स्‍तन कैंसर क्‍या है

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 08, 2013
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स्तन कैंसर, असामान्य कोशिकाओं की एक प्रकार की अनियंत्रित वृद्धि है जो स्तन के किसी भी हिस्से में पनप सकता है यह निप्पल में दूध ले जाने वाले डक्ट्स (नलियों), दूध उत्पन्न करने वाले छोटे कोशों और ग्रंथिहीन ऊतकों में भी हो सकता है।

breast cancer kya hai

 

तेजी से फैलने वाली खतरनाक बीमारियों में से एक है ब्रेस्ट कैंसर। यूं तो ब्रेस्ट कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन खासतौर पर 40 साल की उम्र के बाद इसका खतरा ज्यादा रहता है। इसका मुख्य कारण है ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरुकता की कमी। इसलिए देशभर में लोगों को जागरूक बनाने के लिए अक्टूबर माह में ब्रेस्ट कैंसर वीक भी मनाया जाता है। ऐसे में साल में एक बार चेकअप करवाते रहने के अलावा और भी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। आइए हम आपको फैलने वाले स्तन कैंसर के प्रमुख रूप के बारे में बताते हैं:

 

[इसे भी पढ़ें : स्‍तन कैंसर से बचाव]


फैलने वाले स्तन कैंसर के प्रमुख रूप

  • इन्वेसिव डक्टल कार्सिनोमा : इस प्रकार का स्तन कैंसर मिल्क डक्ट्स में विकसित होता है और लगभग 75 प्रतिशत मामलों में यही पाया जाता है। यह डक्ट-वॉल के ज़रिए फैलता है और स्तन के चर्बी वाले टिश्युओं में प्रवेश कर जाता है फिर यह रक्त प्रवाह या लिम्फेटिक सिस्टम द्वारा शरीर के दूसरे अंगों में फैलता है।

 

  • इन्वेसिव लोबुलर कार्सिनोमा : इस प्रकार का स्तन कैंसर लगभग 15 प्रतिशत मामलों में पाया जाता है। यह स्तन की दूध बनाने वाली लोब्यूल्स में उत्पन्न होता है। यह स्तन के चर्बी वाले टिश्युओं और शरीर के दूसरे स्थानों पर फैल सकता है।

 

  • मेड्युलरी, म्यूकस और ट्यूबुलर कार्सिनोमाज़ : ये स्तन कैंसर के धीमी गति से बढ़ने वाले प्रकार हैं जो स्तन कैंसर के कुल मामलों 8 प्रतिशत में पाए जाते हैं।

 

  • पेजेट्स डिज़ीज़ : इस प्रकार के लगभग 1 प्रतिशत स्तन कैंसर पाए जाते हैं। यह निप्पल के मिल्क  डक्ट्स में शुरू होते हैं और निपल्स के चारों ओर डार्क सर्किल्स (एरोला) तक फैल सकते हैं। ऐसी महिलाएं जिनमें पेजेट्स डिज़ीज़ हो उनमें आमतौर से निप्पल क्रस्टिंग, स्केयलिंग, ईचिंग या इन्फ्ले मेशन की पुरानी समस्या़एं रही हो सकती हैं।

 

  • इन्फ्लेमेटरी कार्सिनोमा : इस प्रकार के लगभग 1 प्रतिशत मामले पाए जाते हैं। सभी स्तन कैंसरों में इन्फ्लेमेटरी कार्सिनोमा सबसे आक्रामक और उपचार में कठिन होता है क्योंकि यह काफी तेजी से फैलता है।

[इसे भी पढ़ें : ब्रेस्‍ट कैंसर की स्‍टेजेज]

 

इन दशाओं में शामिल हैं:

  • सीटू (डीसीआईएस) में डक्टल कार्सिनोमा : यह तब होता है जब कैंसर कोशिकाऐं डक्ट्स में भर जाती हैं लेकिन वॉल्स से होकर चर्बी वाले टिश्युओं तक नहीं फैल पातीं। इस शुरूआती बीमारी के निदान वाली लगभग सभी महिलाओं को ठीक किया जा सकता है। उपचार के बिना, डीसीआईएस के लगभग 25 प्रतिशत मामले, 10 वर्षों में इन्वे‍सिव स्तन कैंसर में बदल जाते हैं।
  • सीटू (एलसीआईएस) में लोबुलर कार्सिनोमा: यह डीसीआईएस से कम खतरनाक होता है। यह स्तन के दूध बनाने वाले लोब्यूल्स में उत्पन्न होता है। एलसीआईएस को उपचार की ज़रूरत नहीं होती लेकिन यह महिलाओं में दोनों स्तन के अन्य हिस्सों में कैंसर बनने का खतरा बढ़ा देता है। संयुक्त राज्य में महिलाओं में स्तन कैंसर, स्किन कैंसर के बाद दूसरा सबसे ज़्यादा पाया जाने वाला कैंसर है जिसके लगभग 183,000 नए मामले 2008 में अपेक्षित थे। यह हर साल 40,000 से अधिक महिलाओं की मृत्यु का कारण बनता है और महिलाओं की कैंसर से होने वाली मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं में स्तन कैंसर विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है हर चार में से तीन मामलों में स्तन कैंसर महिलाओं में 50 की उम्र के बाद विकसित होता है।

अन्य जोखिम घटक निम्न हैं:

  • परिवार में स्तन कैंसर का इतिहास होना:स्तन कैंसर का पूर्व इतिहास या स्तन टिश्युओं की अन्य असामान्यताएं नीचे दिए तीन में से किसी एक तरीके की हो सकती हैं :

                     1.फीमेल हार्मोन एस्ट्रोजेन का अधिक बनना। 

                     2.13 वर्ष की उम्र से पहले पहला मासिक स्राव होना। 

                     3.51 वर्ष की उम्र के बाद मेनोपॉज़ होना या 5 से अधिक वर्षों से एस्ट्रोलजेन से हो सकता है।

 

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