लाकुनर स्ट्रोक के लक्षण दिमाग के उस हिस्से पर निभर करते हैं जिसे खून नहीं मिल रहा है | दिमाग के अलग अलग क्षेत्र भिन्न भिन्न कार्यों के जिम्मेदार होते हैं | जैसे अनुभूति ,सञ्चालन , देखना , संतुलन और मेल खाना |
लक्षणों में यह भी हैं
पुराने उच्च रक्तचाप जिसका इलाज न किया गया हो उस व्यक्ति को लेकुनार स्ट्रोक हो सकता है | इससे एक और लक्षण पैदा हो सकता है भावनात्मक वयवहार |
इन लक्षणों का एकदम से आना स्ट्रोक आने कि चेतावनी है | कभी - कभी एक चोटा सा थक्का खून के बहाव में आने से लेकुनार स्ट्रोक का कुछ मिनिट के लिय कारण बन सकता है | यदि थक्का नुकसान से पहले समाप्त कर दिया जाता है तो लक्षणों में कुछ ही मिनिट में सधार आ जाता है और वो पूरी तरह से जा भी सकते हैं | जब लक्षण पूरी तरह से चले जाते हैं तो व्यक्ति २४ घंटों में पूरी तरह ठीक हो जाता है | यह घटना ट्रांसीएन्ट इस्कैमिक (टी आई ऐ ) हमला कहलाती है यह कभी मत सोचिए कि स्ट्रोक लक्षण अपने आप चले जांएगे | जल्दी से आपातकालीन कमरा जितनी जल्दी हो सके इलाज के लिए लें |

