स्वास्थ्य समस्याएं

By  ,  सखी
Feb 04, 2011
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मेरी उम्र 31 वर्ष है। मेरे पीरियड्स 14 साल की उम्र में शुरू हुए थे और तब से लेकर आज तक अनियमित हैं। सिर्फ एक से दो दिन ही होते हैं। इस बीच कई बार पीरियड्स बंद हुए और फिर शुरू हो गए। उस दौरान पेट के निचले हिस्से में दर्द, भूख न लगना, पैर के तलुवों में जलन जैसी शिकायत रहती है। कई डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन सही परिणाम नहीं निकला। बाद में एक डॉक्टर ने बताया कि मेरी ओवरी में सिस्ट है और ओवरी सहित यूट्रस निकालना पडेगा। अभी मेरी शादी भी नहीं हुई है। मैं बहुत चिंतित हूं। इस बीच मेरा वजन भी लगातार बढ रहा है। वर्तमान में मेरा वजन 78 किलो है। मुझे काफी थकावट लगती है। सिर में भी भारीपन रहता है। मैं बहुत परेशान हूं। मेरी समस्या का उचित समाधान बताएं।


अनुपमा कुमारी, जयपुर


आपका केस काफी जटिल है। आपका पत्र पढकर पूरी समस्या ठीक से समझ में नहीं आ रही है। सच तो यह है कि आपकी समस्या पत्र द्वारा नहीं सुलझाई जा सकती। आपको किसी अछे अस्पताल में जाकर स्त्री रोग विशेषज्ञा की सलाह लेनी होगी और हायली स्पेशलाइज्ड अल्ट्रासाउंड, थ्री डी, फोर डी अल्ट्रासाउंड विद कलर डॉप्लर किसी अनुभवी अल्ट्रा सोनोग्राफर से करवाना होगा। एमआरआई भी करवाना पडेगा। आपको देखकर, जांचकर ही सलाह दी जा सकती है। सभी रिपोर्ट के साथ आप स्त्री रोग विशेषज्ञा से मिलें। आपको पॉलिसिस्टिक ओवेरियन डिसीज या प्रीमैयोर मेनोपॉज भी हो सकता है।


मैं 39 वर्षीया विवाहिता हूं। शादी को 11 वर्ष हो चुके हैं। मेरी एक बेटी 10 साल की है। मुझे व्हाइट डिस्चार्ज की समस्या है। यह समस्या मुझे शादी के पहले से है। मेरा डिस्चार्ज पीले रंग का और दुर्गधयुक्त होता है। मेरे पति ने मेरे पास आना छोड दिया है। मेरी बेटी को भी यही समस्या है। उसके पीला पानी तो नहीं आता, लेकिन दुर्गध बहुत आती है। मेरी समस्या का समाधान करें?

सावित्री कटियार, पटना

 

यह डिस्चार्ज इन्फेक्शन के कारण हो सकता है। आपने यह नहीं बताया कि आपको उस स्थान पर खुजली होती है या नहीं? जांच से ही पता चल सकता है कि आपको किस प्रकार का इन्फेक्शन है। अगर दुर्गधयुक्त व्हाइट डिस्चार्ज है और खुजली नहीं है तो उसे बैक्टीरियल वैजिनॉसिस कहते हैं। इसका इलाज साधारण होता है। ऐसे में क्लिंजेन पैसिरेस गोलियां इस्तेमाल करनी होती हैं। यह गोलियां वजाइना में छह दिन तक रोजाना रात में रखनी होती हैं। इसे रखने पर उन दिनों डिस्चार्ज बढ जाता है, क्योंकि गोली पिघल कर बाहर निकलती है, इसमें घबराने की जरूरत नहीं है। इनके साथ ही एक खाने वाली गोली भी खानी चाहिए - ओरनी ओ। यह रोजाना एक-एक गोली सुबह-शाम खानी होती है। इसके बाद भी अगर समस्या दूर न हो तो डॉक्टर को अवश्य दिखाएं। अपनी बेटी का भी चेकअप कराएं। इसमें लापरवाही और देरी न करें। अकसर इस उम्र में वजाइना में कोई चीज (जैसे पेंसिल, रबड, शीशी का ढक्कन) चले जाने के कारण भी दुर्गधयुक्त डिस्चार्ज हो सकता है। कुछ लडकियां इस तरह की चीजें ख्ाुद ही वहां डाल लेती हैं। यह बाद में इन्फेक्शन में बदल जाता है और परेशानी उठानी होती है। इसलिए अपनी बेटी पर ध्यान दें और स्त्री रोग विशेषज्ञा से जांच करवाएं। वैसे इस उम्र में व्हाइट डिस्चार्ज जैसी समस्या कम ही होती है।

