मुहांसे हटाने वाली क्रीम से गर्भपात का खतरा

By  ,  दैनिक जागरण
Apr 26, 2012
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • गर्भावस्था में शिशु की सेहत के लिए कील-मुहांसों की क्रीम से दूर रहें।
  • इससे बच्चे कई तरह की विकृति आ सकती है।
  • इसमें मौजूद रसायन बच्चे को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • शोध के मुताबिक इससे बच्चे में पीलीया, एनिमिया जैसे रोग भी हो सकते हैं।

चेहरे पर कील-मुहांसे आ गए हों तो इन्हें दूर करने के लिए क्रीम-लोशन लगाने से पहले जरा सोच लीजिए। अगर समस्या गर्भावस्था के दौरान की है, फिर तो और सावधान रहने की जरूरत है। एक शोध से पता चला है कि गर्भावस्था के दौरान कील-मुहासे हटाने वाले क्रीम-लोशन लगाने से गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है।

 

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को ज्यादा सर्तक होने की जरूरत होती है। इस समय महिलाओं को ना सिर्फ अपने स्वास्थ्य बल्कि अपने बच्चे की सेहत का भी खयाल रखना पड़ता है। ऐसे में आपके लिए जानना जरूरी है कि मुहांसे की समस्या दूर करने वाली क्रीम कैसे शिशु को नुकसान पहुंचा सकती है।

acne

दिल्ली के एक नामी अस्पताल में कंसल्टेंट स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. शिवानी सचदेव गौर बताती हैं कि कील-मुहासे से करोड़ों महिलाएं परेशान रहती हैं। गर्भावस्था के दौरान यह समस्या कुछ ज्यादा ही उभर जाती है। लेकिन इन दिनों में कील-मुहासे हटाने वाले क्रीम-लोशन का इस्तेमाल करना खतरनाक है। इससे पैदा होने वाले बच्चे के किसी न किसी रूप में असामान्य होने का खतरा रहता है। अगर गर्भधारण से एक महीना पहले भी ऐसे क्रीम-लोशन का इस्तेमाल किया गया हो, तो भी यह खतरा रहता है।

 

डा. गौर कहती हैं कि बाजार में कई तरह की मुहासेरोधी क्रीम उपलब्ध हैं। अक्सर बिना जानकारी के महिलाएं इनका इस्तेमाल करती हैं, जबकि इनके खतरनाक साइड इफेक्ट्स होते हैं। त्वचा द्वारा सोखे जाने के बाद क्रीम में मौजूद खतरनाक रसायन रक्त में मिलकर प्लेसेंटा या गर्भनाल (गर्भावस्था में मां को भ्रूण से जोड़ने वाली नली) के माध्यम से भ्रूण में पहुंच जाती है।

 

शोध के मुताबिक मुहासारोधी क्रीम में उत्पाद के तौर पर इस्तेमाल होने वाले सोडियम सल्फासेटामाइड, ट्रेटीनाइन, एडापेलीन और एजेलैक एसिड को नवजात शिशु के लिए खतरनाक बताया गया है जिसके कारण उसे एनीमिया (खून की कमी), पीलिया और दूसरी कई बीमारियां हो सकती हैं।

Miscarriage

यह शोध अमेरिका में 57 गर्भवती महिलाओं पर किया गया था। आइसोटेट्रीनाइन के प्रभाव के चलते नौ महिलाओं का अचानक गर्भपात हो गया, एक का बच्चा मरा पैदा हुआ, 10 महिलाओं ने असामान्य बच्चों को जन्म दिया।

 

कैसे पहुंचाती हैं नुकसान

- गर्भावस्था में क्रीम के इस्तेमाल से पैदा हाने वाले बच्चे में कई तरह की विकृति आ सकती है
- त्वचा द्वारा सोखे जाने के बाद क्रीम में मौजूद खतरनाक रसायन रक्त में मिलकर प्लेसेंटा के माध्यम से भ्रूण तक पहुंच जाते हैं

 

Read More Articles On Pregnancy In Hindi

Write a Review Feedback
Is it Helpful Article?YES39 Votes 48347 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर