ना सुनना सिखा सकता है आपको ये पांच जरूरी बातें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 21, 2014
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Quick Bites

  • अस्‍वीकार्यता जीवन का अंत नहीं है।
  • अस्‍वीकार्यता आपको कूटनीति सिखा देती है।
  • गम और नाकामी को दिल से न लगायें।
  • कोशिश करने वाले की कभी हार नहीं होती।

ना सुनना कई बार आपको तोड़कर रख देता है। आप किसी लड़की को बड़ी शिद्दत से चाहते हैं, लेकिन उसने आपके प्रस्‍ताव को अस्‍वीकार कर दिया। अब आप क्‍या करेंगे। यहां आपके पास दो विकल्‍प हैं- या तो दिल दुखाकर बैठ जाइए या फिर इस अनुभव से कुछ सीखिये और आगे बढि़ये। जिंदगी सीखने का नाम है। हर अनुभव आपको कुछ सिखाता है। अब यह आप पर निर्भर करता है कि आप उससे क्‍या सीखते हैं। जरूरत बस नजरिया बदलने की है। आइए जानते हैं वे चीजें जो आप अस्‍वीकार्यता से सीख सकते हैं।

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दिल जलता है तो जलने दे

अपने गम को पूरी शिद्दत से महसूस कीजिए। आपको उन लोगों पर गुस्‍सा भी आएगा, जिन्‍होंने आपको अस्‍वीकार्य किया है। यह सब सामान्‍य है। आपको चाहिए कि आप गम और नाकामी के दबाव को महसूस तो कीजिए, लेकिन उसे खुद पर हावी न दें। एक बार जब आपको इसका अहसास हो जाएगा, तो फिर आपके लिए उससे बाहर निकलना काफी आसान हो जाएगा। इससे आप आने वाली मुश्किलों का बेहतर ढंग से सामना कर पाएंगे।


आगे बढ़ें

नाकामी और अस्‍वीकार्यता से डरकर आप अपने सपनों की बलि नहीं चढ़ा सकते। आपको आगे बढ़ना ही होगा। हर हाल में अपनी मंजिल को हासिल करना होगा। याद रखिये आपके जीवन का उद्देश्‍य इन छोटी-मोटी मुसीबतों से बदल नहीं सकता। हमारी नाकामी की बड़ी वजह, हार मान लेना होता है। जबकि कई बार मंजिल हमसे जरा सी दूर रह जाती है। बस थोड़ा सा और प्रयास और कामयाबी आपकी मुठ्ठी में।

कूटनीति है जरूरी

रिजेक्‍शन से आप कूटनीति सीख जाते हैं। जब आपको लगे कि कुछ चीजें सामान्‍य नहीं हो रही हैं। और आपको इस मामले में न सुनने को मिल सकती है, तो आपको अपने बात करने का अंदाज बदलना चाहिए। आपको अपने शब्‍दों के चयन में काफी सा‍वधानी बरतनी चाहिए। आप सामने वाले व्‍यक्ति से और वक्‍त लेने को कह सकते हैं। आपको अपने शब्‍दों का चयन काफी सावधानी से करना चाहिए। हां सुनने का यही तरीका है।

 

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आप अकेले नहीं

कई बार जब आप, आप न होकर कोई और होने का प्रयास करते हैं, तो आपके हाथ नाकामी आती है। अपने आप को छोड़कर किसी और की तरह बर्ताव करना आसान नहीं। लोगों को भी यह बनावटीपन पसंद नहीं आता। इसलिए, आपको ऐसे लोगों के संपर्क में रहना चाहिए जिनके विचार और सोच आपसे मेल खाते हों। इससे आपको काफी फायदा होगा। इसके साथ ही जब आपको अपने प्रयासों में एक दर्शन, एक मकसद नजर आने लगेगा, तब आपको पता चलेगा कि वास्‍तव में अस्‍वीकार्यता आपके लिए अधिक मायने भी नहीं रखती।

 

जैसा है रहने दें

यह कहना आसान है, लेकिन करना मुश्किल। लेकिन, अस्‍वीकार्यता का सामना करने का यह बहुत अच्‍छा तरीका है। इससे आपको यह सबक मिलता है कि जिंदगी हमेशा सरपट नहीं हो सकती। यहां उतार-चढ़ाव आएंगे और आपको इनका सामना करना ही होगा। लोगों की अस्‍वीकार्यता आपके पैरों की बेडि़यां नहीं बन सकतीं। नजर उठाकर देखिये जीवन में कामयाबी हासिल करने के कई मौके आपका इंतजार कर रहे हैं।

अस्‍वीकार्यता सामान्‍य है। आपको इसके लिए तैयार रहना चाहिए। यदि आप पहले से इसके लिए तैयार हैं, तो आपके लिए इसका सामना करना आसान होगा। आपको बहुत अधिक दुखी होने की जरूरत नहीं है। बल्कि यह चुनौतियां आपको जीवन में अधिक बड़ी मुसीबतों का सामना करने के लिए तैयार करेंगी।

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इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

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