पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होने के 6 कारण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 20, 2014
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Quick Bites

  • गर्भाशय में ट्यूमर होने पर ब्लीडिंग ज्यादा होती है।
  • हर बार ज्यादा ब्लीडिंग गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।
  • हार्मोन में असंतुलन होने पर भी ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है।
  • ऐसे में बिना देर किए डॉक्टर से संपंर्क करना चाहिए।

पीरियड्स के दौरान ज्‍यादा ब्‍लीडिंग होना एक हद तक सामान्य है लेकिन अगर हर बार ऐसा होता है तो यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होने की समस्या को मेनोर्रहाजिया कहा जाता है।

महिलाओं को ज्‍यादा ब्‍लीडिंग होने का पता आसानी से चल जाता है। अगर आपको दिन में कई बार पैड बदलने की जरूरत महसूस हो रही है तो जरूर कुछ गड़बड़ है। आइए जानें पीरियड्स के दौरान ज्‍यादा ब्‍लीडिंग होने के क्या कारण हो सकते हैं।

safe period

हार्मोन में असंतुलन  

यह तो सब जानते हैं कि पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोन में परिवर्तन होते हैं और यह सामान्य भी है। लेकिन कुछ महिलाओं के शरीर में ऐसे यह काफी तेजी से होता है जो कि ज्यादा ब्लीडिंग का कारण हो सकता है। ऐसे में बिना देर किए अपने डॉक्टर से संपंर्क करें।

गर्भाशय में ट्यूमर

जिन महिलाओं के गर्भाशय में ट्यूमर होता है वे पीरियड के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग की समस्या से ग्रस्त होती है। यह समस्या अक्सर 30 से 40 की उम्र के बाद होती है। ऑपरेशन और इलाज के जरिए इस ट्यूमर को गर्भाशय से निकाल दिया जाता है जैसे - मॉयमेक्‍टॉमी, एंडोमेटरियल एबलेशन, यूट्रिन आर्टरी एमबेलीजेशन और यूट्रिन बैलून थेरेपी आदि।

एंडोमेट्रियल पॉलीप्‍स

एंडोमेट्रियल पॉलीप्‍स, कैंसर का प्रकार नहीं है। य‍ह सिर्फ गर्भाशय की सतह पर उभरता या पनपता है। इसके बनने का कारण भी अभी तक पता नहीं लगाया जा सका है लेकिन इसका इलाज कई विधियों से चिकित्‍सा जगत में संभव है। इसके बनने से बॉडी में एस्‍ट्रोजन या अन्‍य प्रकार के ओवेरियन ट्यूमर बन जाते हैं जो कि हैवी ब्लीडिंग का कारण हो सकते हैं।

संक्रमण

प्रजनन अंगों में कई तरह के संक्रमण होने के कारण महिलाओं को उन दिनों में ज्यादा ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है जैसे गर्भाशय के पेल्विक में सूजन और संक्रमण के कारण ह समस्या ज्यादा होती है।   

bleeeding during periods

सरवाइकल कैंसर

सरवाइकल कैंसर में गर्भाशय, असामान्‍य और नियंत्रण से बाहर हो जाता है। इसके होने से शरीर के कई हिस्‍से नष्‍ट हो जाते है। 90 प्रतिशत से ज्‍यादा सरवाइकल कैंसर, ह्यूमन पेपिलोमा वायरस के कारण होता है। इसके उपचार के दौरान मरीज की सर्जरी करके उसे कीमोथेरेपी और रेडियशन दिया जाता है, इस बीमारी का इलाज संभव है।

एंड्रोमेट्रियल कैंसर

एंड्रोमेट्रियल कैंसर मुख्‍य रूप से 50 वर्ष से अधिक आयु वाली महिलाओं को होता है। इसके उपचार में सबसे पहले गर्भाशय को ऑपरेशन करके निकाल दिया जाता है। इस बीमारी की शिकायत होने पर तुरंत चिकित्‍सक ही सलाह लें और जल्‍द से जल्‍द उपचार करवाएं। इस प्रकार के कैंसर में कीमोथेरेपी और रेडियशन भी किया जाता है।

ध्यान रखें

  1. आपके पीरियड्स अचानक 90 दिन से अधिक समय के लिये बंद हो जाते हैं और आप गर्भवती नहीं हैं।
  2. सात दिनों से अधिक समय तक ब्लीडिंग होती रहती है और बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होती है।
  3. पीरियड्स के बीच में ब्लीडिंग होना।
  4. पीरियड्स का अंतराल 21 दिन से कम या 35 दिन से अधिक होना।
  5. पीरियड्स के दौरान अत्यधिक दर्द होना।

 

 

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टिप्पणियाँ
  • PUJA04 Feb 2016

    Ye bahut hi achhi jankari hai, ye lekh sabhi mahilaon ke liye upyogi hai.

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