गर्भावस्था के दौरान मादक पदार्थों का सेवन करने से कीजिए परहेज

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 03, 2011
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • गर्भावस्‍था के दौरान सिगरेट, शराब, तंबाकू, गुटखा आदि हैं नुकसानदेह।
  • प्रेग्‍नेंसी में मादक पदार्थों के सेवन से बढ़ सकता है गर्भपात का खतरा।
  • एल्कोहल से बच्चे के शरीर में विकार होने की आशंका ज्‍यादा रहती है।
  • मादक पदार्थों के ज्‍यादा सेवन से प्रीटर्म डिलीवरी का संभावना बढ़ती है।

garbhavastha me madak padartho se door rahe

यूं तो नशीले पदार्थ मनुष्य के लिए हमेशा ही खतरनाक और नुकसान देह होते हैं, लेकिन गर्भावस्था के दौरान इनका प्रतिकूल प्रभाव और ज्यादा बढ़ जाता है। इस अवस्था में महिलाओं द्वारा लिए जाने वाले पदार्थ न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालते हैं बल्कि होने वाले शिशुओं में प्रतिकूल प्रभाव डालते है।

ऐसी स्थिति में होने वाले शिशु अपने जन्म से पहले ही इन नशीले पदार्थों के आदी बन सकते हैं। इसीलिए महिलाओं को विशेष रूप से गर्भावस्था के दौरान इन नशीले पदार्थों से दूर रहकर अपनी और अपने होने वाले बच्चे के स्वास्थ्य की देखभाल करनी चाहिए। आइए जानें गर्भावस्था में मादक पदार्थों से दूर रहना क्यों आवश्‍यक है, इससे मां और बच्चे को और क्या-क्या नुकसान हो सकते है।

 

गर्भावस्‍था और मादक पदार्थ

  • गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को न सिर्फ मादक पदार्थों को लेने से दूर रहना चाहिए बल्कि उन दवाईयों का सेवन करने से भी बचाना चाहिए जिनमें ड्रग्स की मात्रा अधिक होती है।
  • मादक पदार्थों से दूर रहना गर्भवती महिलाओं के लिए इसीलिए भी जरूरी है ताकि वे खुद तो हेल्दी रह सकें साथ ही अपने होने वाले बच्चे को भी चुस्त-दुरूस्त रख सकें।
  • जब भी कोई महिला गर्भवती होती है तो उसे अपने होने वाले बच्चे को हेल्दी रखने के लिए जरूरी है कि पौष्टिक आहार खाएं। ज्‍यादा से ज्‍यादा आराम करें और प्रतिदिन एक्सरसाइज करें और इस दौरान तमाम ऐसी चीजों से दूर रहें जिनसे मां और होने वाले बच्चे को नुकसान पहुंच सकता हैं।
  • कुछ ऐसे मादक पदार्थ हैं जैसे - सिगरेट, शराब, तंबाकू, पान, बीढ़ी, गुटका और शराब आदि पदार्थ गर्भवती महिला के लिए बेहद खतरनाक है।
  • ऐसा नहीं कि गर्भावस्था के शुरूआती या अंतिम समय में बल्कि गर्भावस्था के पूरे दौर यानी नौ महीने के समय में ये मादक पदार्थ होने वाले बच्चे और मां के लिए नुकसानदेह हैं।
  • होने वाले बच्चे के शरीर के अधिकतर अंग और शरीर का सिस्टम गर्भावस्था के शुरूआती दसवें सप्ताह तक एक आकार लेने लगते हैं। इस समय में एल्कोहल लेने से बच्चे के शरीर के कुछ भागों जैसे- हृदय, चेहरा आदि में विकार होने की आशंका बढ़ जाती है।
  • दसवें महीने के बाद भ्रूण का आकार और वजन दोनों जल्दी-जल्दी बढ़ने लगते हैं। ऐसे में एल्कोहल या अन्य मादक पदार्थ लेने से बच्चे के बढ़ते अंगों को नुकसान पहुंच सकता है। इतना ही नहीं बल्कि बच्चे का नर्वस सिस्टम, आंखें भी खराब हो सकती हैं।
  • गर्भावस्था के दौरान लगातार ड्रग्स लेने से गर्भपात की संभावना भी बढ़ जाती है या फिर समय से पहले डिलीवरी होने का खतरा भी बरकरार रहता है।
  • मादक पदार्थों के सेवन से सबसे बड़ा खतरा ये होता है कि बच्चा सामान्‍य बच्चों की तरह ना होकर एबनॉर्मल हो सकता है।
  • एल्कोहल इत्यादि मादक पदार्थों को गर्भावस्था के दौरान लेने से न सिर्फ बच्चा समय से पहले हो सकता है बल्कि बच्चे के पैदा होने के बाद भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बच्चे को जूझना पड़ सकता है और बराबर बच्चे की जान का जोखिम रहता है।

 

 

Read More Articles On Pregnancy Test In Hindi

Write a Review
Is it Helpful Article?YES11 Votes 44839 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर