लिम्फोमा का पूर्वानुमान

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 08, 2013
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lymphoma ka purvanumaan

लिम्फोमा, लिम्‍फोसाइट्स में होने वाला कैंसर है जिसका अर्थ है कि यह सेल्स बिना किसी नियंत्रण के बढ़ते हैं। लिम्फोमा अक्सर लिम्फ नोड्स से शुरू होता है लेकिन यह पेट, आंत, त्वचा या किसी और अंग में भी पाया जा सकता है। क्योंकि लिम्फोसाइट्स शरीर के हर भाग में पाये जाते हैं। इसलिए लिम्‍फोमा के मुख्य दो प्रकार होते हैं हाजकिन डिज़ीज़ और नॉन हाजकिन लिम्फोमा। आइए इन दोनों के पूर्वानुमान के बारे में जानें।

 

[इसे भी पढ़ें : लिम्फोमा क्‍या है]

 

हाजकिन बीमारी
यह सभी प्रकार के रक्त कैंसर में से सबसे आसानी से ठीक होने वाला कैंसर है। सही प्रकार की चिकित्सा से लगभग 80 प्रतिशत मरीज़ 5 वर्ष या उससे अधिक समय तक सामान्य जीवन जीने में सक्षम हो पाये हैं। वो मरीज़ जिनमें स्टेज 'ए' की पुष्टि हुई है उनमें 90 प्रतिशत तक 10 साल से अधिक समय तक जीवन यापन की सम्भावना रहती है। व मरीज़ जिनमें स्टेज '4' की पुष्टि होती है उनमें 50 प्रतिशत तक 10 साल या उससे अधिक समय तक जीवन यापन की सम्भावना रहती है।

 

[इसे भी पढ़ें : लिम्फोमा का निदान]

 

नान हाजकिन लिम्फोमा
वो मरीज़ जिनमें नान हाजकिन लिम्फोमा होता है उनमें जीने की सम्भावना कैंसर की स्टेज, मरीज़ के स्वास्‍थ्‍य और चिकित्सा के रिस्पांस पर निर्भर करती है। 50 प्रतिशत से 80 प्रतिशत मरीज़ 5 वर्ष से अधिक समय तक जीवन यापन करते हैं। लिम्फोमा की वो स्थिति जो बहुत ज्यादा प्रभावी हो जाती है उसकी चिकित्सा कीमोथेरेपी से की जाती है, लेकिन कैंसर का यह प्रकार मृत्यु का कारक भी हो सकता है।

निम्न ग्रेड के लिम्फोमा का भी सामान्यत: इलाज नहीं होता है, लेकिन इससे जीने की सम्भावना कई गुना बढ़ जाती है, जिसका अर्थ है की जीने की सम्भावना कुछ स्थि‍तियों में 10 साल से अधिक समय तक हो जाती है।

 

[इसे भी पढ़ें : लिम्फोमा में ध्‍यान रखने वाली बातें]

 

बहुत से बच्चों में चिकित्सा‍ का प्रभाव अच्छा होता है, कुछ बच्चों में उच्च ग्रेड या आक्रामक प्रकार का नान हाजकिन लिम्फोमा होता है। 70 से 80 प्रतिशत बच्चे 5 साल या उससे अधिक समय तक जीवन यापन कर पाते हैं। दोनों प्रकार के लिम्फोमा के साथ यह ज़रूरी हो जाता है कि मरीज़ में दूसरे प्रकार के कैंसर से बचने के लिए मरीज़ की आजीवन निगरानी ज़रूरी हो जाती है। एक बार लिम्फोमा होने के बाद मरीज़ में दूसरे प्रकार के कैंसर के होने की सम्भावना बढ़ जाती है जो कि शुरूआती कैंसर के परिणामस्वरूप हो सकता है।


लिम्फोमा की संभावित अवधि
दूसरे प्रकार के कैंसर की ही तरह, अगर इसमें भी चिकित्सा समय पर न की जाए तो लिम्फोमा बढ़ता जाता है।

 

 

Read More Article on Lymphoma in hindi.

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