वजन घटाने वाली बैरियाट्रिक सर्जरी क्या है? जानें इससे जुड़े 4 मिथ

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 29, 2016
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Quick Bites

  • वजन घटाने के लिए होती है बैरियाट्रिक सर्जरी
  • तीन तरह की होती है बैरियाट्रिक सर्जरी
  • इस सर्जरी के बाद तेजी से घटता है वजन

वजन घटाने के वैसे तो कई तरीके प्रचलित हैं लेकिन इनमें सबसे आसान और प्रभावी तरीका है बैरियाट्रिक सर्जरी कराने का। जानिए क्या है बैरियाट्रिक सर्जरी और इससे जु़ड़े 4 मिथ।

क्या है बैरियाट्रिक सर्जरी

वजन घटाने के कई तरीके हैं। लेकिन इन सबमें सबसे आसान तरीका है बैरियाट्रिक सर्जरी का। बैरियाट्रिक सर्जरी तेजी से वजन कम करने वाली सर्जरी है। यह तीन तरह की होती है- लैप बैंड, स्लीव गैस्ट्रीकटोमी और गैस्ट्रीक बाइपास सर्जरी। ये सर्जरी लेप्रोस्कोपिक तरीके से की जाती हैं। लैप बैंड सर्जरी के बाद खाने की क्षमता बहुत कम हो जाती है। स्लीव गैस्ट्रीक्टोमी के बाद डेढ़ से दो किलो वजन हर हफ्ते कम होना शुरू हो जाता है।

 

12-18 महीने में 80-85 फीसदी वजन कम हो जाता है। वहीं गैस्ट्रीक बाइपास में आमाशय को बांटकर एक शेल्फ, गेंद के आकार का बनाकर छोड़ दिया जाता है। इस सर्जरी के बाद खाना देर से पचता है और भूख बढ़ाने वाला 'ग्रेहलीन' हार्मोन भी बनना बंद हो जाता है। इससे शरीर में जमा फैट एनर्जी के रूप में खर्च होने लगता है और तेजी से वजन कम होने लगता है। इससे जुड़े कुछ मिथकों के बारे में हम आपको बता रहे हैं।


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bariatric surgery

मिथ: बैरियाट्रिक सर्जरी से तेजी से और आसानी से वजन कम होता है?

सच: वजन घटाने की सर्जरी का मतलब सर्जरी के जरिये शरीर की अतिरिक्त चर्बी को निकालना। लेकिन ये कोई जादुई प्रक्रिया है कि इसमें तुरंत वजन कम हो जायेगा। बल्कि यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें वजन बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हॉर्मोन को हटाया जाता है, जिससे लाइफस्टाइल के साथ तेज लेकिन सामान्य गति से वजन कम हो। बैरियाट्रिक सर्जरी के बाद भूख कम लगती है जिससे तेजी से वजन कम होने लगता है। इसके बाद एक साल में इंसान 50-60 किलो वजन कम कर सकता है।

 

मिथ: बैरियाट्रिक सर्जरी बहुत ही खतरनाक है?

सच: वजन घटाने वाली सर्जरी इतनी आसान भी नहीं है, यह खतरनाक है और इससे जान भी जा सकती है। हम अक्सर ये सुनते हैं कि वेट लॉस सर्जरी के बाद फलां की मौत हो गई। लेकिन यह हर तरह की सर्जरी के साथ लागू नहीं होती है। क्योंकि वजन घटाने वाली दूसरी सर्जरी की तुलना में बैरियाट्रिक सर्जरी के खतरे बहुत कम हैं। इसमें लेप्रोस्कोपिक तरीका प्रयोग किया जाता है, जिससे दर्द बहुत कम होता है और यह आसानी से हो जाता है। इस सर्जरी के बाद मरीज को इससे स्वयं उबरने की कोशिश करनी चाहिए नहीं तो इसके कारण अनिद्रा, टाइप2 डायबिटीज, हाइपरटेंशन जैसी समस्यायें हो सकती हैं।

मिथ: पहले सर्जरी कराने वाले इसे नहीं करा सकते हैं?

सच: वजन घटाने वाली सर्जरी कराने के बाद दोबारा इस तरह की सर्जरी नहीं हो सकती है, यह केवल भ्रम ही है। बैरियाट्रिक सर्जरी कोई भी करा सकता है चाहे वह पहली बार हो या दूसरी बार। चूंकि इसमें सर्जरी के दौरान लेप्रोस्कोपिक तरीका अपनाया जाता है जोकि पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें अधिक समय भी नहीं लगता। आपने अगर ओपेन सर्जरी या दूसरी सर्जरी भी कराई है तो इसे करा सकते हैं।

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मिथ: सर्जरी के बाद इसका फॉलो-अप करना जरूरी नहीं?

सच: बैरियाट्रिक सर्जरी बहुत ही आसान है और लेप्रोस्कोपिक तरीके से की जाने वाली सर्जरी है। इस सर्जरी को लेकर लोगों में भ्रम यह भी है इस सर्जरी के बाद डॉक्टर का चक्कर लगाने से मुक्ति मिल जाती है और यह सर्जरी अपना काम करती रहती है। जबकि ऐसा नहीं है, बैरियाट्रिक सर्जरी के बाद लगभग एक साल तक विशेष देखभाल की जरूरत पड़ती है। मरीज को दो से चार बार डॉक्टर के पास जाने की जरूरत होती है। चिकित्सक समयानुसार मरीज के लाइफस्टाइल में बदलाव का निर्देश देता है जो कि इसके तेजी से प्रभावी होने के लिए‍ जिम्मेदार है।


Image source: MediMoon&Thai Medical Vacation

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