हड्डियों में छिपा है उम्र का राज

By  ,  दैनिक जागरण
Jun 29, 2010
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उम्र का बढ़ना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। इसे रोक पाना तो नामुमकिन है, लेकिन इस प्रक्रिया के बारे में काफी कुछ अंदाज लगाया जा सकता है। और वह भी हड्डियों के जरिए। एक शोध में ऐसा ही कहा गया है।
तेल अवीव यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक शारीरिक तौर पर उम्र बढ़ने की प्रक्रिया आनुवांशिक गुणों पर आधारित होती है। इन गुणों का अध्ययन कर व्यक्ति की उम्र संबंधी कई भविष्यवाणियां की जा सकती हैं। यहां तक कि उसके जीवनकाल का अंदाज भी लगाया जा सकता है।
उम्र बढ़ने की स्वाभाविक प्रक्रिया के लिए जिम्मेदार आनुवांशिक प्रभावों का अध्ययन कर वैज्ञानिकों ने एक जैविक सूचक का भी निर्माण किया है। इन सूचकों में भूरे बाल, झुर्रियां या त्वचा का लचीलापन प्रमुख हैं। इन सूचकों का अध्ययन कर किसी व्यक्ति के बारे में यह अंदाज लगाया जा सकता है कि वह कितने दिन जिंदा रह सकता है। प्रमुख शोधकर्ता लियोनिड कैलिचमैन के अनुसार इस सूचक का प्रयोग किसी व्यक्ति के अंगों के ठीक ढंग से काम करने और जीवन के विस्तार के बारे में जानने के लिए किया जा सकेगा।

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