वजन को भी प्रभावित करता है अस्‍थमा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 31, 2012
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Quick Bites

  • अस्‍थमा की समस्‍या मोटापे को बढ़ाती है।
  • वजन बढ़ने से अस्‍थमा को नियंत्रित करना मुश्किल।
  • अतिरिक्त वजन सीधे फेफड़ों को प्रभावित करता है।
  • गर्भपात और उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ता है।

अस्‍थमा पीडि़त बच्‍चा हो या बड़ा सभी को अधिक शारीरिक श्रम करने से रोका जाता है। ऐसा इस डर से किया जाता है कि कहीं इसके चलते उनकी सांस की तकलीफ बढ़ न जाए। हालांकि इसका एक विपरीत प्रभाव भी देखने को मिलता है। इसका असर कई बार मोटापे के रूप में सामने आता है।

 

अस्थमा के दौरे के डर से कई लोग एक आलस्‍य भरी जीवनशैली जीने लगते हैं। दवाओं के प्रभाव के चलते भी कुछ अस्‍थमा के मरीज अधिक भोजन करने लगते हैं, जिससे उनका वजन बढ़ता है। अस्थमा के उपचार के कारण भी चयापचय की गति धीमी हो जाती है और तरल पदार्थ प्रतिधारण में वृद्धि होती है। अस्‍थमा में वजन का बढ़ना एक चिंता का विषय है। वजन में वृद्धि के होने पर दमा को नियंत्रित करने की संभावना कम हो जाती है और अस्थमा बढ़ भी सकता है।

asthma in hindi

मोटापा और अस्थमा-

अतिरिक्त वजन सीधे फेफड़ों को प्रभावित करता है, जिससे वायुमार्ग संकरा हो जाता है। अतिरिक्त वजन छाती और पेट के साथ अस्थमा से संबंधित जटिलताओं को भी बढ़ाता है। शरीर के मध्य भाग पर अतिरिक्त पैक फेफड़ों के लिए एक शक्तिशाली खतरा हैं क्योंकि ये फेफड़ों पर दबाव डालता है और श्वास की मुश्किलें बढ़ाता है।


मोटे लोगों में गंभीर अस्थमा के अन्य कारणों में यह भी है कि वे जोर-जोर से सांस लेते है। जो लोग मोटापे से ग्रस्त नहीं हैं वे जोर-जोर से सांस नहीं लेते। सांस की तकलीफ अस्थमा के दौरे का कारण बनती है। कोई मोटा व्यक्ति को कम हवादार जगह में सांस लेने में तकलीफ होती है। ऐसी ही तकलीफ उन बच्‍चों को भी होती है जो कम ही उम्र में अस्‍थमा से ग्रस्‍त हो जाते हैं। ऐसे में फेफड़ों का खराब विकास होता है या वे आकार में छोटे हैं। यह अस्थमा में श्वास मुश्किलों को बढ़ाता है और बाद में फेफड़ों के कार्यों को प्रभावित करता है।
 
fat man in hindi

गर्भावस्था वजन और अस्थमा-

सभी महिलाओं के लिए गर्भावस्था के दौरान वजन बढ़ना सामान्य है। हालांकि, अगर किसी औरत को पहले से दमा है, तो उसको गर्भावस्था के दौरान अपने वजन पर ध्‍यान देना चाहिए। एक गर्भवती महिला को अस्थमा जटिलताओं को रोकने के लिए डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए और गर्भावस्था के दौरान अपने वजन का ध्‍यान रखना चाहिए। अनुशंसित वजन हर गर्भवती महिला के लिए भिन्न होता है और इसलिए, यह सलाह दी जाती है कि गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित वजन रखा जाए। अनियंत्रित अस्थमा और गर्भावस्था के दौरान वजन गर्भावधि के लिए मधुमेह, उच्च रक्तचाप, गर्भपात और उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ा सकती है।

अगर आपको दमा है आपके लिए के लिए यह जरूरी है कि आप अपना वजन कम करें। कुछ खाद्य पदार्थों जिनसे अस्थमा की समस्‍या बढ़ सकती है, को नहीं खाना चाहिए। यह अस्‍थमा को रोकने के लिए फायदेमंद होगा।

Image Courtesy : Getty Images


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टिप्पणियाँ
  • Renu 02 Apr 2015

    yaha di asthma ki jaankari bahut achi hai. kyuki aksar asthma ke attack ke darr se log activity bahut kaam kerte hai. lakin is jaankari ke baad log apna dhayan rakege. Thanks for such a great information.

  • rupa15 Feb 2013

    good information

  • sonam15 Feb 2013

    vry nice and infomative article

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