वायु प्रदूषण हृदय स्‍वास्‍थ्‍य के लिए खतरा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 07, 2011
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Padushan hriday ke liye khatra in hindiएक नए ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित अनुसंधान से पता चलता है, ट्रेफिक छह घंटे तक प्रदूषण में रहने वालों में के लिए दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।

डॉ. कृष्णन भास्करन और उनके सहयोगियों ने वर्ष 2003 से 2006 तक 79,288 दिल का दौरा पड़ने के मामलों की समीक्षा की। रिसर्च टीम ने अपने क्षेत्रीय वायु प्रदूषण (ब्रिटेन के राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता पुरालेख से लिया) की जानकारी के साथ प्रत्येक दिल का दौरा पड़ने के दर्ज समय की तुलना की। प्रदूषक कणों (पीएम 10), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (एनओ 2), कार्बन मोनोऑक्साइड (सीओ 2), सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) और ओजोन को जांच में प्रदूषक तत्व पाये गये। इनमें प्रदूषक कणों और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के उच्च स्तर यातायात से संबंधित प्रदूषण का मुख्य चिन्ह हैं।

शोधकर्ताओं ने पाया कि ट्रेफिक प्रदूषक तत्व दिल के दोरे के जोखिम में पूरी तरह से वृद्धि नही करता है। बल्कि जोखिम क्षणिक था औऱ सिर्फ एक से छह घंटे के लिए ही बना रहता है। प्रदूषण में रहने के 72 घंटो के बाद, पांच प्रदूषक तत्वो को दिल के दोरे के उच्च जोखिम के साथ संबंधित पाया गया है। हालांकि, लोगो में हृदय संबंधी घटनाओं के जोखिम जो कि पहले से जोखिम में होते है।

1-6 घंटे के लिए नाइट्रोजन डाइऑक्साइड जोखिम म्योकार्डियल इन्फार्क्शन के अल्पकालिक अवधि जोखिम में वृद्धि के साथ जुड़े थे।

अध्ययन के शोधकर्ताओं का कहना है कि विभिन्न तंत्र के माध्यम से ट्रेफिक प्रदूषण दिल के दोरे का खतरा बढ़ाता है। प्रदूषक तत्व रक्त चाप में वृद्धि करते है। परिणामस्वरूप दिल की बिमारियों से व्यक्ति ग्रस्त हो जाता है।

हालांकि प्रदूषण व्यापक टाइमस्केल के लिए दिल के दौरा के जोखिम में वृद्धि करता नहीं पाया गया। अध्ययन के शोधकर्ताओं का कहना है कि शोध के सेंपल में दिल के दौरा किसी भी तरह से घटित हुआ होगा, लेकिन यह प्रदूषण के कारण था तो उनको पहले घटित हुआ। इसलिए दिल का दौरा पड़ने के जोखिम वाले लोगो को यह सलाह दी जाती है, अधिक समय तक और लगातार अधिक ट्रेफिक प्रदूषण से बचें।


अब तक शोध ने साबित किया है कि दिल की बिमारीसे अकाल मृत्यु के लिए जिम्मेदार ट्रेफिक प्रदूषण को देखा गया है। हालांकि वहां केवल कुछ अध्ययन है जोकि हृदय रोग के जोखिमों के स्तर का अध्ययन किया है। यह अध्ययन इस शोध क्षेत्र में काफी योगदान देता है।

 

Write a Review
Is it Helpful Article?YES4 Votes 12788 Views 1 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

टिप्पणियाँ
  • Nishigandha27 Sep 2012

    tHANK U SO MUCH. i WAS NEEDED THIS INFORMATION FOR MY DAUGHTER'S PROJECT.

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर