वेलेंटाइन डे ही नहीं नेशनल कंडोम डे भी है 14 फरवरी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 12, 2016
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • 14 फरवरी का दिन युवाओं के लिये किसी त्यौहार से कम नहीं होता है।
  • 14 फरवरी को सिर्फ वेलेंटाइन डे ही नहीं, नेश्नल कंडोम डे भी होता है।
  • कंडोम यौंन संक्रमित बीमारियों से बचाव का सुरक्षित व सस्ता माध्यम है।
  • कंडोम का इस्तेमाल हमारी और हमारे साथी की सुरक्षा को सुनिश्चित करता है।

फरवरी को प्यार का महिना और इसके दूसरे हफ्ते को लव वीक कहा जाता है। 14 फरवरी की तारीख युवाओं के लिये किसी त्यौहार से कम नहीं होती है, हो भी क्यों ना, इस दिन वेलेंटाइन डे जो होता है। वेलेंटाइन डे आने से पहले ही इसकी तैयारियां और इसके विषय में लेख लिखे जाने लगते हैं। और ये अच्छा भी है, वेलेंटाइन डे हमें अपने प्यार की खुखियां मनाने का मौका जो देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 14 फरवरी को सिर्फ वेलेंटाइन डे ही नहीं बल्कि ये एक और खास दिन के तौर पर भी मनाया जाता है। जी हां, 14 फरवरी वेलेंटाइन डे ही नहीं नेश्नल कंडोम डे भी होता है। और इसके बारे में भी हमे पूरी जानकारी होनी चाहिये। क्योंकि अगर असुरक्षित प्यार, श्राप बन सकता है। और आप कभी नहीं चाहेंगे कि अपने साथी को आप प्यारे तौहफों के साथ कोई बीमारी भी दें।    

 

National Condom Day in Hindi

 

14 फरवरी, नेश्नल कंडोम डे

14 फरवरी को हर साल है नेश्नल कंडोम डे भी मनाया जाता है ताकि हमें याद दिलाया जा सके कि कंडोम हमारी और हमारे साथी की सुरक्षा और यौंन संक्रमित बीमारियों से बचाव का एक सुरक्षित और सस्ता माध्यम है। अमेरिका में तो इस पूरे सप्ताह को सेक्स अवेयरनेस वीक के तौर पर मनाया जाता है।
अकेले अमेरिका में हर साल यौंन संक्रमित बीमारियों से बीस लाख नए मामले सामने आते हैं, जिन्हें कंडोम के इस्तेमाल से कम किया जा सकता है। भारत में ये आंकडे कहीं ज्यादा हैं।


कंडोम का इस्तेमाल करने से न सिर्फ यौन संक्रमित बीमारियों से बचाव होता है, बल्कि एचआईवी वायरस से भी सुरक्षा मिलती है। किसी भी नए इंसान के से यौन संबंध बनाते समय कंडोम का उपयोग जरूर करना चाहिये। साथ ही कंडोम को इस्तेमाल करने का सही तरीका भी मालूम होना चाहिये।

भारत में घट रहा हैं आकड़ा

वर्ष 2013 में स्वास्थ्य मंत्रालय की स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार साल 2010-11 के दौरान मध्य प्रदेश में लगभग 40 फीसदी लोगों ने कंडोम के इस्तेमाल से परहेज किया। वहीं हरियाणा में कंडोम इस्तेमाल करने वालों की संख्या में 30 फीसदी, महाराष्ट्र में 25 फीसदी, झारखंड में 24 फीसदी, गुजरात में 17 फीसदी और उत्तर प्रदेश में 12 फीसदी लोगों में कंडोम के इस्तेमाल में कमी आई थी।


हमें ये समझना होगा कि कंडोम का इस्तेमाल हमारी और हमारे साथी की सुरक्षा को सुनिश्चित करता है। इसके उपयोग से न सिर्फ यौन संक्रमित रोगों, बल्कि अनचाहे गर्भ से भी सुरक्षा मिलती है।



Read More Articles On Sex & Relationship in Hindi.

Write a Review
Is it Helpful Article?YES83 Votes 11243 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर