त्‍वचा के लिए क्‍या है बेहतर एंटीबैक्‍ट‍ीरियल या साधारण साबुन?

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 17, 2017
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Quick Bites

  • एंटीबैक्टीरियल साबुन 60 फीसदी ज्यादा असरकारक होते हैं।
  • एंटीबैक्टीरियल साबुन इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने में लाभदायक हैं।
  • नियमित साबुन मरीजों को इस्तेमाल नहीं करने चाहिए।

यह कहने की जरूरत नहीं है कि दिनों दिन प्रदूषण बढ़ रहा है। साथ ही गंदगी भी तमाम कोशिशों के बाद कम नहीं हो रही। लेकिन ऐसी स्थिति में हम अपना ख्याल और भी ज्यादा रखने लगे हैं। अपने तमाम रोजाना सफाई के लिए इस्तेमाल करने वाले उत्पादों को चुनते हुए सक्रिय रहते हैं। यही नहीं नियमित साबुन की बजाय एंटीबैक्टीरियल साबुन का उपयोग करने को तरजीह देने लगे हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि नियमित साबुन और एंटीबैक्टीरियल साबुन की तुलना में कौन सा बेहतर है? क्या वाकई एंटीबैक्टीरियल साबुन हमारे लिए बेहतर है? इस लेख में इन्हीं तमाम सवालों पर गौर करेंगे।

एंटीबैक्टीरियल साबुन क्या है

एंटीबैक्टीरियल साबुन में एंटीमाइक्रोबियल इंग्रेडियेंट्स मौजूद होते हैं। मौजूदा समय में ग्रोसरी की दुकानों में 50 फीसदी से ज्यादा लिक्विड साबुन उपलब्ध है। ऐसा इसलिए क्योंकि अब हम साबुन की तुलना में लिक्विड साबुन पर ज्यादा भरोसा करने लगे हैं। बहरहाल एंटीबैक्टीरियल साबुन में बैक्टीरिया से लड़ने की ज्यादा क्षमता होती है। अतः यदि हम किसी गंदी जगह से आए तो एंटीबैक्टीरियल साबुन हमारे लिए लाभकर है। एंटीबैक्टीरियल उत्पाद में एल्कोहोल आदि पाए जाते हैं। साथ ही एंटीबैक्टीरियल साबुन में ऐसे तत्व भी होते हैं जो हमारे स्वासथ्स्थ्य को लाभ पहुंचाता है।

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एंटीबैक्टीरियल साबुन के लाभ

हेल्दी रसायन

एंटीबैक्टीरियल साबुन में हेल्दी रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। ये रसायन लम्बे समय तक हमारे स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाते। कहने का मतलब है कि यदि हम एंटीबैक्टीरियल साबुन का इस्तेमाल करते हैं तो ये हमारे स्वास्थ्य पर सकारात्मक छाप छोड़ते हैं। इसकी मदद से किटाणुओं से लड़ने में सहायता मिलती है। यही नहीं बीमारी व संक्रमण होने का खतरा भी कम हो जाता है। तमाम अध्ययन भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि एंटीबैक्टीरियल साबुन का इस्तेमाल नियमित साबुन की तुलना में बेहतर है।

 

पेट्स के साथ रहने में लाभ

यदि आपके पास पेट है या फिर आप जानवरों के साथ आपका अच्छा खासा संपर्क है तो फिर एंटीबैक्टीरियल साबुन आपके लिए लाभकर है। असल में पेट्स यानी किसी भी प्रकार के जानवर से हमारे शरीर में बीमारियां आसानी से फैल सकती है। ऐसे में अच्छी तरह साफ सफाई का ध्यान रखना होता है। एंटीबैक्टीरियल साबुन के इस्तेमाल से हम निश्चिंत रहते हैं कि हमें किसी प्रकार की समस्या घेर नहीं सकती।

 

60 फीसदी ज्यादा असरकारक

एंटीबैक्टीरियल साबुन पानी या नियमित साबुन की तुलना में 60 फीसदी ज्यादा असरकारक है। मतलब यह कि नियमित साबुन की बजाय एंटीबैक्टीरियल साबुन हमारे लिए ज्यादा असरकार है। इसके इस्तेमाल से हम 60 गुना ज्यादा किटाणुओं से लड़ने की क्षमता हासिल करते हैं।

 

मरीजों के लिए लाभकर

एंटीबैक्टीरियल साबुन अस्पताल, नर्सिंग आदि वजहों के लिए लाभकर है। असल में जिन लोगों का प्रतिरक्षी तंत्र कमजोर है, उनके लिए यह साबुन फायदेमंद समझा जाता है। इससे उन्हें किटाणुओं से लड़ने में मदद मिलती है।

 

एंटीबैक्टीरियल साबुन के नुकसान

हेल्दी बैक्टीरिया भी खत्म होते हैं - बार बार एंटीबैक्टीरियल साबुन का इस्तेमाल करना जहां एक ओर फायदेमंद होता है, वहीं दूसरी ओर इसके कारण हेल्दी बैक्टीरिया भी खत्म हो जाते हैं। परिणामस्वरूप हमारा स्वास्थ्य प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होता है। इसके नियमित उपयोग से त्वचा पर भी इसका असर देखने को मिलता है। कई बार लोगों को एंटीबैक्टीरियल साबुन से एलर्जी की शिकायत हो जाती है। इसके अलावा एंटीबैक्टीरियल साबुन का इस्तेमाल करने वाले सोचते हैं कि उन्हें बार बार हाथ धोने की जरूरत नहीं है जबकि यह सरासर गलत अवधारणा है।

 

नियमित साबुन के लाभ

  • हेल्दी बैक्टीरिया बने रहते हैं - नियमित साबुन के इस्तेमाल से हमारे हेल्द बैक्टीरिया का किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता और न ही इसके इस्तेमाल से हमारी त्वचा पर कोई विशेष किस्म की एलर्जी का खतरा होता है। यही नहीं नियमित इस्तेमाल करने वाले साबुन एक दूसरे के जरिये संक्रमणों को फैलाते हैं। दरसअल नियमित साबुन कम असरकार हैं साथ ही साथ कम नुकसानदेय भी है।
  • कई बार इस्तेमाल करना - अकसर लोग नियमित साबुन का इस्तेमाल करते वक्त इस बात से अवगत होते हैं कि उन्हें बार बार हाथ धोने की आवश्यकता है। मतलब यह कि वे इस बात से सतर्क रहते हैं कि कहीं उन्हें किसी प्रकार का संक्रमण न हो जाए। अतः वे किसी भी गंदे या अनहाइजीनिक चीजों के संपर्क में आते ही हाथ धोते हैं।

नियमित साबुन के नुकसान

  • कम असरकारक - नियमित साबुन, एंटीबैक्टीरियल साबुन की तुलना में कम असरकारक होते हैं। ये पानी में मौजूद तमाम बीमारियों से लड़ने में भी असमर्थ होते हैं। यही नहीं नियमित साबुन बुरे बैक्टीरिया से लड़ने की सौ फीसदी गारंटी भी नहीं होते। हालंाकि ये साबुन एंटीबैक्टीरियल साबुन की तुलना में कम महंगे होते हैं। लेकिन जैसा कि जिक्र किया जा रहा है, ये कम असरकारक भी होते हैं। बहरहाल जम्र्स से लड़ने के लिए जरूरी है कि नियमित रूप से हाथ धोएं।
  • मरीज नियमित साबुन का इस्तेमाल न करें - अगर आपकी इम्यून सिस्टम कमजोर है तो बेहतर है कि नियमित साबुन का इस्तेमाल न करें। इसके इस्तेमाल आपको तुलनात्मक रूप से कम फायदा मिलेगा। यही नहीं बीमारी से लड़ने की क्षमता भी कम ही रहेगी।

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Image Source: Getty

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