बवासीर से छुटकारा दिलाते हैं ये 5 योगासन

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 28, 2017
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • बवासीर बहुत ही पीड़ादायी रोग है! 
  • इस बीमारी में व्‍यक्ति को बहुत परेशानी झेलनी पड़ती है।
  • कुछ व्यक्तियों में यह रोग पीढ़ी दर पीढ़ी पाया जाता है।

बवासीर बहुत ही पीड़ादायी रोग है, इस बीमारी में व्‍यक्ति को बहुत परेशानी झेलनी पड़ती है। बवासीर अनियमित जीवनशैली, पोषण रहित खानपान की वजह से होते हैं। कुछ व्यक्तियों में यह रोग पीढ़ी दर पीढ़ी पाया जाता है। अतः अनुवांशिकता इस रोग का एक कारण हो सकता है। जिन व्यक्तियों को अपने रोजगार की वजह से घंटों खड़े रहना पड़ता हो, जैसे बस कंडक्टर, ट्रॉफिक पुलिस, पोस्टमैन या जिन्हें भारी वजन उठाने पड़ते हों,- जैसे कुली, मजदूर, भारोत्तलक वगैरह, उनमें इस बीमारी से पीड़ित होने की संभावना अधिक होती है।

कब्ज भी बवासीर को जन्म देती है, कब्ज की वजह से मल सूखा और कठोर हो जाता है जिसकी वजह से उसका निकास आसानी से नहीं हो पाता मलत्याग के वक्त रोगी को काफी वक्त तक पखाने में उकडू बैठे रहना पड़ता है, जिससे रक्त वाहनियों पर जोर पड़ता है और वह फूलकर लटक जाती हैं। बवासीर गुदा के कैंसर की वजह से या मूत्र मार्ग में रूकावट की वजह से या गर्भावस्था में भी हो सकता है। इस रोग से मुक्ति पाने के लिए आज हम आपको कुछ योगासन के बारे में बता रहे हैं, जिससे इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है।

मलासन

ये आसन बवासीर की जड़ कब्ज़ को दूर करने में मदद करता है। ये आसन न सिर्फ आपकी रीढ़ की हड्डी और कूल्हों पर काम करता है बल्कि पूरे पाचन तंत्र पर असर डालता है। इस आसन में 8-10 बार सांस लेने तक रहें।

बालासन

ये आसन भी गुदा की तरफ रक्त संचार बढ़ाता है जिससे कब्ज़ की समस्या में राहत मिलती है। कम से कम एक मिनट तक इस आसन में बने रहें।

पवनमुक्तासन

इस आसन के अभ्यास के दौरान पेट पर धीमा दबाव पड़ता है जिससे पेट में फंसी हुई गैस बाहर निकलती है और पेट के निचले हिस्से में होने वाले दर्द या समस्या में राहत मिलती है। ये गुदा की मांसपेशियों से तनाव कम करता है। 5-6 सेकेंड तक इस आसन में रहें।

सर्वांगासन

ये आसन शरीर में रक्त संचार बढ़ाता है, ख़ासतौर पर पेट और गुदा की तरफ। ये पाचन रस का संचार भी बेहतर बनाता है। इस आसन में 10 सेकेंड तक बने रहें।

अर्द्धमत्स्येन्द्रासन

इस आसन में आप कमर से मुड़ते हैं जिससे पाचन तंत्र का काम और बेहतर हो जाता है। इस आसन में रहकर 5 बार सांसें लें फिर दूसरी तरफ से करें। इसके बाद आपको पेट में राहत महसूस होगी, और आपको शरीर में ऊर्जा महसूस होगी।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Yoga In Hindi

Write Comment Read ReviewDisclaimer Feedback
Is it Helpful Article?YES1909 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर