दमा और सांस की तकलीफ है तो रहें पटाखों से दूर

By  ,  दैनिक जागरण
Oct 20, 2011
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

दमा और सांस की तकलीफदीपावली के मौके पर जब लोग बाहर पटाखे चला रहे हों, तो दमा और सांस की तकलीफ वाले मरीजों को घर के अंदर ही रहना चाहिए। पटाखों से निकलने वाले जहरीले धुएं से उनकी परेशानी और बढ़ सकती है।


ऐसा मानना है चिकित्सकों का। उनका कहना है कि पटाखे जलाने से हवा में बारूद के छोटे कण फैल जाते हैं जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों तथा नाक में जलन की समस्या हो सकती है।

 

  • राजधानी के जाने-माने बालरोग विशेषज्ञ वी.के. मदान का कहना है कि पटाखे के धुएं से छोटे बच्चों को कुछ समय के लिए सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
  • पटाखों से निकलने वाले जहरीले धुएं से लोगों को  सिरदर्द, सांस लेने में दिक्कत और घबराहट जैसी परेशानी हो सकती है। इसके अलावा दमा तथा फेफडे़ और तंत्रिका तंत्र की बीमारी से पीडि़त व्यक्तियों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए।
  • स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. संध्या भारद्वाज का कहना है कि गर्भवती महिलाओं को पटाखों की तेज आवाज तथा धुएं से बचना चाहिए। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय धवन ने कहा कि पटाखे जलाते समय आंखों को लेकर खास सतर्कता बरती जानी चाहिए।
  • पटाखों से निकलने वाले जहरीले धुएं से आखों में जलन जैसी परेशानी हो सकती है। इसके अलावा आंखों में बारूद की चिंगारी चले जाने पर आंखों की रोशनी तक जा सकती है।

 

 

Write Comment Read ReviewDisclaimer Feedback
Is it Helpful Article?YES5 Votes 11158 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर