रेकी सीखने के स्तर

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 24, 2009
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रेकी के अलग अलग संस्थाओं का इन सिद्धांतों पर अलग अलग मत हो सकता है लेकिन हर संगठन लगभग  ऐसे हीं विचारों के ऊपर चलता है।

रेकी तीन चरणों में सीखा जाता है लेकिन कई प्रशिक्षण संस्थाएं चार या उससे ज्यादा चरणों में इसे सिखलातें हैं।
 
अगर कोई व्यक्ति रेकी सीखना चाहता है तो निम्न तीन चरणों में किसी प्रशिक्षक द्वारा इसे सीखा जाता है। इसे सीखने के बाद छात्र कुछ महीनों तक इसका अभ्यास  करता है।

  • रेकी का पहला डिग्री : शुरुआत में, रेकी सीखने के प्रशिक्षण के दौरान पहला पूरा दिन लग सकता है या दो आधे-आधे दिन लग सकते हैं।  शुरुआत में प्रशिक्षक छात्रों को रेकी का इतिहास बताता है तथा एकाध बार हाथों से अभ्यास करवाकर दिखलाता है। शरीर के भिन्न-भिन्न हिस्सों पर हाथ रखने से क्या-क्या परिणाम हो सकते हैं, इस बारे में भी बताया जाता है। पहली दीक्षा के बाद छात्र आत्म-चिकित्सा का अभ्यास कर सकने के अलावा हाथों से दूसरों का भी उपचार शुरू कर सकते हैं
  • रेकी का दूसरा डिग्री : जो छात्र रेकी का पहला डिग्री पूरा कर लेते हैं और दूसरा डिग्री लेने की इच्छा जताते हैं उन्हें उनका प्रशिक्षक पुनः कुछ और बातें सिखलाने लगता है। छात्र दूर से भी किसी रोगी का उपचार कर सकें इसके लिए उन्हें कुछ खास प्रतीकों एवं चिन्हों के बारे में जानकारी दी जाती है। रेकी के दूसरे डिग्री का प्रशिक्षण लेने के बाद छात्र प्रतीकों एवं चिन्हों के माध्यम से दूर से भी किसी के रोग का निदान करने में सक्षम हो जाते हैं। रेकी से वर्तमान दुःख तो दूर किये हीं जाते हैं, पुराने दुःख-तकलीफ भी इससे कम या पूरी तरह से ख़त्म किये जाते हैं। इससे भविष्य में होने वाले दुखों से भी बचाव किया जाता है।
  • रेकी का तीसरा डिग्री: इस स्थिति में छात्र रेकी में महारत हासिल कर लेता है और इस काबिल हो जाता है की दूसरों को रेकी सिखला सके। जब छात्र रेकी के दो डिग्री में सफलता पा चूका होता है और कुशलतापूर्वक रोगियों का उपचार करने लगता है तब उसे रेकी का तीसरा डिग्री सिखलाया जाता है जहाँ क्रिस्टल ग्रिड बनाना सिखलाया जाता है। क्रिस्टल ग्रिड की मदद से इस चिकित्सा को और ज्यादा शक्तिशाली बनाया जाता है एवं रोगी को और अधिक उर्जा दी जाती है। तीसरे डिग्री की रेकी चिकित्सा से दूर से इलाज में एवं निर्जीव चीजों के उपचार में भी  काफी फायदेमंद होता है।  रेकी चिकित्सा का लाभ मनुष्य एवं अन्य जीवित प्राणियों (जैसे जानवर) के अलावा, पेड़-पौधे एवं निर्जीव वस्तुओं  जैसे पृथ्वी इत्यादि को भी मिलता है। इनके अलावा यह रिश्तों में आई दूरी या दरार को भी कम करता है या पूरी तरह से मिटाता है।

अगर कोई छात्र  मास्टर के स्तर तक रेकी सीखना चाहता है तो उसे विशेष प्रशिक्षण द्वारा एवं कुछ खास चिनों की पढाई करवाकर  इस विद्या में पारंगत किया जाता है।

 

 

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