स्वाइन फ्लू वैक्सीन के प्रभाव

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 22, 2013
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भागदौड़ की जिंदगी में नई-नई बीमारियां भी पनपने लगी हैं। नतीजन, इन बीमारियों के दुष्प्रभाव भी बढ़ने लगे है। हालांकि वैज्ञानिकों ने हर बीमारी का तोड़ निकाल लिया है लेकिन फिर भी कई बीमारियां ऐसी है जिनका प्रभावी तोड़ नहीं निकाला गया। स्वाइन फ्लू संक्रमण व्यक्ति से व्यक्ति में फैलता है ऐसे में स्वाइन फ्लू वैक्सीन लाना भी बहुत जरूरी था। लेकिन जरूरी नहीं कि हर वैक्सीन के गंभीर प्रभाव या फिर अच्छे ही परिणाम निकलें। स्वाइन फ्लू वैक्सीन के प्रभावों को जानने के लिए जरूरी है स्वाइन फ्लू के टीके के लक्षणों को जानना। आइए जानते हैं स्वाइन फ्लू वैक्सीन के प्रभाव के बारे में।

  • स्वाइन फ्लू वैक्सीन बहुत ही प्रभावकारी है। यह स्वाइन फ्लू और H1N1 से छुटकारा दिलाने में कारगर है।
  • हालांकि मनुष्यों और स्वाइन फ्लू में पाया गया H1N1 स्ट्रैन एक दूसरे से काफी अलग है इसलिए यह कहना मुश्किल है कि वैक्सीन कितनी सुरक्षा दे सकता है। लेकिन यह बचाव में कुछ हद तक मदद जरूर कर सकता है।
  • 65 साल या उससे ऊपर के सभी लोग, मधुमेह, अस्थमा से पीड़ित लोगों का, गर्भवती स्त्री,बच्चे इत्यादि को सुरक्षा की दृष्टि से वैक्सीन देना चाहिए जिससे स्वाइन फ्लू के संक्रमण को कुछ हद तक रोका जा सके। दरअसल, इस वर्ग के लोगों को आम लोगों के मुकाबले स्वाइन फ्लू के दौरान जान को अधिक खतरा होता है।
  • इन्फ्लुएंजा के वैक्सीन से न सिर्फ दिल के मरीजों की मृत्यु का खतरा कम हो जाता है बल्कि एच1 एन1 फ्लू  के वैक्सीन से मृत्यु का खतरा आम व्यक्ति के लिए भी कम हो जाता है।
  • कई शोधों के मुताबिक पहले से ही यदि दिल की कोई बीमारी, हार्ट फेल्यर या जन्मजात दिल की बीमारी, हो तो उसे स्वाइन फ्लू वैक्सीन देना फायदेमंद रहता है।
  • स्वाइन फ्लू वैक्सीन का शरीर पर इतना प्रभाव पड़ता है कि उससे प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा हो जाता है और शरीर स्वाइन फ्लू और H1N1 के वायरस से आसानी से लड़ने के काबिल बन जाता है।
  • स्वाइन फ्लू वैक्सी‍न से फायदा ही होता है इसके अभी तक किसी प्रकार का कोई दुष्प्रिणाम देखने को नहीं मिला। बल्कि निर्धारित समय के अंतराल में यदि सभी वैक्सीन लगवाए जाएं तो इम्यूनाइजेशन असरदार ही होता है और इसके परिणाम भी बेहतर होते है।
  • हालांकि स्वाइन फ्लू टीके के लक्षणों में थोड्रा बहुत दर्द, थकान या फिर एलर्जी ही दिखाई पड़ते है। ये जरूरी भी नहीं कि स्वाइन फ्लू टीके के लक्षण दिखाई ही दें लेकिन जो लोग संवेदनशील होते हें उनमें ये स्वाइन फ्लू के लक्षण देखे जा सकते हैं।
  • स्वाइन फ्लू के वैक्सीन लेने के साथ-साथ स्वाइन फ्लू से बचने के तमाम उपाय भी आवश्यक हैं। इसके लिए चाहिए कि  आप समय-समय पर साबुन या एंटीबायोटिक से हाथों को धोते रहें या हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
  • स्वाइन फ्लू संक्रमित लोगों के संपर्क से बचें। यदि आपके इलाके में एच1 एन1 का खासा प्रकोप हो तो आप उस क्षेञ में जाने से बचें। घर पर रहें और जहां तक संभव हो भीड़ में न जाएं।
  • फेसमास्क का प्रयोग करें और फेसमास्क ऐसे लगाएं कि मुंह और नाक दोनों ढके रहें।
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