 

मैं हाइमेन इम्लांट करवाना चाहती हूं। क्या नागपुर शहर में यह सुविधा उपलब्ध है? यह किस प्रकार के डॉक्टर करते हैं और इसमें कितना ख्ार्च आता है?

नंदिनी जायसवाल, नागपुर

 

इसको हाइमेन इम्लांट नहीं कहते हैं, बल्कि इसे हाइमेनो प्लास्टी कहते हैं। यह अधिकतर काम नहीं करता। यह एक सर्जरी होती है और इसकी कोई गारंटी नहीं होती कि यह कामयाब हो। इसे गाइनेकोलॉजिस्ट ही कर सकती हैं। अगर आप दर्द सह सकती हों तो किसी अछी गाइनी सर्जन के पास जाएं। इसे कराने के बाद हफ्ते भर तक दर्द रहता है। इस सर्जरी को कराने के बाद भी पता चल सकता है कि आपके शादी से पहले किसी के साथ शारीरिक संबंध बन चुके हैं।
मेरी मम्मी की उम्र 45 वर्ष है। उनका 4-5 साल पहले रसौली का ऑपरेशन हुआ था। रसौली 2 किलो की थी। उसके बाद उनके पैरों में सूजन आ गई, जिसकी वजह से उनका पूरा पैर काफी दर्द करता है। मेरी मम्मी को शुगर की समस्या मेरे पैदा होने के बाद ही हो गई थी। उन्हें क्या करना चाहिए?

शैली खरे, अंबाला

 

दो किलो का मांस निकालना बेहद जरूरी था। भला दो किलो का मांस कोई पेट में कैसे रख सकता है? सबसे जरूरी है कि उसकी बायोप्सी हुई या नहीं, क्योंकि यह पता लगाना जरूरी है कि उसमें कैंसर था या नहीं। हो सकता है कि अब जो समस्या है वह पहले कैंसर के कारण हो। आप अपनी मम्मी को अपने शहर के सबसे अछे एंड्रोक्राइनॉलॉजिस्ट को दिखाएं। बार-बार टेस्ट कराने पड सकते हैं और दवाइयां भी बदलनी पड सकती हैं। उनकी समस्या को नजरअंदाज न करें, बल्कि तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर उचित इलाज करें।

 

मेरी उम्र 19 वर्ष है। मेरे पीरियड्स अनियमित हैं। उसके कारण मैं मोटी भी हो गई हूं। यहां तक कि दवाइयां लेने के बाद मेरे पीरियड्स आते हैं। मुझे क्या करना चाहिए कि मेरे पीरियड्स नियमित हो जाएं?
सायंतनी चटर्जी, आगरा

 

दवाइयां, योग, मेडिटेशन या इलाज कोई जादू नहीं होता जो तुरंत अपना असर दिखाने लगे। आप हार्मोन टेस्ट कराएं। जिन्हें देर से पीरियड्स शुरू होते हैं उनके अकसर अनियमित रहते हैं। आप स्त्री रोग विशेषज्ञा से संपर्क कर जरूरी जांच कराएं फिर इलाज शुरू करें।

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