ल्यू्कीमिया की चिकित्सा कैसे होती है

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 31, 2012
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ल्यूकीमिया यानी रक्त कैंसर (ब्लड कैंसर) बोन मैरो में ब्लड सेल्स की असामान्य वृद्धि होती है जिससे बोन मैरो कैंसर हो जाता है। ल्यूकीमिया बच्चों में सबसे अधिक होता है। आमतौर पर ल्यूकीमिया 4 साल से 6 साल तक के बच्चों में देखने को मिलता हैं। हालांकि ल्यू‍कीमिया की चिकित्सा‍ संभव है लेकिन ल्यूकीमिया किस प्रकार है और रोगी की परिस्थति क्या है, साथ ही ल्यूकीमिया कितना बढ़ चुका है, ये सब ल्यूकीमिया की चिकित्सा होने से पहले ध्यान में रखा जाता है। लेकिन सवाल ये उठता है कि आखिर ल्यूकीमिया की चिकित्सा कैसे होती है। ल्यूकीमिया के लिए कौन-कौन सी इलाज पद्वतियां अपनाई जाती हैं। आइए जानें ल्यूकीमिया की चिकित्सा कैसे होती है।

क्या आप जानते हैं

  • ल्यू‍कीमिया बच्चों और किशोरों में ही देखने को मिलता हैं।
  • ल्यू‍कीमिया बहुत ही तीव्र गति से हो सकता है। साथ ही यह लंबे समय तक रहता है।
  • ल्यू‍कीमिया जितनी तीव्र गति से होता है उसका प्रभाव उतना ही होता है।
  • ल्यू‍कीमिया आनुवांशिक भी हो सकता है। लेकिन इसके होने के कारणों को अभी तक पहचाना नहीं गया है और इस पर शोध जारी हैं।
  • ल्यू‍कीमिया रक्त बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है। जिससे शरीर का लिम्फेटिक सिस्टम और बोन मैरो भी प्रभावित होती हैं।
  • ल्यूकीमिया के निदान के लिए कई तरह के परीक्षण किए जाते हैं। जिसमें पेट, बलगम, कमर, गले की सूजन, लीवर इत्यादि की जांच की जाती हैं।
  • इसके अलावा रक्त का परीक्षण, कोशिकाओं की गिनती, कोशिकाओं के प्रकार  असामान्य कोशिकाओं की गणना इत्यादि भी की जाती है। यह सभी ल्यूकीमिया की जांच से पहले किया जाता हैं।




ल्यूकीमिया की चिकित्सा

  • ल्यू‍कीमिया के इलाज के लिए रेडिएशन थेरेपी और कीमोथेरेपी का मुख्य रूप से इस्तेमाल किया जाता है।
  • इन दोनों थेरेपी को रोगी की हालत और रोग के आधार पर दिया जाता है। कई बार दोनों थेरपी को देने की आवश्यकता होती है तो कई बार एक थेरेपी से ही मरीज़ ठीक हो जाता है।
  • बोन मैरो ट्रांसप्लांट ल्यूकीमिया की चिकित्सा का अहम हिस्सा है। इस थेरेपी को जरूरत के समय ही उपयोग किया जाता है।
  • कई बार ल्यूकीमिया की चिकित्सा के लिए ब्लड और प्लेटलेट्स ट्रांसफ्यूजन की भी जरूरत होती है।
  • ल्यूकीमिया की चिकित्सा के दौरान जैविक उपचार भी किया जाता है जो कि ल्यूकीमिया से उबरने में बहुत मदद करता है।

ल्यूकीमिया को रोकने के उपाय

  •  हालांकि अभी तक ल्यूकीमिया को बढ़ने से रोकने के लिए कोई खास उपाय मौजूद नहीं है। दरअसल, ल्यूकीमिया को आनुवांशिक बीमारी अधिक माना गया है।
  • ल्यूकीमिया के मरीज को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है क्योंकि ल्यूकीमिया के दौरान मरीज की प्रतिरोधक क्षमता बहुत कमजोर हो जाती है और मरीज जल्दी ही किसी संक्रमण का शिकार हो सकता है।
  • ल्यूकीमिया के मरीज को किसी अच्छे अस्पताल में दिखाना चाहिए जहां विशेषतौर पर ल्यूकीमिया के मरीजों का इलाज होता हो।
  • ल्यूकीमिया के मरीज का नियमित रूप से परीक्षण किया जाना चाहिए जिससे मरीज में ल्यू्कीमिया की स्थिति का ठीक से पता लगाया जा सकें।

 

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