रेकी के सिद्धांत

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 24, 2013
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reiki ke siddhant

रेकी जापान की एक प्राचीन चिकित्सा प्रणाली है जिसे बीसवीं सदी में डॉक्टर मिकाओ ऊसुई द्वारा पुनः खोज की गई थी। 

 

[इसे भी पढ़े- रेकी]

रेकी (जिसका उच्चारण रे और की किया जाता है) का शाब्दिक अर्थ है सार्वभौमिक ऊर्जा। 'रे' का अर्थ है 'सार्वभौमिक' और 'की' का मतलब है 'ऊर्जा'। रेकी चिकित्सा प्रणाली का मानना है कि भगवान ने जिन्हें भी बनाया है उनमें प्राण(जीवन) यानि प्राण उर्जा होती है। मानसिक, शारीरिक एवं भावनात्मक रूप से शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आपके शरीर में इस  उर्जा को संतुलित रूप से बंटा रहना चाहिए। किसी भी कारण से इस उर्जा के प्रवाह में बाधा आने से आपका शरीर कई बीमारियों का शिकार होने लगता है।

 

[इसे भी पढ़े- रेकी की सीमाएं]

 

रेकी शरीर की प्राकृतिक रूप से उपचार करने की शक्ति को सार्वभौमिक ऊर्जा के साथ जोड़ता है।

 

रेकी उच्च आवृत्ति की उर्जा या प्राण के साथ किसी भी स्तर की समस्या का उपचार करता है। यह कोई धार्मिक प्रक्रिया नहीं है बल्कि आध्यात्मिक प्रक्रिया है जो ब्रह्मांड (प्रकृति) के सबसे शक्तिशाली शक्ति परमेश्वर के साथ जोड़ता है। रेकी की चिकित्सा में उपचार हाथों द्वारा किया जाता है लेकिन कुछ खास परिस्थतियों में दूर से भी कुछ चिन्ह द्वारा या कोई मंत्र द्वारा किया जाता है। रेकी  का उपचार या फायदा पाने के लिए किसी रेकी प्रशिक्षक की शरण में जाना होगा जो आपको कई चक्रों के द्वारा रेकी के स्रोत से जोड़ता है।

 

रेकी आपके भीतर के अंतर्ज्ञान और मानसिक क्षमताओं को बढाता है और आपकी सभी इन्द्रियाँ ठीक से काम करने लगती हैं। रेकी सीखना इतना सरल है कि इसे कोई भी सीख सकता है, यहाँ तक की रोग उपचार करने की इस विधि को बच्चे भी सीख सकते हैं। हालाँकि इस पद्धति को चिकित्सा विज्ञान का विकल्प नहीं समझाना चाहिए, परन्तु यह आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का सहयोग अवश्य करता है।

 

[इसे भी पढ़े- रेकी की तकनीक]

 

रेकी मूलतः एक ऐसी तकनीक है जो आपके दिमाग को तनाव से मुक्ति दिलाता है और मन हल्का करता है जिसकी वजह से आपका शरीर आपके अन्दर की बीमारियों को दूर भगा पाता है। किसी व्यक्ति के ऊपर हाथ रखकर रेकी की चिकित्सा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि रेकी का जो चिकित्सक रहता है वह हाथों द्वारा अपने जीवन की उर्जा शक्ति को आपके शरीर में प्रवाहित करता है। रेकी के अनुसार यही वो "जीवन शक्ति ऊर्जा" है जो हमें जिंदा रखता है। अगर आपके भीतर "जीवन शक्ति ऊर्जा" कम होगी तो आपके बीमार पड़ने के चांसेस ज्यादा रहेंगे तथा आपपर तनाव जल्दी हावी होगा जबकि आपके भीतर "जीवन शक्ति ऊर्जा" पर्याप्त मात्रा में होगी तो आप हर परिस्थिति में खुशहाल जिन्दगी जियेंगे और स्वस्थ रहेंगे। रेकी में व्यक्ति के पूरे शरीर, मन और आत्मा का उपचार होता है। इससे आपको अनेकों फायदे मिलतें हैं और आप शांति का अनुभव करते हैं तथा आप खुद को बहुत अच्छा महसूस करते हैं।

 

रेकी (प्राकृतिक चिकित्सा) उपचार करने का एक अध्यात्मिक तरीका है जो बहुत हीं सरल है और सबके लिए सुरक्षित भी। यह लगभग सभी रोगों के उपचार में प्रभावकारी है और शरीर तथा मन की हर समस्या में फायदा पहुंचाता है। इस चिकित्सा का उपयोग किसी भी अन्य चिकित्सा पद्वति के साथ किया जा सकता है। इससे रोगी को और लाभ हीं मिलता है।

 

[इसे भी पढ़े- रेकी सीखने के स्तर]

रेकी पाँच सिद्धांतों पर काम करता है जिन्हें अमल में लाने पर जीवन में खुशियाँ एवं शांति मिलती है। रेकी के वे पांच सिद्धांत, जिनसे आनंद पाया जा सकता है वे इस प्रकार हैं-

  • बस आज भर मैं आभारी रहने वाला रवैया अपनाये रहूँगा।
  • सिर्फ आज के लिए मैं गुस्सा नहीं करूंगा। 
  • बस आज के लिए मैं चिंता नहीं करूंगा।
  • बस आज भर मैं ईमानदारी से काम करूँगा।
  • सिर्फ आज के लिए मैं सभी प्राणियों और लोगों से प्यार और सम्मान के साथ पेश आऊँगा।

 

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