डॉक्‍टर चाहते हैं कि तनावग्रस्‍त लोगों को पता हों ये 5 बातें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 13, 2015
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Quick Bites

  • तनाव व्‍यक्ति को शरीर के अंदर से खोखला करता है।
  • तनाव और चिंता हमारी भावनाओं से जुड़ा विकार है।
  • पैनिक डिसऑर्डर और स्‍ट्रेस डिसऑर्डर इसके प्रकार है।
  • दवाओं और व्‍यायाम से इसका उपचार कर सकते हैं।

तनाव ऐसा विकार है जो पूरे शरीर को बीमार कर देता है और इसके कारण कई तरह की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍यायें होती हैं। इसलिए कोशिश यह होनी चाहिए कि तनाव का सामना कम हो। यानी जितना हो सके तनाव से दूर रहें। लेकिन अगर आप तनाव से नहीं बच पा रहे हैं और किसी न किसी कारण से तनावग्रस्‍त हैं तो आपको कुछ बातों की जानकारी होनी चाहिए। आइए हम आपको बताते हैं उन 5 बातों के बारे में जिसे चिकित्‍सक भी चाहते हैं कि तनाव ग्रस्‍त इनसान को वह बातें पता होनी चाहिए।

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1 - यह भावनाओं से जुड़ा है

तनाव का संबंध हमारी भावनाओं से है। और हम यह अनुभव करते हैं कि यह किसी न किसी रूप में हमारी भावनाओं के साथ आता है। चाहे वह स्‍कूल हो, कॉलेज हो या फिर ऑफिस। जब हम अधिक सोचते हैं और मन पर दबाव का अनुभव करते हैं तब हम तनावग्रस्‍त हो जाते हैं।


2 - यह एक विकार है

तनाव एक विकार है जिसकी गिरफ्त में आने के बाद व्‍यक्ति की सामान्‍य दिनचर्या प्रभावित होती है। वह नयी जिम्‍मेदारी उठाने में अक्षम हो जाता है, अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाता और सबसे बड़ी बात यह कि इसकी वजह से उसकी नींद भी उड़ जाती है। तनाव ग्रस्‍त व्‍यक्ति को हेडेक के साथ दूसरी बीमारियां भी होने लगती हैं।


3 - इसके कई प्रकार हैं

तनाव यानी चिंता के कई प्रकार हैं। पैनिक डिसऑर्डर भी तनाव का रूप है। इसके कारण व्‍यक्ति को सांस लेने में दिक्‍कत, सीने में दर्द, दिल की धड़कन असामान्‍य होने जैसी समस्‍या होती है। ऑब्‍स‍ेसिव-कम्‍पल्सिव डिसऑर्डर भी तनाव का एक प्रकार है जिसमें व्‍यक्ति को अधिक भ्रम होता है। और इसका तीसरा प्रकार है - पोस्‍ट-ट्रोमैटिक स्‍ट्रेस डिसऑर्डर, इसमें पुरानी बातें पीडि़त के दिमाग में बार-बार आती हैं।

stress man with docotor

4 साइकोथेरेपी या मेडिकेशन से करें उपचार

इसके उपचार के लिए साइकोपैथी या फिर दवाओं का प्रयोग करें, या तो इन दोनों का प्रयोग एक साथ कर सकते हैं। साइकोपैथी के जरिये व्‍यक्ति को आराम करने और इसके बचने के तरीके बताये जाते हैं। यह ऐसी समस्‍या है जिसका निदान दूसरी बीमारियों जैसे - डिप्रेशन या बाइपोलर डिसऑर्डर के साथ ही हो सकता है। इसके अलावा किसी विशेषज्ञ की सलाह से आप दवा ले सकते हैं।


5 उपचार से दूर करें समस्‍या

यह कोई लाइलाज बीमारी नहीं है जिसका उपचार न हो सके। कुछ बातों का ध्‍यान रखकर और विशेषज्ञ से सलाह लेकर इसका उपचार किया जा सकता है। खानपान में बदलाव करके इसके असर को कम किया जा सकता है। कॉफी पीने से भी आराम मिलता है। वैज्ञानिकों की मानें तो व्‍यायाम और दिमाग की गतिविधियों में भी संबंध है। नियमित व्‍यायाम करने से दिमाग की कोशिकायें प्रभावित होती हैं और तनाव दूर होता है।

अगर आप तनाव ग्रस्‍त हैं तो इसका उपचार कीजिए न कि इसके कारण अपनी लाइफस्‍टाइल बदलिये। चिकित्‍सक से सलाह लेकर इसका उपचार कर सकते हैं।



Image Source : Getty
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