हाथों की हड्डियों के कैंसर के लक्षण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 02, 2012
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Haatho ki haddiyo ke cancer ke lakshan

शरीर के किसी भी हिस्से में होने वाली असमान्य गांठ को ट्यूमर माना जाता है। लेकिन यह जरुरी नहीं है कि किसी भी ट्यूमर का मतलब कैंसर की शुरुआत हो । हाथों व कलाईयों में होने वाले ट्यूमर ‘बेनाइन’ होते हैं  और यह कैंसर नहीं होता है। हाथों में होने वाले ट्यूमर तिल व मस्से की तरह त्वचा पर हो सकते हैं या त्वचा के अंदर मुलायम ऊतकों या हड्डियों में भी हो सकतें हैं। हाथों में कई तरह के ऊतक होते हैं जैसे त्वचा, स्नायुबंधन,नर्वस,रक्त धमनियां, हड्डियां आदि। इसलिए हाथों में कई तरह के ट्यूमर हो सकते हैं। उसमें से केवल कुछ ही दिखाई देते हैं। आईए जानें हाथों की हड्डियों में होने वाले ट्यूमर के बारे में।

 

लक्षण

 

ज्यादातर हाथों में होने वाले ट्यूमर को हम देख सकते हैं क्योंकि ट्यूमर वाली जगह की त्वचा पर थोड़ा सा उभार आ जाता है जो आसानी से दिखाई देता है। अगर ट्यूमर त्वचा के अंदर हड्डियों पर या नर्व के पास हो तो यह दिखाई नहीं देता, लेकिन इसमें अक्सर दर्द की शिकायत होती है। छोटे ट्यूमर के लक्षण कम दिखाई देते हैं, जैसे-जैसे ट्यूमर का आकार बढने लगता है उसके लक्षण भी बढ़ने लगते हैं।

 

ट्यूमर की पहचान

 

ट्यूमर या सिस्ट में कैंसर के सेल्स हैं या नहीं इसकी पहचान के लिए डॉक्टर रोगी का परीक्षण करता है और उससे ट्यूमर के आकार और उसमें होने वाले दर्द के बारे में पूछता है।

 

चिकित्सीय इतिहास

 

इसमें चिकित्सक रोगी से पूछता है कि उसके हाथों में कब से सिस्ट या ट्यूमर है या ट्यूमर का आकार दिन प्रतिदिन कुछ बढ़ रहा है या उतना ही है और क्या उसमें दर्द भी होता है या नहीं। इन्हीं सवालों से वह ट्यूमर की पहचान करता है।

 

शारीरिक जांच

 

इसमें डॉक्टर ट्यूमर का परीक्षण करता है और उसकी वृद्धि को सावधानीपूवर्क देखता है और ट्यूमर को छूकर देखता है कि उसमें दर्द है या नहीं।

 

सिस्ट की जांच

 

कई मामलों में डॉक्टर सिस्ट के अंदर भरे तरल पदार्थ की जांच करते हैं जिससे यह पता लगे कि यह किस तरह का सिस्ट है। इसमें डॉक्टर सिस्ट के अंदर सिरींज डालकर तरल पदार्थ निकालता है और उसकी जांच करता है कि वह किस प्रकार का ट्यूमर है।

 

आकार की जांच

 

इसमें डॉक्टर सिस्ट के आकार की जांच करता है कि उसके दिन प्रतिदिन बढ़ते आकार के बारे में पता करता है। सिस्ट की जांच के लिए वह एमआरआई भी करा सकता है। एक्स रे के जरिए भी किसी भी ट्यूमर में कैंसर के सेल्स है या नहीं इसका पता लगाया जा सकता है।

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इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

टिप्पणियाँ
  • reeta07 May 2012

    nice info

  • reeta03 May 2012

    nice article

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