गर्भपात के प्रभाव

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 29, 2011
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Quick Bites

  • गर्भपात के बाद महिलाएं चिड़चिड़ी हो जाती हैं।
  • गर्भपात के बाद महिलाओं को शारीरिक व मानसिक रुप से आराम करना चाहिए।
  • तनाव से बचने के लिए खुद को व्यस्त रखने की कोशिश करें।
  • गर्भपात के दुबार गर्भवती होने की जल्दी ना करें।

गर्भावस्था के शुरुआती दौर यानी पहले 20 सप्ताह के अंदर किसी भी कारणवश भ्रूण का नष्ट हो जाना गर्भपात या स्वतःस्फूर्त गर्भपात (एसएबी) कहलाता है। गर्भपात, गर्भावस्था के पहले 13 सप्ताह के दौरान सबसे आम हैं। किसी भी महिला के लिए गर्भावस्था की प्रतीक्षा सबसे अधिक और भावनात्मक अनुभव है और गर्भपात एक बहुत ही दर्दनाक अनुभव है। इसलिए हर महिला को इसकी जानकारी होना जरूरी है।

effects of miscarriageगर्भपात के बाद महिलाए तनाव व अवसाद ग्रस्त हो जाती हैं। उन्हें यह लगता है कि यह उनकी गलती का ही नतीजा है जो कि बिल्कुल गलत है। गर्भपात के भावनात्मक दर्द को सहन कर पाना किसी भी महिला के लिए आसान नहीं होता है। इस दर्द से बाहर आने के लिए महिलाओं को अपने पार्टनर व परिवार के भरपूर सहयोग की जरूरत होती है। साथ ही उन्हें शारीरिक व मानसिक रुप से भरपूर आराम करना चाहिए। अक्सर गर्भपात के बाद कुछ प्रभाव नजर आते हैं जानें क्या हैं वे प्रभाव-

  • आमतौर पर मां बनने की खबर सुनते ही महिलाएं नए-नए सपने संजोने लगती हैं। पति-पत्नी बेसब्री से नए मेहमान के आने का इंतजार करने लगते हैं। ऐसे में अचानक गर्भपात की खबर उन्हें हिला कर रख देती है। वे समझ नहीं पाते हैं कि ये क्या हो गया उनके साथ। कल तल वे जिस नन्हे मेहमान के सपने देखा करते थे आज वो उनके बीच में नहीं है।
  • अगर किसी स्वास्थ्य समस्या के कारण गर्भपात होता है तो डॉक्टर से सलाह लें और इस समस्या का पूरा इलाज करवाएं। अगर समस्या का इलाज नहीं कराया गया तो यह आगे की समस्या के लिए खतरनाक हो सकता है।
  • गर्भपात के बाद महिलाएं अकसर अपराधबोध से ग्रस्त रहती है। उन्हें यह लगता है कि उनकी किसा गलती की वजह से ही उन्होंने अपना बच्चा खो दिया। कई बार महिलाओं को गर्भपात के बाद पता लगता है कि वे गर्भवती थीं। अक्सर ऐसा गर्भवस्था के शुरुआती दौर में होता है।
  • गर्भपात के बाद महिलाएं चिड़चिड़ी हो जाती है उन्हें गुस्सा आता है, क्योंकि गुस्सा एक सामान्य प्रतिक्रिया है जो किसी भी प्रकार के दुख होने पर अपनेआप आने लगता है। यह सब इस वजह से होता है क्योंकि आप को अपने बच्चे को खोने का दुख होता है।
  • महिलाओं को ऐसे समय में तनाव व अवसादग्रस्त होने की पूरी संभावना होती है। ऐसे में आपको इससे बचने के लिए खुद को व्यस्त रखने की कोशिश करनी चाहिए या अपना ध्यान किसी और काम में लगाना चाहिए।
  • खुद को थोड़ा समय दें। समय के साथ, आप फिर भविष्य की ओर देखने के लिए तैयार हो जाएंगी । जब आप फिर से शिशु के लिए कोशिश करने के लिए तैयार हों तो यह बात से आपको आश्वासन मिल सकता है की ज्यादातर महिलाएं गर्भपात के बाद भी भविष्य में एक स्वस्थ बच्चे को जन्म देती हैं । मदद के लिए आप अपने परिवार और सहेलियों से बात करना मददगार लग सकता है।
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