गर्भावस्था में चोट और घाव को बिलकुल भी न करें नजरअंदाज

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 22, 2011
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Quick Bites

  • गर्भावस्था के दौरान घाव या चोट के दर्द को न करें नजरअंदाज।
  • घाव कई दिनों तक है तब त्‍वचा विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
  • स्तनों में दर्द, खून बहना, एडि़यां फटना जैसी समस्‍या हो सकती है।
  • त्वचा में खिंचाव, स्किन पर निशान आदि का तुरंत करें उपचार।

गर्भावस्‍था के दौरान हार्मोन में बदलाव के कारण महिला की त्‍वचा बहुत ज्‍यादा संवेदनशील हो जाती है, शरीर का वजन भी बढ़ जाता है ऐसे में महिला को चोट लगने की संभावना ज्‍यादा रहती है। यदि चोट लग भी जाये तो उसके घाव को भरने में समय लगता है।

Wound Care During Pregnancy गर्भावस्था के बाद तकलीफ होना आम बात है। इसलिए महिला को देखभाल की बहुत जरूरत है। गर्भावस्था के दौरान की गई नासमझी या फिर लापरवाही के चलते चोट भी लग सकती है या फिर कोई घाव लग सकता है। ऐसे में चोट या घाव गर्भावस्था के दौरान बहुत तकलीफ तो देते हैं, लेकिन कई बार तकलीफ ना देने पर गर्भवती महिलाएं इसे नजरअंदाज कर देती हैं जिसका खामियाजा उन्हें बाद में भुगतना पड़ सकता है। आइए जानें गर्भावस्था में चोट और घाव की देखभाल कैसे की जाए।

 

गर्भावस्‍था में चोट और घाव

  • गर्भावस्था के दौरान कोई भी घाव या चोट को दर्द ना होने के कारण नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
  • यदि कोई घाव बड़ा है तो उसके कारणों को जानकर उसका उपचार बहुत ही जरूरी है।
  • यदि घाव बहुत दिनों तक है स्किन स्पेशलिस्ट से संपर्क करना चाहिए।
  • शुरूआत में ही आपको सावधानी बरतनी चाहिए जिससे आपको आगे जाकर समस्या ना हो।
  • आपके स्तनों में दर्द होना, निप्पल्स पर कोई खरोच होना या अचानक खून बहना, पैरों की एडि़या फटना या खून बहना, शरीर के किसी हिस्से से खून बहना इत्यादि समस्याएं आपको हो सकती हैं।
  • यदि आप किसी तरह के अनचाहे दर्द को नजरअंदाज करती हैं तो इसका आपके होने वाले बच्चे पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।
  • गर्भावस्था के दौरान त्वचा का खिंचना, अधिक ऊर्जा लगना स्वाभाविक है, ऐसे में कई बार आपकी स्किन पर कुछ निशान भी पड़ जाते हैं।
  • आमतौर पर तीसरी तिमाही में गर्भवती महिला के पैरों में अधिक सूजन आ जाती है जिससे कई बार हल्की सी चोट भी बड़ा घाव बन जाती है या फिर छोटा सा घाव भी इंफेक्शन का रूप ले सकता है।
  • कई बार शरीर में हार्मोंस के बदलाव होने या फिर होने वाले बच्चे का वजन बढ़ने से या फिर गर्भावस्था के दौरान ली जाने वाली दवाईयों से गर्भवती महिला के शरीर में छोटे-छोटे निशान पड़ जाते हैं जो कि बाद में घाव का रूप ले सकते हैं।
  • कई बाद गर्भावस्था के दौरान एलर्जी या खुजली हो जाती है। एक ही जगह पर बार-बार खुजली होने से भी घाव बन जाता है। जिससे स्किन इंफेक्शन हो सकता है।
  • शरीर में घाव और चोट को फैलने से बचाने के लिए जरूरी है कि आप सही खानपान लें। जिससे किसी कमजोरी के कारण होने वाले घावों से आप बच सकें।

 

 

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