भारतीय मानसून से जुड़े 5 मिथ

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 30, 2014
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • मानसून में संक्रमण होने की संभावना अधिक रहती है।
  • दही की तासीर ठंडी होने के कारण इसका सेवन न करें।
  • बारिश के मौसम में स्‍वीमिंग पूल से दूर रहना चाहिए।
  • भीगने के बाद एसी का प्रयोग बिलकुल नहीं करना चाहिए।

मानसून गर्मी से राहत दिलाता है लेकिन इसके साथ-साथ कई बीमारियां भी लाता है। पेट से संबंधित समस्‍यायें इस मौसम में सबसे अधिक होती हैं। लेकिन बात अगर भारतीय मानूसन की हो तो इससे लोगों में इससे जुड़े कई प्रकार के भ्रम भी हैं। ये भ्रम स्‍वास्‍थ्‍य और दिनचर्या से जुड़े हुए हैं। आइए एक नजर डालते हैं भारतीय मानसून से जुड़े मिथ के बारे में।

 

Indian Monsoon Myths in Hindi
मिथ : दही नहीं खाना चाहिए

भारतीयों में एक कहावत है 'सावन में दही नहीं खाना चाहिए'। भारतीय लोग सावन यानी मानूसन में दही खाने से परहेज करते हैं, उनका मानना है कि दही की प्रकृति ठंडी होती है इसलिए मानसून में इसका सेवन करने से बचना चाहिए। इसके अलावा लोगों का मानना है कि गरम तासीर वाले खाद्य-पदार्थ यानी हल्‍दी और अदरक खाने से रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। जबकि वास्‍तविकता यह है कि इस मौसम में दही खाने से पाचन क्रिया पर कोई असर नहीं पड़ता और यह खाने को अच्‍छे से पचाने में सहयोग के साथ-साथ रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। डायरिया और फूड प्‍वॉइ‍जनिंग की समस्‍या होने पर दही का सेवन करने से लाभ मिलता है।

 

मिथ : बारिश में तैरना नहीं चाहिए

बारिश के मौसम में स्‍वीमिंग पूल में तैरने से बचना चाहिए, क्‍योंकि इस मौसम में पूल के पानी में नालों का बहता हुआ पानी मिल सकता है जिसके कारण पानी से संबंधित संक्रमण हो सकता है। लेकिन कई पूल ऐसे भी हैं जिनमें बारिश के पानी का असर नहीं पड़ता क्‍योंकि उनमें बाहर से पानी आने की कोई संभावना नहीं होती है, ऐसे में आप उन पूल्‍स में तैर सकते हैं और आपको बीमारी भी नहीं होगी।

 


मिथ : भीगने से बीमार पड़ जायेंगे

आम भारतीयों में यह धारणा है कि मानसून में भीगने से हम बीमार पड़ सकते हैं। लोगों का यह मानना है जैसे ही बारिश के पानी से भीगेंगे उन्‍हें सर्दी-जुकाम हो जायेगा। जबकि वास्‍तविकता यह है कि सर्दी और जुकाम के लिए बारिश नहीं बल्कि वातावरण जिम्‍मेदार होता है, अगर आपके आसपास का तापमान कम है तो आप बीमार पड़ सकते हैं। इसलिए अगर मौसम सही है और तामपान आपका साथ दे रहा है तो आप बारिश का मजा भीगकर ले सकते हैं।

 

Monsoon Myths in Hindi
मिथ : भीगने के बाद ए.सी. में न बैठें

ऐसा माना जाता है कि बारिश के पानी में भीगने के बाद एसी में नहीं बैठना चाहिए इससे सर्दी लग सकती है। जबकि वास्‍तविकता यह है कि बारिश में भीगने के बाद एअर कंडीशन में बैठने से कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर अधिक टेम्‍परेचर से आप अचानक कम तापमान में आये तो इसके कारण शरीर का तापमान बिगड़ सकता है और आपको कोल्‍ड हो सकता है। इसके कारण बुखार हो भी सकता है और नहीं भी हो सकता।

 

मिथ : मछली नहीं खाना चाहिए

कई भारतीयों का मानना है कि बारिश के दूषित पानी में रहने से मछली भी दूषित हो जाती है जिसके कारण उसका सेवन नहीं करना चाहिए, क्‍योंकि इससे संक्रमण होने की संभावना रहती है। लेकिन वास्‍तविकता यह है कि बारिश का मछली के सेहत पर कोई असर नहीं पड़ता। इसलिए बारिश के मौसम में भी आप मछली खाने का मजा ले सकते हैं।

अगर आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है तब आपके ऊपर मानसून का असर नहीं पड़ेगा और इस मौसम का मजा आप बीमार हुए बिना उठा सकते हैं।

 

Read More Articles on Sports and Fitness in Hindi

Write a Review
Is it Helpful Article?YES1207 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर