों की सफाई भी अच्‍छे से कर लीजिए। इस बात का पूरा ध्‍यान रखें कि घर में साफ हवा आती रहे। दीवारों पर सजावटी चीजें टंगी हैं तो वह ईको फ्रेंडली ही हों और सफाई करते वक्‍त उनको हटाकर सब जगह को साफ कीजिए। घर में मौजूद फर्नीचर में कीटाणुओं के पनपने की ज्‍यादा संभावना होती है। क्‍योंकि फर्नीचर की अच्‍छे तरीके से सफाई करने के बावजूद भी आप उनके अदंरूनी कोनों तक नही पहुंच पाते हैं जिसके कारण कई प्रकार के हानिकारक कीटाणु उनमें पनपते हैं और बीमारी फैलाते हैं। इसलिए जितना संभव हो फर्नीचर के कोनों की सफाई करें।

कारपेट और एयर फ्रेशनर एवं क्लीनर्स

कारपेट, दरी-चटाई और पायदानों की प्रतिदिन सफाई बेहद जरूरी है। इनमें फंगस जल्दी फैल जाते हैं जिसके कारण इनसे बदबू भी आने लगती है। घर के पायदान, खासतौर पर बाथरूम के बाहर रखे पायदान को हफ्ते में एक बार अवश्य धुलें। कारपेट को फंगस से बचाने के लिए गर्म पानी में सिरका डालकर उसे साफ कीजिए। पायदान और चटाई को धुलने के बाद अच्‍छे से सुखा लीजिए। घर में सफाई के लिए प्रयोग की जाने वाले उत्‍पादों के बारे में जानकारी करने के बाद ही प्रयोग कीजिए। क्‍योंकि इन इन उत्‍पादों में पाये जाने वाले रसायनों से टॉक्सिक लेवल(शरीर को नुकसान पहुंचाने वाला केमिकल) बढ़ता है। वहीं एयर फ्रेशनर्स में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड का प्रयोग होता है, जो हवा में मौजूद ओजोन के साथ मिलकर फार्मलडिहाइड बनाते हैं, जो फेफड़ों में जाकर जम जाता है। खिड़की और दरवाजों के कोनों में की‍टाणु पनप सकते हैं। इसलिए सप्‍ताह में दरवाजों के कोनों की सफाई कीजिए। खिड़की में कांच लगाने की बजाय जाली लगवाईये, इससे घर में बाहर की हवा आएगी। इसके अलावा कीट-पतंगे भी नही जाली लगने से घर में प्रवेश नही कर पायेंगे।  
toys in Hindi

शॉवर हेड और बच्‍चों के खिलौने

बच्‍चे खिलौने से जरूर खेलेंगे, कई बार तो बच्‍चे इन खिलौनों को मुंह में भी डाल लेते हैं। इनमें कई प्रकार के छोटे-छोटे की‍टाणु होते हैं जिससे बच्‍चों को इन्‍फेक्‍शन हो सकता है। इसलिए घर में मौजदू खिलौनों और टेडी की सफाई अवश्‍य कर लीजिए। प्‍लास्टिक खिलौनों को एंटीसेप्टिक के घोल से साफ कीजिए। जिस शॉवर हेड से आप रोज शरीर को साफ करते हैं, वही आपको बीमार कर सकता है। शॉवर हेड के नीचे ऐसे कीटाणु हो जाते हैं जो कई बीमारियों को फैलाते हैं। शॉवर हेड में माइक्रोबैक्टीरियम ओवम होते हैं जिनसे फेफड़ें की बीमारियां फैलती हैं। इनसे बचने के लिए आप हर सप्ताह शॉवर हेड की सफाई अवश्‍य कीजिए।


घर के हर कोने को साफ करना बहुत कठिन काम है लेकिन इन छोटी-छोटी जगहों को सप्‍ताह में एक बार भी अगर सफाई कीजिए तो कुछ हद तक छोटी-छोटी बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।

Image Source - Getty Images

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